श्रावस्ती में दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में काले घने बादल छा गए और कुछ ही देर में तेज रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने लगी। आंधी के कारण सड़कों पर धूल का गुबार छा गया, जिससे कई इलाकों में दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़े। खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, अभी तक बारिश नहीं हुई है आसमान में बादलों की आवाजाही को देखते हुए जिले में बारिश की प्रबल संभावना जताई जा रही है। ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में किसान मक्के की खेती करते हैं। इस समय खेतों में मक्के की अगेती फसल पूरी तरह पक चुकी है और कटाई के इंतजार में खड़ी है। वहीं, लेट वैरायटी की मक्के की फसल अभी पूरी तरह पकी नहीं है और उसे कुछ दिनों बाद कटाई के योग्य होना है। किसानों का कहना है कि यदि हल्की और सामान्य बारिश होती है, तो लेट वैरायटी की फसल को प्राकृतिक सिंचाई का लाभ मिलेगा, जिससे उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, यदि तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होती है, तो पकी हुई मक्के की फसल को नुकसान हो सकता है। जमीन में अधिक नमी आने से फसल गिरने का खतरा रहता है, जिससे कटाई में दिक्कत आएगी और नुकसान की आशंका बढ़ जाएगी। इसके साथ ही, खेतों में पानी भरने की स्थिति बनने पर समय से कटाई संभव नहीं हो पाएगी। मौसम में बदलाव का असर आम की फसल पर भी पड़ सकता है। जानकारों के अनुसार, बारिश आम के लिए फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन इस वर्ष जनपद में आम की पैदावार अपेक्षाकृत कम बताई जा रही है। कई बागों में पेड़ लगभग वीरान नजर आ रहे हैं, जहां गिने-चुने फल ही लगे हैं, जबकि कुछ चुनिंदा बागों में आम की फसल अच्छी है। कुल मिलाकर, अब किसानों और आम जनमानस की निगाहें आने वाले घंटों में संभवत होने वाली बारिश पर टिकी हुई हैं, जो यह तय करेगी कि यह बदलाव राहत बनेगा या नुकसान का कारण। यदि मौसम साफ हो गया तो बारिश नहीं भी होगी।
श्रावस्ती में अचानक धूल भरी आंधी से जनजीवन प्रभावित:किसानों में उम्मीद और आशंका भी, आसमान में काले बादल छाए
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