जिलाधिकारी ने बच्चों से काम कराने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और नियोजकों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के दिये निर्देश
श्रावस्ती। जनपद को वर्ष 2026-27 तक पूर्ण रूप से बाल श्रम मुक्त बनाने के संकल्प के साथ जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में एवं मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद की उपस्थिति में ’’बाल श्रम उन्मूलन समिति/जिला टास्क फोर्स’’ की बैठक कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कक्ष में संपन्न हुई। इस बैठक में जनपद की चिन्हित 19 हॉटस्पॉट ग्राम पंचायतों को बाल श्रम से पूरी तरह मुक्त करने का सर्वसम्मति से अनुमोदन पारित किया गया।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पूरे श्रावस्ती जनपद को वर्ष 2026-27 तक बाल श्रम से पूरी तरह निजात दिलाने के लिए सम्बन्धित को निर्देशित किया। इसके तहत संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने, चिन्हित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके परिवारों के आर्थिक पुनर्वासन पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने बच्चों से काम कराने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और नियोजकों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी विभागों और सहयोगी संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ धरातल पर काम करने और बाल श्रम में संलिप्त लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया है।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 ए0के0 सिंह, सहायक श्रमायुक्त राजबहादुर यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आकांक्षा रावत सहित एक्शन एड, देहात इंडिया और ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट, मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।












