Homeजिला / लोकल (Local News)लक्षण दिखते ही सबसे अधिक संक्रामक होता है हंटावायरस : डब्ल्यूएचओ

लक्षण दिखते ही सबसे अधिक संक्रामक होता है हंटावायरस : डब्ल्यूएचओ


जिनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि क्रूज जहाज पर फैले घातक हंटावायरस संक्रमण में मरीज लक्षण दिखाई देने के शुरुआती समय में सबसे अधिक संक्रामक होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसी वजह से संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन करने की सिफारिश की है।
डच झंडे वाले क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर फैले इस दुर्लभ वायरस संक्रमण से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जहाज से निकाले गए यात्रियों के अपने-अपने देशों में लौटने के बाद संक्रमण के संभावित फैलाव को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ गई है।
डब्ल्यूएचओ के महामारी विज्ञान एवं विश्लेषण विभाग के प्रमुख डॉ ओलिवियर ले. पोलैन ने बताया कि बीमारी की शुरुआत में ही संक्रमण फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि शुरुआती लक्षण हल्के हो सकते हैं, जैसे थकान या हल्का बुखार, लेकिन बाद में स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए लक्षणों का इंतजार किए बिना संभावित संपर्कों को अलग करना जरूरी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जहाज पर मौजूद लगभग 150 लोगों के लिए छह सप्ताह के क्वारंटीन की सिफारिश की है। यह अवधि एंडीज वायरस की अधिकतम ऊष्मायन अवधि के अनुरूप है, जो करीब 42 दिन मानी जाती है। एंडीज वायरस हंटावायरस का ऐसा प्रकार है जो इंसानों के बीच फैल सकता है।
कई देशों ने डब्ल्यूएचओ की सलाह मानते हुए सख्त क्वारंटीन व्यवस्था लागू की है। जर्मनी, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड और ग्रीस ने 45 दिन तक निगरानी रखने का फैसला किया है, जबकि ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस ने क्रमशः तीन और दो सप्ताह की न्यूनतम निगरानी अवधि तय की है।
हालांकि अमेरिका ने अपने लौटे यात्रियों के लिए अनिवार्य क्वारंटीन का स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने इसे जोखिमपूर्ण बताया है।
डॉ पोलैन के अनुसार क्रूज जहाज का बंद वातावरण संक्रमण फैलने के लिए अनुकूल साबित हुआ, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग सीमित स्थान में साथ रह रहे थे। इसी कारण सामान्य परिस्थितियों की तुलना में संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका बढ़ गई।

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