डुमरियागंज क्षेत्र के वार्ड संख्या 14 कृष्णानगर में संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया गया। गुरुवार रात कथा के दूसरे दिन पंडित राकेश शास्त्री महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने ज्ञान, वैराग्य, भक्ति तथा गोकर्ण-धुंधकारी प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए धर्म और सदाचार का संदेश दिया। शास्त्री महाराज ने कहा कि संसार में कोई कितना भी अत्याचारी, पापाचारी, लोभी, कपटी अथवा कुमार्गी क्यों न हो, उसे कभी वास्तविक शांति प्राप्त नहीं हो सकती। मनुष्य के जीवन में सच्ची शांति और कल्याण केवल भगवान की भक्ति एवं सत्संग से ही संभव है। कथावाचक ने गोकर्ण और धुंधकारी की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि धुंधकारी ने जीवन भर पाप कर्म किए थे, जिसके कारण उसे मृत्यु के बाद भी मुक्ति नहीं मिली। गोकर्ण जी द्वारा गया में पिंडदान किए जाने के बाद भी जब धुंधकारी को मोक्ष प्राप्त नहीं हुआ, तब गोकर्ण ने उसकी मुक्ति का उपाय खोजा। आकाशवाणी के माध्यम से यह संदेश मिला कि श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रद्धापूर्वक श्रवण ही ऐसा दिव्य साधन है, जो बड़े से बड़े पापी को भी भवसागर से पार लगाकर मोक्ष प्रदान कर सकता है। इस दौरान ईश्वर चंद्र अग्रहरि, राजकुमार, रंजीत, राजन, शिवा, राजेश, दिवाकर, दीपू सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मोक्ष की प्राप्ति श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से संभव:पं. राकेश शास्त्री ने दिया धर्म और सदाचार का संदेश
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