लखनऊ। वैशाख शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर आदि शंकराचार्य के प्राकट्य दिवस के उपलक्ष्य में आशियाना, लखनऊ में आदि शंकराचार्य विचार मंच द्वारा एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने आचार्य शंकर के जीवन और दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें कोटिशः नमन किया।
अपने संबोधन में दुबे ने कहा कि 12 शताब्दियों के बाद भी आदि शंकराचार्य का कार्य आज भी प्रासंगिक है। आधुनिक युग में भौतिक ऐश्वर्य और संसाधनों की प्रचुरता के बावजूद मनुष्य दुख और संताप से घिरा हुआ है, क्योंकि उसके विवेक पर नए-नए मोह और भ्रम छाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक परित्राण केवल आत्मज्ञान में है। प्रत्येक मनुष्य के भीतर एक अविभाज्य चैतन्य सत्ता विद्यमान है और जीवन का परम लक्ष्य ब्रह्म की प्राप्ति है। आचार्य शंकर का अल्पायु में किया गया कार्य इस शाश्वत सत्य का सजीव प्रमाण है, जिससे आज भी समाज को दिशा मिल सकती है।
कार्यक्रम में मंच की महामंत्री रीना त्रिपाठी ने युवाओं में आचार्य शंकर के विचारों के प्रसार की आवश्यकता पर बल देते हुए एक सप्ताह तक विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को आत्मज्ञान, सांस्कृतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ना समय की आवश्यकता है, जिसके लिए मंच व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाएगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने आदि शंकराचार्य को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अरुण कुमार श्रीवास्तव, प्रीति, ऊषा त्रिपाठी, सपना तिवारी, सरोज मिश्र, अनिल सिंह, रमेश शुक्ल,प्रेम कुमार सम्मिलित हुए।












