खड़गपुर । ग्रामोन्नयन एवं प्राणी संरक्षण मंत्री दिलीप घोष ने रविवार को आईआईटी खड़गपुर के निदेशक और विभिन्न विभागों के प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
इस दौरान दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल के आगामी विकास में आईआईटी खड़गपुर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने बताया कि खड़गपुर तथा राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि विपणन को मजबूत करने में आईआईटी की तकनीक, अनुसंधान और नवाचार महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आईआईटी केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि आधुनिक भारत का एक प्रकार का “गुरुकुल” है, जो देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को चुनकर भविष्य के भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है।
दिलीप घोष ने यह भी कहा कि दुर्भाग्यवश अतीत में पश्चिम बंगाल के विकास के लिए आईआईटी जैसे महत्वपूर्ण संस्थान की क्षमता का पूरा उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में उद्योग, कृषि, तकनीक और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में आईआईटी खड़गपुर की विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग कर राज्य के विकास को नई दिशा दी जा सकेगी।












