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सिर्फ पेपर लीक नहीं, तमाम गलत कामों का अड्डा बन गया है टेलीग्राम, समझिए कैसे

नीट पेपर लीक के बाद अब भारत में 21 जून को फिर से नीट की परीक्षा होगी। इस परीक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह से सुरक्षा इंतजाम कर रही है। पेपर लीक ना हो इसके लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय ने कुछ दिनों के लिए टेलीग्राम ऐप को बैन कर दिया गया, ताकि पेपर लीक न हो। सरकार टेलीग्राम को पेपर लीक का माध्यम मान रही है और इससे पहले भी कई बार टेलीग्राम सवालों के घेरे में आया है।

टेलीग्राम एक मैसेजिंग ऐप की तरह काम करता है। यह व्हाट्सएप की तरह ही है लेकिन इसके कुछ फीचर्स इससे अलग हैं। इसमें ग्रुप्स के जरिए लाखों लोग एक दूसरे से जुड़ सकते हैं और कॉन्टेंट शेयर कर सकते हैं। टेलीग्राम पर वीडियो, फोटो और फाइल में कॉन्टेंट शेयर किया जाता है। बच्चों के पढ़ाई के नोट्स, वीडियो क्लास से लेकर किसी व्यक्ति से बात करने तक में टेलीग्राम का इस्तेमाल होता है।

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टेलीग्राम पर क्यों उठ रहे सवाल?

कई रिपोर्ट्स में सामने आया है कि टेलीग्राम ऐसे कंटेट को शेयर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो किसी और प्लेटफॉर्म पर शेयर नहीं किया जा सकता। इसमें अश्लील वीडियो से लेकर कॉपीराइट वाली फिल्म, वीडियो, फोटो और पेपर भी शामिल हैं। टेलीग्राम पर सैकड़ों ग्रुप्स बने हुए हैं जिनमें कई फिल्में रिलीज होते ही पहुंच जाती हैं। इसके साथ ही प्रतिबंधित वीडियो कंटेट भी टेलीग्राम के जरिए लोगों तक पहुंच जाता है। इस एक पर कॉपीराइट का भी कोई इश्यू नहीं है।

ग्रुप्स पर वायरल होती हैं चीजें

टेलीग्राम की सबसे बड़ी ताकत उसका वही फीचर माना जाता है जो उसे सबसे ज्यादा विवादों में भी लाता है। यहां चैनल और ग्रुप के जरिए बहुत बड़ी संख्या में लोग एक साथ जुड़ सकते हैं। एक एडमिन हजारों या लाखों लोगों तक कुछ ही मिनटों में फाइल, वीडियो, पीडीएफ और लिंक पहुंचा सकता है। यही वजह है कि कई बार यहां परीक्षा सामग्री बेचने, कथित लीक शेयर करने, फर्जी निवेश योजनाएं चलाने और कॉपीराइट वाले कंटेंट बांटने के नेटवर्क तेजी से फैलते हैं।

कॉपीराइट का उल्लंघन

टेलीग्राम के जरिए प्रतिबंधित कंटेट तो शेयर किया ही जाता है इसके साथ ही किसी की मेहनत से बने कंटेट को बिना कॉपीराइट के शेयर किया जाता है। इसी साल मार्च महीने में सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को नोटिस जारी कर 3,000 से ज्यादा चैनलों से कंटेट हटाने के लिए कहा। सराकर ने बताया कि इन 300 से ज्यादा चैनलों पर कॉपीराइट कंटेट उपलब्ध था। मंत्रालय ने सूचना और प्रोद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत टेलीग्राम को पायरेटेड कंटेट हटाने का निर्देश दिया था। कई ओटीटी प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के खिलाफ शिकायत करते रहते हैं।

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गलत काम का अड्डा बना

टेलीग्राम के जरिए वह सारे काम किए जाते हैं जो अन्य सोशल मीडिया या कंटेट शेयरिंग प्लेटफॉर्म पर नहीं किए जा सकते। यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कंटेट शेयर करने को लेकर सख्त दिशा निर्देश हैं और इन निर्देशों का पालन ना करने पर यूट्यूब शेयरिंग पर प्रतिबंध लगा देता है और कई बार तो चैनल ही उड़ा देता है। किसी का कंटेट कॉपी करने पर कॉपीराइट स्ट्राइक दी जाती है लेकिन टेलीग्राम पर इस तरह का कुछ भी नियम नहीं है और अगर है तो उसका पालन नहीं किया जाता है। आज के समय में तमाम गलत कामों का अड्डा टेलीग्राम बन गया है।

  • पायरेटेड कंटेट शेयर करने, फिल्म और कॉपीराइट कंटेट चोरी करना
  • डेटा लीक और चैटबॉट नेटवर्क
  • साइबर क्राइम , फर्जी टूल्स, मालवेयर, पायरेटेड सॉफ्टवेयर का अड्डा
  • फर्जी नौकरी और निवेश के कई ग्रु्प्स के जरिए धोखाधड़ी
  • कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम का अभाव
  • अश्लील कंटेट का अड्डा


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