बहराइच के मिहींपुरवा स्थित भरतपुर गांव में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास कार्य में तेजी आई है। बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों और नोडल टीम की मौजूदगी में लगभग 100 मुख्यमंत्री आवासों की नींव खुदाई का कार्य शुरू किया गया। लंबे समय से धीमी गति से चल रही इस प्रक्रिया में आई तेजी से ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है। यह पुनर्वास योजना 29 अक्टूबर 2025 को कोड़ियाला नदी में भरतपुर गांव के लोगों से भरी नाव पलटने की घटना के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर तैयार की गई थी। जिलाधिकारी अभय त्रिपाठी के निर्देश पर प्रशासन ने विस्थापित परिवारों के लिए पुनर्वास स्थल का चयन कर शासन को प्रस्ताव भेजा था। मंजूरी मिलने के बाद दिसंबर माह में 136 लाभार्थियों के खातों में मुख्यमंत्री आवास योजना की पहली किस्त के रूप में 40-40 हजार रुपये भेजे गए थे। इसके बाद 25 मार्च को मुख्यमंत्री ने चयनित पुनर्वास स्थल का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए गांव का नाम भरतपुर घोषित किया था। उन्होंने जल्द गृह प्रवेश कराने की घोषणा भी की थी। हालांकि, पहली किस्त जारी होने के बावजूद चार महीनों तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया था, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही थी। इस देरी को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता व्यक्त की जा रही थी। पुनर्वास स्थल पर अधिकारियों की निगरानी में नींव खुदाई का कार्य शुरू कराया गया। अधिकारियों ने लाभार्थियों के आवंटित प्लॉटों का निरीक्षण भी किया। खंड विकास अधिकारी विनोद यादव ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर पुनर्वास से जुड़े सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरे कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल लगभग 100 मुख्यमंत्री आवासों की नींव खुदाई शुरू कर दी गई है और जल्द ही निर्माण कार्य को गति देकर विस्थापित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
भरतपुर पुनर्वास में आई तेजी:100 मुख्यमंत्री आवासों की नींव खुदाई शुरू, ग्रामीणों में जगी उम्मीद
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!











