HomeHealth & Fitnessश्रीराम-सीता विवाह प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, कथा पंडाल में उमड़ी भीड़

श्रीराम-सीता विवाह प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, कथा पंडाल में उमड़ी भीड़

उतरौला (बलरामपुर) । रामेश्वरम मैदान, आर्यनगर में आयोजित द्वितीय संगीतमयी पंचदिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव एवं सनातन उद्बोधन कथा के चौथे दिन शुक्रवार को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा वाचिका साध्वी अमृता त्रिपाठी ने प्रभु श्रीराम के विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं मार्मिक वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा पंडाल में देर शाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और पूरा वातावरण जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजता रहा।

कथा का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके उपरांत साध्वी अमृता त्रिपाठी ने माता सीता के स्वयंवर, भगवान शिव के धनुष भंग तथा श्रीराम-सीता विवाह की दिव्य एवं अलौकिक लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम और माता सीता का विवाह केवल दो व्यक्तियों का वैवाहिक बंधन नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा, त्याग, प्रेम और आदर्श जीवन मूल्यों का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन मानवता को सत्य, कर्तव्य और मर्यादा का संदेश देता है।

कथा के दौरान साध्वी अमृता त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान समय में परिवार और समाज को श्रीराम के आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि श्रीराम का चरित्र प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में सदाचार, सेवा, संयम और कर्तव्यनिष्ठा का मार्ग दिखाता है। कथा के संगीतमय प्रस्तुतीकरण ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों और राम नाम के संकीर्तन पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा कथा स्थल भक्तिमय वातावरण से भर गया।

इससे पूर्व गुरुवार को कथा के दौरान कर्म के महत्व, भगवान कार्तिकेय के जन्म, तारकासुर वध, पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के महत्व, माता पार्वती द्वारा भगवान शिव से श्रीराम कथा सुनने के आग्रह, प्रभु श्रीराम के अवतार के कारण तथा भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का विस्तार से वर्णन किया गया था। राम जन्मोत्सव के प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे थे और कथा स्थल पर भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला था।

शुक्रवार की कथा में महिला, पुरुष, बुजुर्ग एवं युवा श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण के साथ-साथ भजन-कीर्तन में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। कथा स्थल पर व्यवस्थाओं को लेकर आयोजक समिति के सदस्य लगातार सक्रिय रहे।

बाबा श्री दुःखहरणनाथ मंदिर सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पंचदिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का समापन 21 जून को पूर्णाहुति हवन एवं विशाल भंडारे के साथ होगा। समापन अवसर पर क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा एवं भंडारे का पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, धर्मप्रेमी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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