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बस्ती जिले के परसरामपुर क्षेत्र में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आई है। सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर कई स्थानों पर बंद पाए गए हैं, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। बेरता, नेदुला और कोहराए स्थित आरोग्य मंदिरों पर ताला लगा होने और स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित अनुपस्थिति की शिकायतें मिली हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इन केंद्रों पर अक्सर ताला लगा रहता है, जिससे मरीजों को इलाज और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पातीं। कोहराए स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर को लेकर विशेष शिकायतें सामने आई हैं। यहां तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) कथित तौर पर कई महीनों से नियमित रूप से केंद्र पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, मरीजों को मामूली बीमारियों के इलाज के लिए भी दूर के स्वास्थ्य केंद्रों पर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। हालांकि, अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण इन योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्थानीय निवासियों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से इस मामले की गहन जांच करने, संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित सेवाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संबंध में, डीसीपीएम दुर्गेश मल्य ने बताया कि मामले की तत्काल जानकारी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी अनुपस्थित पाए जाते हैं, तो उनके एक दिन का वेतन काटा जाएगा और यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
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परसुरामपुर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद:स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, ग्रामीण इलाज को भटक रहे
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