Homeदेश (National)LTTE, प्रभारकण, राजीव गांधी और विजय, तमिल राजनीति में फंसते जा रहे...

LTTE, प्रभारकण, राजीव गांधी और विजय, तमिल राजनीति में फंसते जा रहे राहुल गांधी?

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर देशभर में उन्हें याद किया गया। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली में वीर भूमि पहुंचकर राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी। इस बीच तमिलनाडु में लगभग 6 दशक बाद कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार में शामिल हुई है। इस बीच कांग्रेस के मंत्री ने तमिलनाडु के सीएम विजय की कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ लेते हुए राजीव गांधी को याद किया। कुछ दिन पहले विजय ने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के फाउंडर वी प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी थी। प्रभाकरण इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारतीय जनता पार्टी राहुल गांधी पर हमलावर है।

इस बीच विजय के प्रभाकरण को लेकर दिए पुराने बयान भी एक बार फिर से चर्चा में हैं। सीएम बनने के बाद जब विजय ने LTTE के संस्थापक वेलुपिल्लई प्रभाकरण को श्रद्धांजलि दी तो यह एक बड़ा राजनीतिक बवाल बन गया खासकर दिल्ली की राजनीति में। बीजेपी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी ने जिस व्यक्ति (सीएम विजय) के साथ सरकार बनाई है उस व्यक्ति ने उन्हीं के पिता के हत्यारे को श्रद्धांजलि दी।

यह भी पढ़ें: जबरदस्त फैन फॉलोइंग, Gen-Z और सोशल मीडिया Buzz, किधर जा रही कॉकरोच जनता पार्टी?

कौन था प्रभाकरण?

वेलुपिल्लई प्रभाकरण श्रीलंका के तमिल उग्रवादी संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) का संस्थापक सदस्य और प्रमुख था। उनका जन्म 26 नवंबर 1954 को श्रीलंका के जाफना इलाके में हुआ था। उसने 1976 में LTTE की स्थापना की थी। इस संगठन का मकसद श्रीलंका के उत्तर और पूर्वी हिस्सों में तमिलों के लिए अलग देश ‘तमिल ईलम’बनाना था। प्रभाकरण को दुनिया के सबसे खतरनाक उग्रवादी नेताओं में गिना जाता था।

राजीव गांधी से कैसे जुड़ा नाम?

देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 1991 में हुई हत्या के पीछे भी LTTE और प्रभाकरण का नाम सामने आया था। 1987 में भारत ने श्रीलंका में शांति सेना भेजी थी। इसके बाद भारतीय सेना और लिट्टे के बीच संघर्ष हुआ। माना जाता है कि इसी के बाद प्रभाकरण भारत और खासकर राजीव गांधी के खिलाफ हो गया। 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में राजीव गांधी की आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के पीछे भी LTTE और प्रभाकरण का नाम सामने आया था।

1987 में भारत ने श्रीलंका में शांति सेना भेजी थी। इसके बाद भारतीय सेना और LTTE के बीच संघर्ष हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच में माना गया कि LTTE इसी संघर्ष के बाद से राजीव गांधी के खिलाफ हो गई थी। इसके बाद ही LTTE ने राजीव गांधी की हत्या का प्लान बनाया। इसके बाद से भारत की राजनीति में प्रभाकरण एक विवादित नाम बने हुए हैं। इसके बाद LTTE को भारत में बैन कर दिया गया था।

यह भी पढ़ें: स्कूलों के बाद मदरसों में भी गाना होगा वंदे मातरम, बंगाल की BJP सरकार का आदेश

राहुल गांधी पर उठे सवाल

राजीव गांधी की जयंती के मौके पर यह विवाद इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि कांग्रेस लगातार राजीव गांधी की विरासत और उनके योगदान को सामने रखती रही है। आज जब पूरे देश में कांग्रेस कार्यकर्ता राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें याद कर रहे हैं तो तमिलनाडु में हुए घटनाक्रम को लेकर बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर है। इस मुद्दे पर बीजेपी के मीडिया सेल के चीफ अमिक मालवीय ने कांग्रेस नेता पर तंज कसा। अमित मालवीय ने राहुल गांधी को याद दिलाया कि उनके पिता की हत्या में LTTE का हाथ था।

उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने LTTE चीफ वेलुपिल्लई प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी है, जिसके संगठन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी। राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि कांग्रेस सत्ता में शामिल है। DMK भी LTTE का समर्थक था फिर भी कांग्रेस उसके साथ गठबंधन में रही।’


RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments