लखनऊ। जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाले सुपरवाइजर और प्रगणकों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। बुधवार शाम स्मार्ट सिटी कार्यालय में अपर नगर आयुक्त अभिनव रंजन श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई बैठक में साफ चेतावनी दी गई कि जो कर्मचारी अब तक ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए हैं, उनके खिलाफ 22 मई से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
बैठक में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह, विनय कुमार राय और सभी जोनल अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनगणना कार्य में लगे करीब 75 प्रतिशत सुपरवाइजर और प्रगणक प्रशिक्षण एवं ड्यूटी में शामिल हो चुके हैं, जबकि 25 प्रतिशत कर्मचारी अब तक अनुपस्थित हैं।

अपर नगर आयुक्त ने कहा कि ऐसे कर्मचारियों को 21 मई तक का अंतिम अवसर दिया जा रहा है। इसके बाद अनुपस्थित पाए जाने वाले सुपरवाइजर और प्रगणकों के खिलाफ जनगणना अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 22 मई से अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत यदि कोई नियुक्त अधिकारी बिना उचित कारण ड्यूटी से इनकार करता है या लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान है। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को तीन वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं, जिसमें पुलिस सीधे कार्रवाई कर सकती है।












