HomeHealth & Fitnessवर्ल्ड एग्री टूरिज्म डे पर बच्चों ने जाना मधुमक्खी पालन का महत्व

वर्ल्ड एग्री टूरिज्म डे पर बच्चों ने जाना मधुमक्खी पालन का महत्व

लखनऊ। वर्ल्ड एग्री टूरिज्म डे के अवसर पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग एवं उत्तर प्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय उद्योग आश्रम इंटर कॉलेज, देवा रोड, मटियारी के छात्र-छात्राओं को बाराबंकी जनपद के रजौली स्थित “मधुमक्खी वाला” केंद्र का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को कृषि आधारित पर्यटन, मधुमक्खी पालन और स्वरोजगार के अवसरों की व्यवहारिक जानकारी दी गई।

भ्रमण के दौरान विशेषज्ञों ने बच्चों को मधुमक्खियों की विभिन्न प्रजातियों, उनके जीवन चक्र, शहद उत्पादन की प्रक्रिया, शहद के प्रकार तथा उसकी शुद्धता की पहचान के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि शहद फूलों के स्रोत के अनुसार अलग-अलग रंग, स्वाद और सुगंध का होता है। किसी शहद का रंग हल्का सुनहरा होता है तो कुछ गहरे रंग के होते हैं, वहीं स्वाद में भी मिठास, हल्की तीक्ष्णता और पुष्पीय सुगंध जैसी विविधताएं देखने को मिलती हैं।

विशेष आकर्षण के रूप में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के शहद का स्वाद चखाया गया, जिससे उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से जाना कि शहद केवल एक ही स्वाद का नहीं होता, बल्कि उसका स्वाद और रंग उसके प्राकृतिक स्रोत के अनुसार बदलता है। इस अनुभव ने बच्चों में विशेष उत्साह और जिज्ञासा पैदा की।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एग्री टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। मधुमक्खी पालन, जैविक खेती, बागवानी और ग्रामीण जीवन शैली को पर्यटन से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है और युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों को प्रकृति, कृषि और उद्यमिता के प्रति जागरूक करते हैं तथा उन्हें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments