लखनऊ। मोहर्रम के 10वें दिन हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला में शहादत की याद में जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में ताज़िए, अलम और शामिल है अकीदतमंद काले कपड़े पहनकर मातम मनाते हुए नौहे (शोक गीत) पढ़ते हैं। जुलूस के अंत में ताज़ियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाता है।
पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे, हजरत इमाम हुसैन ने यजीद की सेना के खिलाफ इंसानियत और धर्म की रक्षा के लिए अपने 72 साथियों के साथ कर्बला के मैदान में शहादत दी थी। मड़ियांव इलाके के मोहिबुल्लापुर में यह जुलूस जुम्मे की नमाज के बाद दोपहर 2 बजे शुरू हुआ। लगभग 10 हजार अकीदतमंद अपनी ताजिया लेकर कर्बला की ओर निकले। यह जुलूस मोहिबुल्लापुर, नौबस्ता और गौस नगर से होते हुए मड़ियांव गांव स्थित कर्बला पहुंचा।
जुलूस सीतापुर रोड से भिटौली क्रॉसिंग मुड़कर मड़ियांव गांव की ओर बढ़ा और शाम 7 बजे तक अपने गंतव्य पर पहुंचा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अलीगंज एसीपी शशि प्रकाश और मड़ियांव थाना प्रभारी शिवानंद मिश्रा स्वयं जुलूस की निगरानी कर रहे थे। जुलूस के साथ भारी संख्या में पुलिस बल लगातार मौजूद रहा।












