नई दिल्ली। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार आई-पैक निदेशक विनेश चंदेल को नियमित जमानत दे दी । एडिशनल सेशंस जज अमित बंसल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जमानत का विरोध नहीं करने पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान विनेश चंदेल की ओर से पेश वकील ने कहा कि ईडी को जमानत का विरोध करने के लिए पर्याप्त मौका दिया गया, लेकिन उसने विरोध नहीं किया। ऐसे में मनी लॉन्ड्रिंग कानून की धारा 45 के तहत दोनों शर्तें लागू नहीं होंगी। उसके बाद कोर्ट ने विनेश चंदेल को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
ईडी ने चंदेल को गिरफ्तार करने के बाद 13 अप्रैल की देररात कोर्ट में पेश किया था। ईडी के मुताबिक पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड में विनेश चंदेल की 33 फीसदी हिस्सेदारी है। इस कंपनी की मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत जांच चल रही है। इस मामले में सबसे पहले दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।
ये मामला तब शुरू हुआ था जब ईडी ने आई-पैक के निदेशक प्रतीक जैन के कोलकाता आवास पर छापा मारा था। आई-पैक तृणमूल कांग्रेस के प्रचार का काम देख रही थी। ईडी ने ये छापा कथित कोयला घोटाला मामले की जांच के लिए मारा था। ईडी का कहना है कि उसकी जांच कार्रवाई में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बाधा डालने के मकसद से छापे के दौरान आई-पैक के दफ्तर पहुंची और कुछ दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य अपने साथ ले गईं। बाद में ममता बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज किया था।












