बहराइच। विकासखंड पयागपुर की ग्राम पंचायत परासिया आलम में मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे तालाब के जीर्णोद्धार कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, राम जानकी मंदिर के बगल स्थित तालाब के जीर्णोद्धार कार्य में मनरेगा के तहत प्रतिदिन 20 से 25 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है। हालांकि, जब मौके पर पड़ताल की गई तो तालाब पानी और जलकुंभी से भरा मिला। कार्यस्थल पर कोई भी मजदूर काम करता दिखाई नहीं दिया। इस स्थिति से फर्जी मस्टर रोल और कागजी उपस्थिति के जरिए सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। मामले की जानकारी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) पयागपुर को दी गई। उन्होंने एपीओ से बात करते हुए तत्काल जांच कराने का आश्वासन दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होती है या नहीं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई आवश्यक है, ताकि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में पारदर्शिता बनी रहे।
मनरेगा कार्य में फर्जीवाड़ा, मजदूर कागजों में दर्ज:पयागपुर की परासिया आलम पंचायत में तालाब जीर्णोद्धार पर भ्रष्टाचार के आरोप
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