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बालू माफियाओं ने सोन कैनाल नहर को क्षतिग्रस्त कर किया विध्वंस, सरकार की करोड़ों की क्षति किसान त्राहिमाम

 

पटना 21 मई ( तरूणमित्र ) । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कर दिया है की कानून का पालन सभी को करना होगा । इधर- उधर किए तो एक माह में नपना तय है । इसका असर आना शुरू हो गया है , लापरवाही के आरोप में निलंबित की कार्रवाई की गई है । बालू माफियाओं को संरक्षण देने वाले पदाधिकारी भी होशियार हो जाइए, जल्द गाज गिर सकती है वरना कार्रवाई करने में कोई चूक न करें । सूचना पक्की है और सबूत भी साथ है । बालू माफियाओं ने सोन कैनाल नहर को काटकर क्षतिग्रस्त कर दिया है । जिससे सरकार को करोड़ों की क्षति तो हुई ही है , किसानों में त्राहिमाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है चिंता में डूबे हैं की सिंचाई कैसे होगी । 
 
 
          पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है की बालू माफियाओं ने पटना जिला के सोन कैनाल अंतर्गत धाना – परेव सिंचाई नहर को काटकर पुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है । जीपीएस युक्त फ़ोटो और वीडियो देखने से स्पष्ट लग रहा है यह तार दिन पहले लिया गया है तो सवाल उठता है की क्या सोन कैनाल के पदाधिकारी अपने कैनाल ( नहर ) का निरीक्षण नहीं कर रहें । ए सी कमरे में बैठकर सिर्फ़ फाइल निपटाने में लगे हुए है । जबकि सोन कैनाल नहर को सुरक्षित रखने के लिए चौकीदार , कनीय अभियंता, सहायक अभियंता पदस्थापित है और सभी सही तरह से काम करें इसके लिए खगौल में कार्यपालक अभियंता बैठते है । जबकि सरकारी नियमों के अनुसार 15 जून से मानसून सत्र शुरू हो जाता है । इसके पूर्व सोन कैनाल नहर – नदी की निरीक्षण अहम हो जाता है और अगर कहीं क्षतिग्रस्त है तो उसे ठीक कराया जाता है । यहां तो धाना – परेव कैनाल को बालू माफियाओं ने काटकर पुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है ।
 
 
            अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर द्वारा लगाए गए आरोप पर सोन कैनाल के पदाधिकारी ने नाम न छापने के शर्त पर दबे ज़ुबान बोला की हम लोग क्या करें । धाना – परेव कैनाल ( बांध ) पर मालवाहक गाड़ियों का परिचालन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है । बाँध और नहर को क्षतिग्रस्त करने को लेकर बीते वर्ष रानीतलाब और बिहटा थाना में एफ़आइआर दर्ज कराया गया था । पुलिस ने आजतक कोई कार्रवाई नहीं किया है । ग़ैर क़ानूनी रूप से मालवाहक गाड़ियों के परिचालन को रोकने के लिए लोहे का मज़बूत बैरियर लगाया गया था उसे भी कबाड़ कर चोरी कर लिया । पुलिस कार्रवाई करती तो प्रतिबंधित रास्ते पर मालवाहक वाहन नहीं चलता और न नहर क्षतिग्रस्त होता । 
             अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर के आवेदन पर डीएसपी- 2 पंकज कुमार शर्मा ने बिक्रम , दुल्हिनबाजार , रानीतलाब थाना प्रभारी को पत्र लिखकर सख़्ती से कार्रवाई करने को कहां है । अब देखना है की संबंधित थाना की पुलिस कार्रवाई करती है या बालू माफियाओं के वाहनों का परिचालन शुरू रहता है । इधर मणिभूषण प्रताप सेंगर ने कहां की मेरे आवेदन पर वर्ष 2024  में एक कमिटी बनी थी ,संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया था । सोन कैनाल नहर का क्षतिग्रस्त होने से सरकार को करोड़ों की क्षति हुई है , इसकी पूर्ति- वसूली के लिए न्यायालय में याचिका दाखिल करूंगा । 
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