लखनऊ। अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन ने विरोध प्रदर्शन किया। हजरतगंज स्थित जीपीओ गांधी प्रतिमा पर लोकतंत्र बचाओ, पंचायत बचाओ अभियान के तहत प्रदर्शन में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को मिठाई खिलाई। पंचायत चुनाव समय पर कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों की बात को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सुना। इसके बाद उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने देगी। हम लोग प्रयास कर रहे हैं कि पंचायत चुनाव समय पर हो। उसके लिए पूरी रूपरेखा तैयार की जा रही है। समय पर चुनाव हो और प्रदेश में विकास हो यह हमारी प्राथमिकता है। प्रदर्शनकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि चुनाव समय पर होना बेहद जरूरी है। पंचायतों पर प्रशासक नियुक्त करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों का संवैधानिक कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।
भारतीय संविधान के भाग-9 के अनुच्छेद 243-E एवं 243-K पंचायतों के नियमित और समयबद्ध चुनाव की संवैधानिक गारंटी है, जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है। अगर सरकार समय से पंचायत चुनाव कराने में विफल रहती है और पंचायतों पर प्रशासक अधिकारी नियुक्त करती है, तो यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ होगा। ज्ञानेंद्र ने कहा कि निर्वाचित ग्राम प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों को हटाकर नौकरशाही के माध्यम से पंचायतों का संचालन करना ग्रामीण जनता के मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन है।
प्रदेश में पंचायत चुनाव संविधान के अनुरूप समय से कराए जाएं और पंचायतों पर किसी भी प्रकार के बाहरी प्रशासक न थोपे जाएं। किसी कारणवश चुनाव में देरी होती है, तो मध्य प्रदेश और राजस्थान की तर्ज पर निर्वाचित ग्राम प्रधानों को ही प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार देते हुए कार्यवाहक प्रशासक घोषित किया जाए।












