श्रावस्ती के चौगोईं में 22 सफर (6 अगस्त, गुरुवार) को चेहल्लुम शोहदा-ए-करबला के अवसर पर मजलिस का आयोजन किया गया। इसके बाद अकीदत और गमगीन माहौल में जुलूस-ए-अज़ा निकाला गया। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 3:30 बजे मजलिस-ए-अज़ा से हुई। इसमें मौलाना सैयद अजीम अब्बास किबला ने करबला के शहीदों की कुर्बानियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मौला हुसैन के पैगाम को आम करने पर जोर दिया। मजलिस के तुरंत बाद चौगोईं से पारंपरिक जुलूस-ए-अज़ा शुरू हुआ है। जुलूस में अलम, ताजिया और दुलदुल के साथ बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। इस दौरान अंजुमन अब्बासिया (रजि.) नानपारा और अंजुमन हुसैनिया नासिरगंज के नौहेख्वान व मातमी दस्तों ने नौहाख्वानी की। उन्होंने जंजीरी और सीनाजनी कर शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश कर रहे हैं। आयोजक ‘अंजुमन सज्जादिया, चौगोईं’ की देखरेख में यह जुलूस अपने निर्धारित रास्तों से होते हुए स्थानीय करबला पहुंचेगा, जहां इसका समापन होगा। जुलूस को देखने और शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश करने के लिए आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं।
चौगोईं में चेहल्लुम का जुलूस निकला:अकीदतमंदों ने सीनाजनी कर शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की
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