बांसी तहसील क्षेत्र के बड़हरा गांव में सात दिवसीय बौद्ध धम्म का महापरित्राण पाठ मंगलवार को संपन्न हो गया। इस दौरान लोगों को अंधविश्वास और पाखंडवाद से दूर रहने का तर्कपूर्ण संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान भंते बुद्ध रतन ने समतामूलक समाज, मैत्री, करुणा और भाईचारे के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उपस्थित लोगों ने भगवान बुद्ध के संदेशों को ध्यानपूर्वक सुना। अयोध्या से आए भंते साकेत बौद्ध ने बौद्ध धर्म के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान पूरे विश्व में भगवान बुद्ध और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर से है। भंते बुद्ध रतन ने बताया कि बौद्ध धर्म एक अंतरराष्ट्रीय धर्म है, जिसने पूरे विश्व को शांति का पाठ पढ़ाया है। उन्होंने अष्टांगिक मार्ग और भगवान बुद्ध के संघर्षपूर्ण जीवन व जीवनी के बारे में भी जानकारी दी। भंते महानंद बौद्ध ने सात दिनों तक ग्रामवासियों को भगवान बुद्ध की जीवनी की बारीकियां समझाईं। इस अवसर पर श्रद्धेय रामप्रसाद ने अपने पूरे परिवार के साथ बौद्ध धर्म स्वीकार किया। गांव के कुछ अन्य लोगों ने भी बौद्ध धर्म के पंचशील के नियमों पर चलने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में श्रद्धेय सुनील कुमार, सुग्रीम, जय भीम, सनी कुमार, राजेश पासवान, राहुल, अशोक, सनी, आदर्श, सत्यपाल, मुकेश, यशपाल, रोशनी, सोनाली, आराध्या, आरव सहित क्षेत्र के तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।
बांसी के बड़हरा में बौद्ध धम्म पाठ संपन्न:लोगों को अंधविश्वास व पाखंडवाद से दूर रहने का संदेश
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