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राजस्व मामलों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, पुराने वादों के निस्तारण को दें प्राथमिकता: डीएम

बिजनौर। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार शाम आयोजित मासिक स्टाफ समीक्षा एवं कर-करेत्तर राजस्व प्राप्ति समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि राजस्व कार्यों और न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से 3 और 5 वर्ष से अधिक पुराने वादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने कहा कि राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को कम करने के लिए नियमित सुनवाई, प्रभावी पैरवी और सतत मॉनिटरिंग बेहद आवश्यक है। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसील स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने न्यायालयों में लंबित वादों की नियमित समीक्षा करें और शासन की निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।

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उन्होंने पीठासीन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वादों के निस्तारण में विशेष रुचि लेते हुए दायरे के सापेक्ष अधिक से अधिक मामलों का निपटारा किया जाए। डीएम ने कहा कि कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए और राजस्व कार्यों में अपेक्षित तेजी लाना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

वसूली कार्यों की समीक्षा के दौरान मंडी विभाग और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की रैंकिंग ‘सी’ श्रेणी में पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को रैंकिंग सुधारने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि जिन विभागों की प्रगति लगातार खराब बनी हुई है और जो ‘डी’ श्रेणी में हैं, उनके खिलाफ रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

डीएम ने अधिकारियों को बड़े बकायादारों की सूची बैंकों के सहयोग से तैयार कर प्रभावी वसूली अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित ऑडिट प्रकरणों, विभागीय कार्रवाई और आरसी मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि संबंधित विभाग जिला मुख्यालय स्थित राजस्व संग्रह विभाग से अपने देयकों का मिलान कर वसूली कार्य में सक्रिय सहयोग दें।

उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वसूली लक्ष्य की पूर्ति के लिए तय समय-सीमा के साथ कार्ययोजना तैयार करें, ताकि विभागवार प्रगति की प्रभावी समीक्षा की जा सके। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अंशिका दीक्षित, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी धामपुर स्मृति मिश्रा, सदर रितु रानी सहित सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार तथा राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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