श्रावस्ती में मोहर्रम जुलूस से संबंधित एक वायरल वीडियो को पुलिस ने भ्रामक बताया है। क्षेत्राधिकारी (सीओ) इकौना आलोक कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो के संबंध मे लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह असत्य निराधार और भ्रामक हैं, जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सीओ इकौना ने बताया कि 24 जून 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित किया गया था। इसमें यह दर्शाने का प्रयास किया गया था कि मोहर्रम के दौरान कुछ व्यक्तियों ने थाना परिसर में आकर नारेबाजी की। इस मामले की जांच कराई गई, जिसमें ऐसे कोई तथ्य सामने नहीं आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में मोहर्रम, रामनवमी और होली जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान स्थानीय नागरिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व प्रशासन का आभार व्यक्त करते रहे हैं। इसी परंपरा के तहत, 23 जून 2026 को मोहर्रम की सातवीं के जुलूस के बाद स्थानीय लोग थाना इकौना पहुंचे थे और पुलिस-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया था। सीओ ने पुष्टि की कि जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी भी व्यक्ति ने थाना भवन या परिसर के अंदर प्रवेश नहीं किया। सोशल मीडिया पर नारेबाजी या अन्य आरोपों का कोई आधार नहीं है। पूरे आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था सुचारु रही और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें। साथ ही, सोशल मीडिया पर किसी भी सामग्री को बिना सत्यापन के साझा करने से बचें।
इकौना का वायरल वीडियो भ्रामक, मोहर्रम जुलूस शांतिपूर्ण रहा:पुलिस ने आरोपों को नकारा, भ्रामक सूचनाएं न फैलाने की अपील
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