लखनऊ। पेपर लीक पर जब देश भर आंदोलन चल रहा था, उसी दौरान आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग भी तेज हो गयी थी। देश भर से लोग सोशल मीडिया के माध्यम से इस अभियान में जुड़ने लगे। अब इसी मुद्दे को लेकर जगह जगह प्रदर्शन भी आरंभ हो गया है। क्योंकि आरक्षण को लेकर एक बड़ा तबका आहत है और वह इसे खत्म करने की अपील करता रहता है।
राजधानी लखनऊ स्थित हजरतगंज चौराहे पर रविवार को शुभम पांडेय के नेतृत्व में छात्रों ने हाथों में बैनर पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। इनकी मांग है कि आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था कायम हो। शुभम पांडेय ने बताया कि आरक्षण जाति पर नहीं, गरीबी एवं आर्थिक स्थित के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के समय यह आरक्षण व्यवस्था केवल दस साल के लिए लागू की गयी थी। लेकिन 80 साल से हर सरकारें वोट बैंक की लालच में समय सीमा बढ़ा देती है।
योग्यता को सम्मान मिलना चाहिए और गरीबी को भी देश से मुक्त करने की जरूरत है। इस अवसर पर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। इसमें आरक्षण नियमों में सुधार की मांग की गयी है। आरक्षण का लाभ हर गरीब को मिले, किसी जाति विशेष तक सीमित न रहे। उन्होंने कहा कि यह अांदोलन जारी रहेगा।












