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आंगनबाड़ी और प्राइमरी स्कूल होंगे हाईटेक, बच्चों को बेहतर सुविधा देने पर फोकस

लखनऊ। यूपी में अब आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों के बीच का तालमेल और बेहतर होने जा रहा है। योगी सरकार ने इसके लिए प्रदेशभर में ‘को-लोकेशन और मैपिंग’ अभियान को मिशन मोड पर शुरू किया है। इसका सीधा फायदा बच्चों की शुरुआती पढ़ाई (स्कूल रेडीनेस), बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा।

केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय और महिला-बाल विकास मंत्रालय के गाइडलाइंस के तहत यूपी में यह बड़ा बदलाव किया जा रहा है। महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) मोनिका रानी और बाल विकास सेवा व पुष्टाहार निदेशक हर्षिता माथुर ने इसके लिए संयुक्त निर्देश जारी किए हैं। इस पूरे अभियान को 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 

तय समय सीमा के भीतर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग, यू-डायस कोड अपडेट करने और हॉट कुक्ड मील पोर्टल पर डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे शिक्षा और बाल विकास दोनों विभागों के आंकड़ों में पारदर्शिता आएगी। जो आंगनबाड़ी केंद्र पहले से स्कूल परिसर के अंदर चल रहे हैं, उन्हें ‘को-लोकेटेड सेंटर’ के रूप में दर्ज किया जाएगा। 

स्कूल परिसर से बाहर लेकिन 200 मीटर के भीतर वाले केंद्रों को उसी स्कूल से जोड़ा जाएगा, ताकि ‘हॉट कुक्ड मील’ (गर्म पका भोजन) बच्चों तक समय से पहुंच सके। अगर स्कूल परिसर में जगह नहीं है, तो पास के स्कूल से मैपिंग होगी। इसके लिए शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर और ग्रामीण इलाकों में 1 किलोमीटर के दायरे वाले स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी। 

अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी को रोकने के लिए सख्त मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। हर जिले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी  और जिला कार्यक्रम अधिकारी संयुक्त रूप से पूरी प्रक्रिया और डेटा का सत्यापन करेंगे, जिससे आंकड़ों में कोई हेराफेरी न होने पाए।

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