HomeHealth & Fitnessनिजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में वाराणसी में बिजली कर्मियों की जनजागरण...

निजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में वाराणसी में बिजली कर्मियों की जनजागरण रैली

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आज पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों बिजली कर्मियों ने वाराणसी के भिखारीपुर स्थित पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय पर विशाल विरोध सभा एवं जनजागरण रैली आयोजित की।

सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि प्रबंधन की मनमानी नीतियों, निजीकरण की जल्दबाजी तथा लगातार बढ़ते उत्पीड़न के कारण प्रदेश की बिजली व्यवस्था गंभीर संकट की ओर बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उपभोक्ताओं के हितों की वास्तविक चिंता है, तो बिजली कर्मियों पर की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लेकर कर्मचारियों को विश्वास में लेते हुए भीषण गर्मी में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की ठोस कार्ययोजना तत्काल बनाई जाए।

संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण, ओबरा एवं अनपरा तापीय परियोजनाओं को ज्वाइंट वेंचर के माध्यम से निजी हाथों में सौंपने,  तथा ट्रांसमिशन क्षेत्र में टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटेटिव बिडिंग (TBCB) के जरिए किए जा रहे निजीकरण के प्रयास न तो बिजली व्यवस्था के हित में हैं और न ही उपभोक्ताओं के।

उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा एवं आगरा में निजी कंपनियों के कार्यों को लेकर उपभोक्ताओं की लगातार मिल रही शिकायतें यह साबित करती हैं कि निजीकरण से उपभोक्ताओं की समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ी हैं। संघर्ष समिति ने संबंधित निजी कंपनियों की जवाबदेही तय करने तथा करार उल्लंघनों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

सभा में यह भी कहा गया कि 03 दिसंबर 2022 को माननीय ऊर्जा मंत्री एवं शासन स्तर पर हुए लिखित समझौते का आज तक पालन नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। मार्च 2023 के आंदोलन  के दौरान बिजली कर्मियों पर की गई अनुशासनात्मक कार्यवाहियां , उन पर दर्ज एफआईआर, निलंबन, दूरस्थ स्थानों पर किए गए स्थानांतरण तथा अन्य दमनात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लिया जाए। संघर्ष समिति ने 19 मार्च 2023 को माननीय ऊर्जा मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को समाप्त करने की मांग दोहराई।

संघर्ष समिति ने कहा कि डाउनसाइजिंग एवं वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर बड़ी संख्या में संविदा कर्मियों को कार्यमुक्त किया गया है, जिससे बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। संघर्ष समिति ने सभी संविदा कर्मियों की पुनर्बहाली, दूरस्थ स्थानांतरणों की वापसी तथा बहाली के बाद भी जारी अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को समाप्त करने की मांग की। साथ ही आंदोलन से जुड़े सभी एफआईआर वापस लेने, स्टेट विजिलेंस जांच समाप्त करने तथा पदाधिकारियों को लक्षित कर की जा रही कार्रवाई रोकने की भी मांग उठाई गई।

संघर्ष समिति ने मई 2025 में किए गए सेवा नियमों के संशोधन को तानाशाहीपूर्ण बताते हुए कहा कि बिना जांच, बिना सुनवाई और बिना सफाई का अवसर दिए सेवा से बर्खास्त करने का प्रावधान पूरी तरह अलोकतांत्रिक एवं कर्मचारी विरोधी है। संघर्ष समिति ने फेशियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन कटौती, विरोध सभाओं में भाग लेने पर बड़े पैमाने पर स्थानांतरण, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अलग होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तथा बिजली कर्मियों के आवासों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने जैसी कार्रवाइयों को तत्काल बंद करने की मांग की। इसके अतिरिक्त ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने पर अभियंताओं एवं जूनियर इंजीनियरों से वसूली के अवैधानिक आदेश को भी तत्काल वापस लेने की मांग की गई।

संघर्ष समिति ने प्रदेश की जनता, किसानों एवं उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल कर्मचारियों का नहीं, बल्कि सस्ती, सुलभ और विश्वसनीय बिजली व्यवस्था को बचाने का आंदोलन है। निजीकरण से जहां उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, वहीं सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही भी प्रभावित होगी। इसलिए सभी नागरिकों से इस जन-जागरण अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की गई।

संघर्ष समिति ने संकल्प व्यक्त किया कि बिजली कर्मी उपभोक्ताओं की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आंदोलन के दौरान भी उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है   तथा निजीकरण और उत्पीड़न के खिलाफ अपना लोकतांत्रिक संघर्ष निरंतर जारी रखेंगे। वाराणसी में आयोजित विरोध सभा को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, मायाशंकर तिवारी, अंकुर पांडेय,ओ पी सिंह, चन्द्र भूषण उपाध्याय,राम कुमार झा,  ने संबोधित किया।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments