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जिले में धूमधाम एवं हर्षाेल्लास से मनाई गई डॉ0 अम्बेडकर जी की जयंती*

*जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वि/रा)एवं अपर जिलाधिकारी न्यायिक ने डा0 अम्बेडकर जी के चित्र पर किया माल्यार्पण*

*सभी को समान अधिकार दिलाना और शिक्षित बनाना ही उनका उद्देश्य-जिलाधिकारी*

श्रावस्ती 14 अप्रैल, 2026। सू0वि0। प्रदेश सरकार के मंशानुसार जिले में भारत रत्न बाबा साहब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती धूमधाम एवं हर्षोल्लास से मनाई गई। जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी न्यायिक अशोक कुमार एवं अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट सभागार में बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस दौरान 20 टीबी मरीजों को जिलाधिकारी ने पोषण पोटली भी प्रदान की।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव महू में हुआ था। बाबा साहब के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर लोगों को चलना चाहिए। उनके विचारों पर चलने से देश आगे बढ़ेगा। उनका उद्देश्य था कि सभी को समान अधिकार मिले और सभी लोग शिक्षित बने। डॉ अम्बेडकर के जीवन दर्शन का लोग अध्ययन कर उनके विचारों से जरूर सीख ले, उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने समाज को एक समान जोड़ने का कार्य किया है। भारतीय संविधान बनाने में बाबा साहब का बहुत बड़ा योगदान रहा है। संविधान में समाज के हर वर्ग, जाति को बराबर का दर्जा दिया गया है। जिस व्यक्ति को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे समय से निभाए। उन्होंने कहा कि उनका विचार था कि समाज में समता होनी चाहिए। सभी को बराबर का समान, अधिकार एवं न्याय मिलना चाहिए। डॉ. अम्बेडकर जी का पूरा जीवन संघर्ष, सत्यनिष्ठा, लगन व वंचित वर्ग के प्रति करुणा का प्रतीक है। उन्होंने व्यक्तिगत जीवन मे अनेक बाधाओं व कष्टों को सहा किंतु कभी भी अपने लक्ष्य से विचलित नहीं हुए। सार्वजनिक जीवन मे उन्होंने अश्पृश्यता व भेदभाव का कड़ा विरोध किया। उन्होने कहा कि महापुरूषों के जीवन का अनुसरण करते हुए व्यक्ति को उनके द्वारा बताए गए रास्तों पर चलकर देश, प्रदेश की तरक्की, खुशहाली के लिए अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए।
अपर जिलाधिकारी अमरेन्द्र जी ने बाबा साहब के जन्म दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि संविधान के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति को समता का अधिकार दिलाकर मजबूती प्रदान करना ही उनका उद्देश्य था। गरीब व्यक्तियों को किसी प्रकार की समस्या न होने पाए। प्रत्येक वर्ग को एकजुट होकर समाज के लिए योगदान करते रहें। उन्होंने कभी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि एक अच्छा लोकसेवक और एक अच्छा नागरिक बनने के लिए हमे डॉ अम्बेडकर जी की जीवनी व उनकी लिखी किताबों को पढ़ना चाहिये।
अपर जिलाधिकारी न्यायिक ने कहा कि देश के संविधान निर्माण में उनका बहुत बडा योगदान है। डॉ. अम्बेडकर संविधान समिति के प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे, उनके नेतृत्व में प्रारूप समिति ने न सिर्फ इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया बल्कि एक ऐसे संविधान का निर्माण किया जो “विविधता में एकता“ जैसे भारतीय मूल्य का साकार रूप था। भारत को एक राष्ट्र के रूप में खड़ा करने में संविधान की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इसके अलावा अन्य अधिकारियों ने भी डा0 अम्बेडकर जी के जीवनी पर आधारित अपने विचार व्यक्त किये।

इस अवसर पर सहित अन्य समस्त विभागों के अधिकारी/कर्मचारी, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
इसके अलावा जनपद के सभी तहसीलों, विकास खण्डों के सरकारी कार्यालयों, परिषदीय विद्यालयों में भी डा0 अम्बेडकर जी की जयंती धूमधाम से मनायी गई, जिसमें माननीय जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

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