संत कबीर नगर, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट कल्याण एसोसिएशन, संतकबीरनगर ने 20 मई 2026 को प्रस्तावित एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद को लेकर जिला प्रशासन से सहयोग एवं हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि लगातार बढ़ रही अवैध ई-फार्मेसी, बड़े कॉरपोरेट घरानों की प्रिडेटरी प्राइसिंग नीति तथा दवा व्यापार से जुड़े नियमों में असंतुलन के कारण छोटे और मध्यम दवा व्यापारियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
अध्यक्ष संजीव भाटिया ने कहा कि दवा का व्यवसाय सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें पारदर्शिता और कड़े नियमों का पालन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन माध्यमों से बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री चिंता का विषय बन चुकी है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने सरकार से छोटे दवा व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि बड़े कॉरपोरेट घरानों द्वारा अपनाई जा रही प्रिडेटरी प्राइसिंग की नीति के कारण छोटे और मध्यम केमिस्ट आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक दवा वितरण व्यवस्था को कमजोर करने से न केवल व्यापार प्रभावित होगा, बल्कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में दवा उपलब्धता पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई।
कोषाध्यक्ष शिवाजी गुप्ता ने कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का अनियंत्रित उपयोग और नकली या अप्रमाणित प्रिस्क्रिप्शन का बढ़ता चलन जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मरीज और फार्मासिस्ट के बीच प्रत्यक्ष संवाद समाप्त होने से दवाओं के गलत उपयोग की संभावना बढ़ रही है। उन्होंने सरकार से दवा व्यापार में कड़ी निगरानी और संतुलित व्यवस्था लागू करने की अपील की।
संगठन द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर दवा व्यापारियों के संगठनों ने लंबे समय से विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी निर्णय नहीं लिया गया। इससे देशभर के लाखों केमिस्टों और उनसे जुड़े परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
दवा व्यापारियों ने केंद्र सरकार की अधिसूचना GSR 220(E) दिनांक 26 मार्च 2020 तथा GSR 817(E) दिनांक 28 अगस्त 2018 को वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान लागू किए गए कई प्रावधान अब वर्तमान परिस्थितियों में दवा व्यापार व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं।
एसोसिएशन ने प्रशासन से अपील की है कि जनहित एवं दवा व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए तथा 20 मई को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बंद को समर्थन प्रदान किया जाए।
इस अवसर पर एसोसिएशन उपाध्यक्ष महेश चिरानिया, महामंत्री जे पी दुबे, मीडिया प्रभारी मुकेश जायसवाल, धर्मेंद्र सिंह, मोहम्मद खालिद, मोहम्मद फिरोज अहमद सहित जिले के अनेक दवा व्यापारी उपस्थित रहे।












