HomeHealth & Fitnessडिमांड ज्यादा, तैयारी कमजोर, 2027 से पहले कांग्रेस संगठन अधूरा

डिमांड ज्यादा, तैयारी कमजोर, 2027 से पहले कांग्रेस संगठन अधूरा

लखनऊ । तकरीबन 37 साल से सूबे की सत्ता से दूर कांग्रेस यूपी में जमीन तलाष रही है। 2027 के चुनाव में कांग्रेस यहां किंग मेकर बनने की भूमिका में आने के लिए प्रयासरत है, लेकिन हाई कमान एवं प्रदेष नेतृत्व के बीच कई मुद्दों पर आपसी सहमति नहीं बनती दिख रही है। पार्टी यहां इंडिया गठबंधन को मजबूत करने के साथ ही अधिक सीटों पर दावा ठोकने की तैयारी कर रही है लेकिन संगठन सृजन का कार्य नौ माह में भी पूरा नहीं हो सका । प्रदेष टीम को कई माह से हाई कमान की संस्तुति का इंतजार है और कई जिला एवं षहर अध्यक्षों को लेकर भी विवाद है।

सूबे में चार दषक तक अंखड राज करने वाली कांग्रेस के यहां पर मात्र दो विधायक है। इस बार यह संख्या हर हाल में बढाना चाह रही है। लेकिन पार्टी में चेहरों के साथ ही कार्यकर्ताओं की बेहद कमी है। नौ माह पूर्व संगठन सृजन का कार्य आरंभ हुआ जो अब तक पूरा नहीं हो सका। जबकि कई माह पूर्व  प्रदेष नेतृत्व ने सूची हाईकमान को भेजा गया है। जिला एव षहर अध्यक्ष भी मंडल एवं बूथ स्तर तक अपनी टीम खडी नही कर पा रहे हैं। इसी तरह जिला एवं विधानसभा स्तर पर प्रभारी बनाने की कार्य भी अधर में है। संगठन की मजबूती की बात करे तो गत 24 जनवरी को पहता कार्यकर्ता सहारनपुर में हुआ अब तक मात्र नौ सम्मेलन ही हो पाये हैं 20 मई को अमेठी में कार्यकर्ता सम्मेलन प्रस्तावित है । 

लोकसभा में मिली मामूली बढत के बाद पार्टी ने मडल स्तर पर संविधान सम्मेलन करने का निर्णय लिया था यह भी आधा दर्जन होकर ही थम गये है। तिरंगा यात्रा भी वार्ड एवं पंचायत स्तर पर निकलना था वह भी कुछ ही जिलों तक सीमित रह गयी है। मनरेगा में बदलाव, कानून व्यवस्था, मंहगाई, नीट पेपर लीक, महिला आरक्षण सहित कई मुदृदों को लेकर पार्टी ने सडक के बजाए अपने कार्यालय के आस पास ही करके इंतिश्री कर लिया।

पार्टी के निवर्तमान प्रदेष उपाध्यक्ष षरद चंद्र मिश्रा ने बताया कि कांगेस ही एक ऐसी पार्टी है जो जनता के मुद्दो को लेकर सडक से सदन तक आंदोलन करती है। रही बात संगठन की मजबूती की तो हर स्तर पर प्रयास करने के साथ ही समान विचारधारा के लोगों को पार्टी  से जोडा जा रहा है। 

सीटों की मांग पर उन्होंने कहा कि 2024 में सपा को उम्मीद से अधिक लाभ कांग्रेस के कारण ही मिला था। हमारी तैयारी प्रदेष की सभी 403 सीटों पर है जल्द ही बूथ से लेकर प्रदेष तक संगठन को मजबूत कर खडा कर लिया जायेगा। प्रदेष एवं केन्द्रीय नेतृत्व में कोई टकराव नहीं है और पार्टी में नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की कोई कमी नहीं है।  

32 हजार बूथ संगठन से दूर, सीटों का सर्बे आरंभ
प्रदेष में एक लाख 62 हजार से अधिक पोलिंग बूथ है जिनमें 11 सदस्यीय टीम का गठन होना था। लेकिन पार्टी अब तक मात्र एक लाख 30 हजार बूथों पर अपनी टीम बनाने का दावा कर रही है। यानी 32 हजार से अधिक बूथ अभी संगठन की पकड से दूर है , यहीं हाल बीएलए के गठन को लेकर भी वल रहा है। इस तरह आधे अधूरे संगठन एवं लचर तैयारी के बीच पार्टी  हाईकमान ने प्रभावषाली सीटों का निजी एजेंसी के जरिये सर्वे करा रहा है जिससे सपा के समक्ष सीटों का दावा ठोका

राहुल 20 को आ रहे अमेठी
नेता प्रतिपक्ष लोकसभा राहुल गांधी 20 मई को अमेठी आ रहे हैं। इस दौरान वह कार्यकर्ता सम्मेलन,  संगठनात्मक समीक्षा के साथ आगामी चुनाव की तैयारी पर चर्चा करेंगे। बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, युवाओं और महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने तथा गांव-गांव जनसंपर्क अभियान तेज करने पर चर्चा होगी। वह पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे  योगेंद्र मिश्रा के गांव रामदीन पंडित जाकर उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे.उनका करीब दो माह पूर्व निधन हो गया था.।

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