बहराइच में मां और उसकी तीन मासूम बेटियों की हत्या के आरोपी बालकराम को अदालत से राहत नहीं मिली है। न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीशचंद्र शुक्ल ने बताया कि मोतीपुर थाना क्षेत्र के पकड़िया दीवान ग्राम निवासी आरोपी बालकराम ने वर्ष 2018 में अपने भाई संतोष की हत्या कर दी थी, जिसके बाद उसे जेल भेजा गया था। जेल से रिहा होने के बाद बालकराम अपने मृत भाई की पत्नी सुमन के साथ शादी का झांसा देकर रहने लगा। उसका मुख्य उद्देश्य सुमन पर संतोष की हत्या का मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाना था। इस दौरान सुमन की दो और बेटियां हुईं, लेकिन उसने पति की हत्या का मुकदमा वापस लेने से इनकार कर दिया। सुमन के इनकार करने पर आरोपी बालकराम ने अपने साथी अनिरुद्ध की मदद से उसे फोन कर गांव के बाहर बुलाया। सुमन अपनी तीन बेटियों, 11 वर्षीय नंदिनी, छह वर्षीय अंशिका और तीन वर्षीय लाडो के साथ बताए गए स्थान पर पहुंची। वहां से आरोपी बालकराम उन्हें घुमाने के बहाने लखीमपुर खीरी जनपद ले गया और सिसैया चौराहे के पास उनकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने शवों को शारदा नदी में फेंक दिया था। इस मामले में मृतका की मां ने मोतीपुर थाने में बेटी सुमन और बच्चियों के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान, लखीमपुर के थाना खमरिया इलाके की एक दुकान के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी बालकराम को महिला और उसकी बेटियों के साथ देखा गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गुरुवार को आरोपी के अधिवक्ता की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने उसे खारिज कर दिया।
मां और 3 बेटियों की हत्या का केस:आरोपी की जमानत याचिका खारिज, भाई की हत्या का केस वापस न लेने पर की थी वारदात
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