HomeHealth & Fitnessएलयू: मूल्यांकन में लापरवाही को लेकर परीक्षा नियंत्रक को सौंपा ज्ञापन

एलयू: मूल्यांकन में लापरवाही को लेकर परीक्षा नियंत्रक को सौंपा ज्ञापन

लखनऊ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लखनऊ महानगर द्वारा लखनऊ विश्वविद्यालय और उसके संबद्ध महाविद्यालयों में विधि के छात्रों की परीक्षाओं और कॉपियों के मूल्यांकन में हुई भारी लापरवाही के खिलाफ बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया।

सिटी लॉ कॉलेज के इकाई मंत्री के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में कानून के छात्र शामिल हुए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।छात्रों का आरोप है कि हाल ही में जारी हुए परीक्षा परिणामों में कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान घोर अनियमितता बरती गई है, जिससे कई होनहार छात्रों के भविष्य पर संकट मंडराने लगा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया की मांग की।

आंदोलन की उग्रता को देखते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ० विद्यानंद त्रिपाठी प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे। एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल, जिसमें मुख्य रूप से प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा और जुगल किशोर पांडे शामिल थे जिन्होने ने परीक्षा नियंत्रक को अपनी मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।सौंपे गए मांगपत्र में मुख्य रूप से विधि विद्यार्थियों के परिणामों की दोबारा जांच कराने, मूल्यांकन में लापरवाही बरतने वाले दोषी प्रोफेसरों पर कार्रवाई करने और भविष्य में प्रवेश परीक्षा, शिक्षण शुल्क तथा परीक्षा परिणामों में आने वाली तकनीकी व प्रशासनिक कमियों का स्थायी समाधान निकालने की मांग की गई है।

चौतरफा दबाव और छात्रों के कड़े विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को झुकना पड़ा। परीक्षा नियंत्रक डॉ० विद्यानंद त्रिपाठी ने एबीवीपी की मुख्य मांगों को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया और छात्रों को आश्वासन दिया कि, विसंगतियों को दूर करने के लिए तत्काल प्रभाव से आगामी सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जा रही है।

प्रदर्शन के बाद प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा ने कहा कि, एबीवीपी छात्रों के अधिकारों की लड़ाई के लिए हमेशा तत्पर है। प्रवेश परीक्षा से लेकर शुल्क निर्धारण और परिणाम घोषित होने तक, किसी भी स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा के भीतर छात्रों की समस्याओं का पूरी तरह समाधान नहीं हुआ, तो परिषद इससे भी बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।इस प्रदर्शन को लेकर छात्रो के बी हंगामा बचा हुआ छात्रो के रिजल्ट को लेकर यह प्रदर्शन परम सीमा पर पहुंच चुका है।  

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