नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाते हुए छह पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। आयोग ने इन अधिकारियों पर चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता और पक्षपात के आरोपों को गंभीर मानते हुए पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
निलंबित अधिकारियों में आईपीएस स्तर के अधिकारी के साथ एसडीपीओ और थाना प्रभारियों को शामिल किया गया है। इनमें संदीप सरकार (हिंगलगंज थाना प्रभारी), संदीप गराई (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डायमंड हार्बर), साजल मंडल (एसडीपीओ, डायमंड हार्बर), मौसम चक्रवर्ती (इंस्पेक्टर इंचार्ज, डायमंड हार्बर), अजय बाग (फलता थाना) और शुभेच्छा बाग (उस्थी थाना) शामिल हैं। आयोग ने संदीप गराई के मामले में गृह मंत्रालय को भी रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा डायमंड हार्बर की पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशानी पाल को अधीनस्थ अधिकारियों पर नियंत्रण और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रहने पर चेतावनी जारी की गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान आचार संहिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दूसरी ओर, आयोग ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदान के बाद चुनावी दस्तावेजों की व्यापक जांच पूरी कर ली है। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान के बाद 44,376 मतदान केंद्रों के रिकॉर्ड की जांच की गई, जबकि तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर हुए मतदान के बाद 75,064 बूथों का सत्यापन किया गया।












