बहराइच में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। देहात इंडिया बहराइच ने एक्सेस टू जस्टिस (A2J) परियोजना के तहत गुरुवार को यह अभियान शुरू किया। हुजूरपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत सरवा स्थित कुट्टी बाबा स्थान और जिगनिया के मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन कार्यक्रमों में उपस्थित पुजारियों और धर्मगुरुओं ने बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनी रूप से एक अपराध है, बल्कि यह मासूम बच्चों की शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और उनके समग्र विकास के अधिकारों का सीधा उल्लंघन भी है। धर्मगुरुओं ने अपने संदेश में बताया कि बाल विवाह समाज की प्रगति में एक बड़ी बाधा है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से इस कुरीति को दूर करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि प्रत्येक बच्चे को पढ़ने-लिखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, ताकि कोई भी बचपन कम उम्र में विवाह के बंधन में न बंधे। जागरूकता अभियान के दौरान, देहात इंडिया की टीम ने ग्रामीणों और समुदाय के लोगों को जागरूक करने वाले पर्चे वितरित किए। इसके साथ ही, बाल विवाह को रोकने और उसकी गुप्त सूचना देने के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि यदि उन्हें अपने आस-पास कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिलती है, तो वे तुरंत संबंधित विभागों और हेल्पलाइन पर इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते इस सामाजिक अपराध को रोका जा सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। इस विशेष अभियान को स्थानीय जनता का भरपूर और सकारात्मक सहयोग मिला। कार्यक्रम के अंत में, वहां मौजूद सभी लोगों ने एक साथ बाल विवाह को रोकने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने की शपथ ली।
बहराइच में धर्मगुरुओं ने बाल विवाह के खिलाफ छेड़ा अभियान:कहा- यह बच्चों की शिक्षा और विकास में बाधा
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