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भारतीय सिनेमा को मिली बड़ी पहचान, विदु विनोद चोपड़ा की फिल्मों का हुआ 8K रिस्टोरेशन

  • परियोजना को पूरा होने में पांच वर्ष का लगा समय 

भारतीय सिनेमा की क्लासिक फिल्मों को नई तकनीक और बेहतर गुणवत्ता के साथ दर्शकों तक पहुंचाने के लिए विदु विनोद चोपड़ा फिल्म्स और एनएच स्टूडियोज ने दीर्घकालिक वैश्विक अधिकार साझेदारी की घोषणा की है। इस समझौते के तहत विदु विनोद चोपड़ा फिल्म्स की पूरी फिल्म लाइब्रेरी को 8के रेजोल्यूशन में रिस्टोर किया गया है और डॉल्बी 5.1 सराउंड साउंड के साथ रीमास्टर किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा होने में पांच वर्ष से अधिक का समय लगा। 

फिल्मों का पुनर्स्थापन मुंबई के प्रसाद फिल्म लैब्स और इटली के बोलोनिया स्थित एल’इमाजिने रित्रोवाता स्टूडियो में किया गया। उल्लेखनीय है कि ये फिल्में 2026 की शुरुआत से किसी भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं थीं।

इस साझेदारी के तहत ‘परिंदा’, ‘1942: ए लव स्टोरी’, ‘करीब’, ‘मिशन कश्मीर’, ‘मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.’, ‘परिणीता’, ‘लगे रहो मुन्ना भाई’, ‘एकलव्य: द रॉयल गार्ड’, ‘3 इडियट्स’, ‘फरारी की सवारी’, ‘ब्रोकन हॉर्सेज’, ‘वजीर’, ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ और ‘शिकारा’ जैसी चर्चित फिल्मों के विश्वव्यापी अधिकारों का प्रबंधन अब एनएच स्टूडियोज करेगा। कंपनी पहले इन फिल्मों को दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज करेगी और उसके बाद इन्हें टेलीविजन, ओटीटी, फास्ट चैनल तथा अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस समझौते के बाद एनएच स्टूडियोज की फिल्म लाइब्रेरी 5,000 से अधिक फिल्मों तक पहुंच गई है।

एनएच स्टूडियोज के संस्थापक नरेंद्र हीरावत ने कहा कि विदु विनोद चोपड़ा की फिल्में भारतीय सिनेमा की अमूल्य धरोहर हैं और उन्हें नई पीढ़ी तक सर्वश्रेष्ठ तकनीकी गुणवत्ता के साथ पहुंचाना उनके लिए गर्व की बात है। वहीं विदु विनोद चोपड़ा ने कहा कि उनकी फिल्मों को समय के साथ भी प्रासंगिक बनाए रखना हमेशा उनकी प्राथमिकता रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि 8के रिस्टोरेशन और अत्याधुनिक साउंड के साथ दर्शक इन कालजयी फिल्मों का पहले से कहीं बेहतर सिनेमाई अनुभव प्राप्त करेंगे।

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