छात्रों का मुद्दा आज देश की संसद में गूंज रहा है। इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे विपक्षी सांसद लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि सरकार NEET पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों के तहत चर्चा होगी। उन पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भड़क गए। अखिलाश यादव ने कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया।
अखिलेश यादव ने कहा, ‘नीट का मुद्दा समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी का नहीं है, यह मुद्दा युवाओं छात्र और नौजवानों का है। आपने दो लोगों को बोलने का मौका दिया, लेकिन मुझे बोलने का मौका नहीं दिया। आपने समझौता कर लिया क्या?’ अखिलेश यादव ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि समझौता करना ठीक नहीं है।
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छात्रों पर लाठीचार्ज पर भड़के
अखिलेश यादव के साथ समाजवादी पार्टी के अन्य सांसद भी उनका साथ दे रहे थे। अखिलेश यादव ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार से तीखे सवाल किए और 20 जुलाई को छात्रों पर हुई कार्रवाई की निंदा की। अखिलेश यादव ने कहा, ‘हम सब मिलकर युवाओं के लिए लड़ रहे हैं। जब छात्रों की नहीं सुनी जाएगी तो वो सड़कों पर आएंगे ही आएंगे। सरकार ने छात्रों के साथ जो व्यवहार किया, वो बिल्कुल गलत है। उनके सिर, हाथ, पैर तोड़ दिए गए हैं। उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए हैं।’
पीएम से मांगा जवाब
अखिलेश यादव ने कल विपक्ष के पीएम मोदी के आवास के बाहर किए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि हम मजबूरी में गए हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर गए। उन्होंने कहा, ‘अगर आप यहां पर हमारी बात सुन लेते तो हमें वहां नहीं जाना पड़ता। क्या प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर स्टेटमेंट नहीं दे सकते हैं? जब युवाओं के लिए आप बाहर बोल सकते हैं तो सदन में क्यों नहीं बोल सकते। क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप? युवाओं के लिए सदन में क्यों नहीं बोल सकते हैं।”
चर्चा के लिए तैयार है सरकार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अखिलेश यादव से कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘सभी लोगों के मत आ गए हैं। आप भी चर्चा चाहते हैं और ये भी चर्चा चाहते हैं। आप आइए, कब चर्चा करनी है और कितनी देर चर्चा करनी है, करें। सरकार चर्चा करने को तैयार है लेकिन ये चर्चा गलियारों में बैठकर नहीं होगी। आप अपनी-अपनी सीट पर बैठें। आपके आपसी मतभेद को मैं नहीं सुलझा सकता।’ हालांकि, इसके बावजूद समाजवादी पार्टी के सांसद नारेबाजी करते रहे। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।












