श्रावस्ती जिले में कुपोषण से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने संयुक्त जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में मौजूद व्यवस्थाओं, कुपोषित बच्चों के उपचार, पोषण और देखरेख की स्थिति की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के समय जिलाधिकारी ने एनआरसी में भर्ती महिलाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, पोषाहार और दवाइयों के बारे में जानकारी ली। केंद्र में कुल 08 कुपोषित बच्चे भर्ती पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि उपलब्ध बेड के सापेक्ष शत-प्रतिशत बच्चों की भर्ती सुनिश्चित की जाए। उनका उद्देश्य था कि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार और पोषण मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एनआरसी की सेवाओं के बारे में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। इससे आमजन जागरूक होकर अपने कुपोषित बच्चों को उपचार के लिए केंद्र तक ला सकेंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कुपोषित बच्चों के उपचार और पोषण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एनआरसी भवन में साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित वातावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों को कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी करने और उनके स्वास्थ्य में हो रहे सुधार की लगातार समीक्षा करने का भी निर्देश दिया, ताकि बच्चों को जल्द स्वस्थ किया जा सके। जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग में हलचल देखी गई है। उम्मीद है कि एनआरसी की व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा कुपोषण के खिलाफ अभियान को बल मिलेगा।
श्रावस्ती में कुपोषण के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह अलर्ट:जिलाधिकारी ने एनआरसी का औचक निरीक्षण किया, आठ बच्चे मिले भर्ती
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