सिद्धार्थनगर के खुनियांव ब्लॉक सभागार में मंगलवार को ब्लॉक स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना था। इसमें पांच ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई। विचार-विमर्श के बाद परसा, शनिचरा, खखरा-खखरी, बरगदवा पश्चिमी और बहादुरपुर नवीन ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन ग्राम पंचायतों में बाल श्रम रोकने और बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक को संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राजेन्द्र दुबे ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के भविष्य के लिए एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों को शिक्षा से जोड़कर ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है। दुबे ने सभी संबंधित विभागों, ग्राम स्तरीय समितियों और सामाजिक संगठनों से समन्वय स्थापित कर कार्य करने का आह्वान किया। इस दौरान समिति के सदस्यों को बाल श्रम उन्मूलन, बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रत्येक बच्चा विद्यालय से नहीं जुड़ेगा, तब तक बाल श्रम का पूर्ण उन्मूलन संभव नहीं है। इसके लिए समुदाय की सक्रिय सहभागिता और नियमित निगरानी आवश्यक है। बैठक में श्रम विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, बाल संरक्षण इकाई, स्वास्थ्य विभाग तथा मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान के क्षेत्र समन्वयक तेज नारायण और हेमंत गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। एडीओ पंचायत आशुतोष मिश्रा ने अन्य ग्राम पंचायतों को भी बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।
सिद्धार्थनगर में 5 ग्राम पंचायतें बाल श्रम मुक्त घोषित:खुनियांव ब्लॉक में प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित
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