श्रावस्ती जनपद में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 9 से 17 जून तक नाइट ब्लड सर्वे (एनबीएस) कराया जाएगा। इस सर्वे के माध्यम से जिले में फाइलेरिया संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की रणनीति और नियंत्रण उपाय निर्धारित किए जाएंगे। इसकी तैयारियों के तहत सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, भिनगा में ब्लॉक स्तरीय लैब टेक्नीशियनों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम में लैब टेक्नीशियनों को रक्त नमूना संग्रहण, स्लाइड निर्माण, माइक्रोफाइलेरिया की जांच प्रक्रिया और रिपोर्टिंग से जुड़ी तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।
सीएमओ डॉ. सिंह ने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे के तहत जनपद के चार विकास खंडों के 12 चयनित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों की उंगली से रक्त की बूंद लेकर जांच के लिए स्लाइड तैयार करेंगी। प्रत्येक ब्लॉक में दो रैंडम और एक सेंटीनल गांव का चयन किया गया है। इनमें इकौना ब्लॉक के मदरा, कैलाशपुर व कंजरवा; हरिहरपुर रानी ब्लॉक के भंगहा, कोकल व पटना खरगौरा; सिरसिया ब्लॉक के भगवानपुर, चिल्हरिया व पड़वालिया; तथा जमुना ब्लॉक के शिकारचौड़ा, हरिहरपुर बाद व बधनी गांव शामिल हैं।
प्रशिक्षण के दौरान नोडल संचारी रोग अधिकारी डॉ. उदयनाथ ने बताया कि फाइलेरिया फैलाने वाले सूक्ष्म परजीवी दिन के समय शरीर की गहरी रक्त वाहिकाओं में रहते हैं और रात में सतही रक्त प्रवाह में सक्रिय होते हैं। इसी कारण रक्त के नमूने केवल रात 10 बजे से तड़के 2 बजे के बीच ही लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि नाइट ब्लड सर्वे से संक्रमण की वास्तविक स्थिति सामने आती है, जिससे दवा वितरण और अन्य नियंत्रण गतिविधियों की प्राथमिकता तय करने में मदद मिलती है। जिला मलेरिया अधिकारी आलोक कुमार ने सर्वे के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, रिकॉर्ड संधारण और समयबद्ध रिपोर्टिंग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जनसहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए कहा कि लोगों को बिना किसी संकोच के जांच करानी चाहिए, ताकि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।
श्रावस्ती में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए नाइट ब्लड सर्वे:9 से 17 जून तक 4 ब्लॉकों के 12 गांवों में होगा रक्त परीक्षण
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