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मध्य प्रदेश: 45 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, पूरे प्रदेश में पहुंचेगा मानसून

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के अगले 3 से 4 दिनों के भीतर आगे बढ़ने की संभावना है। अभी तक मानसून प्रदेश के 15 जिलों तक पहुंच चुका है, जबकि कई इलाकों में इसकी दस्तक का इंतजार है। इस बीच आज रविवार को भोपाल सहित 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी.

नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर में आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है।

वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में दिन के समय धूप रहने के बाद शाम के समय मौसम बदल सकता है। इन जिलों में हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं।

ग्वालियर-चंबल में अब भी गर्मी का असर
ग्वालियर-चंबल संभाग सहित प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून अभी तक नहीं पहुंचा है। इसके कारण गर्मी का असर बना हुआ है। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है।

कई जिलों में बारिश से राहत, कहीं नुकसान
शनिवार रात राजधानी भोपाल में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। शिवपुरी में मानसून की पहली तेज बारिश और आंधी ने नुकसान पहुंचाया।

तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। रतलाम में बारिश के कारण सड़कें और अंडरब्रिज जलमग्न हो गए, जबकि झाबुआ में भी जोरदार बारिश दर्ज की गई। विदिशा में दिनभर की उमस और गर्मी के बाद शाम को हुई बारिश से लोगों को राहत मिली।

सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश
प्रदेश में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है और कई जिलों में 4 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इससे प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़ों में सुधार हुआ है।

1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 107.3 मिमी (4.2 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 63.5 मिमी (2.5 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 41 प्रतिशत कम है।

24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी, यानी अब तक वर्षा के आंकड़ों में 9 प्रतिशत का सुधार हुआ है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 67 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी 16 प्रतिशत दर्ज की गई है।

 

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