सतना। मध्य प्रदेश के सतना से धर्मनगरी चित्रकूट को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के डामरीकरण कार्य में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। करीब 79 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर किए जा रहे बीटी रिन्यूवल कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की कटनी इकाई ने इस परियोजना की लागत 20.64 करोड़ रुपये निर्धारित की थी, लेकिन ठेका रीवा की कंपनी आराध्या श्रीराम प्रायवेट लिमिटेड को करीब 42 प्रतिशत कम दर पर 12.52 करोड़ रुपये में दे दिया गया। आरोप है कि लागत में भारी कटौती का असर अब निर्माण की गुणवत्ता पर दिखाई देने लगा है।
बताया जा रहा है कि सड़क के डामरीकरण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। हनुमान धारा से मंदाकिनी के मोहकमगढ़ ब्रिज के बीच डीबीएम और बिटुमिनस कांक्रीट कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, खराब सड़क की पुरानी परत हटाकर पहले 60 एमएम मोटी डीबीएम लेयर और उसके बाद 40 एमएम बिटुमिनस कांक्रीट की फाइनल लेयर डाली जानी चाहिए थी, लेकिन मौके पर ऐसा नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि कई स्थानों पर पुरानी कांक्रीट सड़क के ऊपर सीधे डामर बिछा दिया गया है। हाल ही में बनी सड़क पर जगह-जगह उखड़ती डामर और पैबंदनुमा धब्बे घटिया निर्माण की पोल खोल रहे हैं।
आरोप यह भी है कि पहले 10 मीटर चौड़ी प्रस्तावित सड़क को घटाकर 7 मीटर कर दिया गया, जिससे सड़क सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि साइड शोल्डर पर डाली जा रही मिट्टी बारिश में बह सकती है और इससे फिसलन व सड़क हादसों का खतरा बढ़ेगा।
गौरतलब है कि सतना-चित्रकूट मार्ग मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और यात्री आवागमन करते हैं।
वहीं, मामले में कटनी एनएचएआई के साइट इंजीनियर हिमांशु सिंह ने कहा कि जहां सड़क खराब हुई है, वहां ठेकेदार को काम हटाकर दोबारा निर्माण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि गुणवत्ता नियंत्रण के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही सड़क की चौड़ाई 7 मीटर करना पहले से तय प्रोजेक्ट का हिस्सा बताया गया।












