श्रावस्ती जिले के नासिरगंज कस्बे में अंजुम जैदी के अज़ाखाने पर एक मजलिसे अज़ा का आयोजन किया गया। इस दौरान अज़ादारों ने कर्बला के शहीदों को नम आँखों से याद किया। मजलिस की शुरुआत बारगाहे रिसालत और इमामत में मर्सिया व सोज़-ख्वानी पेश करके की गई। इसके बाद, स्थानीय और बाहर से आए नौहाख्वानों ने हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के अन्य शहीदों की याद में नौहे पढ़े। नौहाख्वानी के दौरान अज़ादारों ने मातम किया और कर्बला के मजलूमों को पुरसा दिया। मजलिस को संबोधित करते हुए एक आलिमे दीन ने पैगंबर-ए-इस्लाम के नवासे हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत और उनके इंसानियत व हक के संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कर्बला की जंग केवल एक युद्ध नहीं, बल्कि जुल्म के खिलाफ सब्र और सच्चाई की जीत का प्रतीक है। मजलिस के समापन के बाद, अज़ाखाने के मेजबान अंजुम जैदी द्वारा उपस्थित सभी अज़ादारों को तबर्रुक (प्रसाद) वितरित किया गया।
नासिरगंज में मजलिसे अज़ा:कर्बला के शहीदों को नम आंखों से किया याद
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