नई दिल्ली। प्रयागराज में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की अनुमति निरस्त होने के बाद कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उत्तर प्रदेश सरकार पर कार्यक्रम को दबाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा कि प्रशासन दबाव बनाकर कार्यक्रम रद्द कराने की कोशिश कर रहा है लेकिन लाखों छात्रों के पंजीकरण वाले इस संवाद कार्यक्रम का आयोजन हर हाल में किया जाएगा।
कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, सांसद इमरान मसूद, तनुज पुनिया और किशोरी लाल शर्मा ने भाजपा सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से देशभर में छात्रों के मुद्दों को उठा रहे हैं। कोटा और देहरादून के बाद प्रयागराज में इसका आयोजन प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम के लिए लाखों छात्र पंजीकरण करा चुके हैं। कार्यक्रम निर्धारित स्थान पर ही होगा। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण सभा करना सभी का संवैधानिक अधिकार है।
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान के बाद ‘छात्रों की गूंज’ पूरे देश में सुनाई देने लगी है और भाजपा सरकार इससे घबरा गई है। सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले, कार्यक्रम होकर रहेगा।
अमेठी से सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास लोकतंत्र के खिलाफ है। कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
उल्लेखनीय है कि प्रयागराज में राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर उस समय अनिश्चितता पैदा हो गई, जब केपी कॉलेज प्रबंधन ने पहले दी गई अनुमति वापस ले ली। कायस्थ पाठशाला के कार्यवाहक अध्यक्ष चौधरी जितेंद्रनाथ सिंह ने प्रयागराज शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को भेजे पत्र में कहा कि कॉलेज के प्राचार्य की रिपोर्ट और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 14 अगस्त 2025 के आदेश के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है, ताकि छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
कॉलेज प्रबंधन ने पत्र में कहा कि निर्धारित तिथि पर कार्यक्रम होने से दो विद्यालयों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी। साथ ही बारिश के कारण खेल मैदान को नुकसान पहुंचने और उसकी मरम्मत में समय लगने की आशंका भी जताई गई। प्रबंधन ने कांग्रेस से कार्यक्रम अवकाश के दौरान या वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद आयोजित करने का आग्रह करते हुए पहले जारी अनुमति वापस लेने और जमा राशि वापस लेने की सूचना दी।












