श्रावस्ती में पिछले 6 दिनों से एक गाय का अनोखा व्यवहार ग्रामीणों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। एक किसान के खेत में यह गाय लगातार गोल-गोल परिक्रमा कर रही है। हैरानी की बात यह है कि दिनभर बिना थके चक्कर काटने वाली यह गाय किसी का दिया हुआ चारा नहीं खाती। बल्कि केवल शाम के समय ही सीमित मात्रा में चारा और पानी लेती है। आस-पास के क्षेत्रों से लोगों की भीड़ यह देखने और गाय की पूजा-अर्चना करने के लिए उमड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गाय को पहले एक स्थानीय मंदिर परिसर में देखा गया। वहां से लौटने के बाद ही उसने खेत के चक्कर लगाना शुरू कर दिया। कई लोग इसे दैवीय चमत्कार और ईश्वर के प्रति गाय की भक्ति बता रहें हैं। वहीं विज्ञान और चिकित्सा जगत का नजरिया काफी अलग है। पशु चिकित्साधिकारी इसे एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी का संकेत बताया है। हालांकि, चिकित्सकों द्वारा किए गए उपचार के बाद भी गाय की इस स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। उसकी परिक्रमा निरंतर जारी है। फिलहाल यह घटना क्षेत्र में विज्ञान बनाम आस्था की बहस का विषय बनी हुई है। मामला ग्राम पंचायत बसभरिया से जुड़ा बताया जा रहा है। पहले 2 तस्वीरें – अब मामला विस्तार से पढ़िए … मामला गिलौला क्षेत्र के ग्राम पंचायत बसभरिया के रहने वाले सिपाही लाल केवट के खेत से जुड़ा है। उनके खेत में एक गाय पिछले छह दिनों से लगातार गोल-गोल चक्कर काट कर परिक्रमा कर रही है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इतने दिनों से लगातार घूमने के बाद भी गाय के चेहरे पर थकान नहीं है। वह पूरा दिन बस परिक्रमा करती रहती है और किसी का दिया हुआ चारा भी नहीं खाती। बस शाम के वक्त वह बहुत थोड़ा सा चारा खाती है और पानी पीती है। मंदिर से लौटने के बाद शुरू की परिक्रमा ग्रामीणों के मुताबिक, इस सिलसिले की शुरुआत पिछले शुक्रवार को हुई थी। गाय को सबसे पहले गांव के ही एक मंदिर के पास देखा गया था। वहां से लौटने के बाद ही उसने सिपाही लाल के खेत में आकर परिक्रमा शुरू कर दी। हैरान करने वाली बात यह भी है कि दिनभर परिक्रमा के दौरान गाय किसी का दिया हुआ चारा स्वीकार नहीं करती। वह केवल शाम के वक्त ही बेहद हल्का चारा खाती है और पानी पीती है। डॉक्टरों ने बताया दिमागी बीमारी, पर इलाज बेअसर दूसरी तरफ, विज्ञान और चिकित्सा जगत इस घटना को अलग नजरिए से देख रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विनय सिंह ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर गाय का परीक्षण किया। डॉक्टर्स के मुताबिक, यह गाय के मस्तिष्क से जुड़ी एक विशेष बीमारी (न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर) का लक्षण हो सकता है, जिसमें पशु एक ही ढर्रे पर लगातार घूमता रहता है। जब डॉक्टरों ने उसे दवा और इंजेक्शन दिया, तब उसकी आंखों से आंसू भी निकले थे। हालांकि, चिकित्सा दल के प्रयासों और इलाज के बाद भी गाय की परिक्रमा का सिलसिला थमा नहीं है। फिलहाल यह घटना पूरे इलाके में आकर्षण और चर्चा का विषय बनी हुई है। पशु चिकित्साधिकारी विनय सिंह ने इस व्यवहार को मानसिक बीमारी बताया है। रविवार को इलाज के दौरान गाय की आंखों से आंसू निकले थे, लेकिन इलाज के बाद भी गाय ने अपनी परिक्रमा जारी रखी। ग्रामीण इसे एक चमत्कार मान रहे हैं।
6 दिन से खेत के चक्कर काट रही गाय:ग्रामीण दैवीय शक्ति मान तिलक करने पहुंचे, केवल शाम में लेती है चारा-पानी
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