सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज में भीषण गर्मी के कारण धान की नर्सरी पीली पड़ रही है, जिससे किसानों में चिंता बढ़ गई है। जून की शुरुआत से ही तेज धूप और उच्च तापमान के कारण खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे नर्सरी के खराब होने की आशंका है। पिछले एक सप्ताह से तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। इस अत्यधिक गर्मी का असर बोई गई फसलों पर पड़ रहा है। खासकर, सब्जियों की फसलें मुरझाने लगी हैं, और धान की नर्सरी भी सूखने के कगार पर पहुंच गई है। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के डॉ. मारकंडेय सिंह ने बताया कि यदि धान की नर्सरी पीली या सफेद हो रही है, तो प्रति टंकी 300 ग्राम यूरिया, 75 ग्राम जिंक सल्फेट, 75 ग्राम फेरस सल्फेट और 23 मिलीग्राम प्रोपिकोनाजोल का घोल बनाकर छिड़काव करें। उन्होंने सलाह दी कि छिड़काव करते समय हवा न बह रही हो। डॉ. सिंह ने किसानों को यह भी सुझाव दिया कि वे शाम को खेतों में पानी लगाएं और सुबह उसे निकाल दें, जिससे नर्सरी को लाभ होगा। उन्होंने जोर दिया कि भीषण गर्मी को देखते हुए खेतों में नमी बनाए रखना आवश्यक है, ताकि नर्सरी सूखने न पाए। समय-समय पर सिंचाई करते रहना महत्वपूर्ण है।
गर्मी से धान की नर्सरी पीली, किसान चिंतित:डुमरियागंज में कृषि वैज्ञानिकों ने बताए बचाव के उपाय
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