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सेफ सिटी योजना: 85.98 लाख से लगेंगे CCTV कैमरे:बलरामपुर के 30 प्रमुख स्थानों पर होगी निगरानी


बलरामपुर नगर को सुरक्षित बनाने के लिए सेफ सिटी योजना के तहत 85 लाख 98 हजार रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों से शहर के 30 प्रमुख स्थानों पर निगरानी रखी जाएगी। शासन ने इस योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह योजना नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू के प्रयासों से साकार हो रही है। अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस ने बताया कि नगर के लगभग 30 महत्वपूर्ण स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां आधुनिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। चिन्हित स्थानों में वीर विनय चौराहा, अचलापुर तिराहा, काली मंदिर, पीपल चौराहा, घास मंडी, ब्लॉक चौराहा, पूजा टेंट गली, भगवतीगंज चौराहा, संतोष माता मंदिर चौराहा, पानी टंकी रोड, नहर बालागंज, चौक रोड, चौक बाजार, गर्ल्स कॉलेज चौराहा, पुरानी ट्यूबलक के पास चौराहा, अंबेडकर चौराहा, तुलसीपुर रोड का चौराहा, ड्योढ़ी चौराहा, काली माई थान तिराहा, नई बाजार चौराहा, बड़ा पुल चौराहा, झारखंडी के पास, चुकी नाका तिराहा, मेजर साहब चौराहा, भंडार खाना चौराहा, जिला अस्पताल के पास, जिला पंचायत तिकोना, रविदास मंदिर, गेल्हापुर मंदिर, माली टोला चौराहा और काले बाबू प्लाट तिराहा प्रमुख रूप से शामिल हैं। योजना के अंतर्गत, इन सभी स्थानों को एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। यहां से पूरे शहर की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा सकेगी। इससे अपराधों पर नियंत्रण, यातायात व्यवस्था में सुधार और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी। नगरवासियों ने इस पहल का स्वागत किया है और इसे सुरक्षा की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के लागू होने से शहर में कानून व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी, जिससे नागरिकों में सुरक्षा का भाव बढ़ेगा।

व्यापारी से लॉरेंस गैंग के नाम पर रंगदारी मांगी:पांच लाख न देने पर जान से मारने की धमकी मिली, दुकान में 315 बोर का कारतूस फेंका


बहराइच जिले के मिहींपुरवा बाजार में एक सर्राफा व्यापारी और उनके बेटे को लॉरेंस गैंग के नाम पर धमकी भरा पत्र मिला है। अज्ञात व्यक्ति ने उनसे पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी है और न देने पर जान से मारने की धमकी दी है। व्यापारी चंद्र मोहन सोनी, जिनकी बाजार में ‘जगदीश ज्वेलर्स’ नाम से दुकान है और उनके पुत्र युवराज सोनी को यह धमकी मिली। बुधवार को उनकी दुकान पर एक अज्ञात व्यक्ति ने पत्र के साथ 315 बोर का कारतूस भी फेंका। पुलिस कर रही मामले की जांच पत्र में लिखा था कि ‘तुमने विश्नोई समाज का अपमान किया है, इसलिए तुम्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।’ इसमें अनमोल विश्नोई का नाम भी लिखा था और चेतावनी दी गई थी कि अगर पांच लाख रुपये नहीं दिए गए तो उन्हें मार दिया जाएगा।इस धमकी भरे पत्र के मिलने के बाद व्यापारी का परिवार काफी भयभीत है। मोतीपुर थाना प्रभारी ने बताया कि व्यापारी ने इस संबंध में सूचना दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।

श्रावस्ती में ‘स्कूल चलो अभियान’ की रैली:चैनपुर-तिलकपुर में बच्चों के नामांकन-उपस्थिति बढ़ाने का संदेश


श्रावस्ती जिले के इकौना विकास खंड में ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय चैनपुर और प्राथमिक विद्यालय तिलकपुर चौकी ने संयुक्त रूप से यह रैली निकाली। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के नामांकन, उपस्थिति और विद्यालय में ठहराव को बढ़ावा देना था। रैली में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ ने सक्रिय रूप से भाग लिया। बच्चों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर “सब पढ़ें, सब बढ़ें” तथा “हर बच्चा स्कूल जाए” जैसे नारों के साथ गांव के विभिन्न मार्गों पर भ्रमण किया। इस दौरान लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व उच्च प्राथमिक विद्यालय चैनपुर के प्रधानाध्यापक शिव नारायण और प्राथमिक विद्यालय तिलकपुर चौकी की प्रभारी प्रधानाध्यापिका अमृता पाण्डेय ने किया। रैली के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करें और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजें। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा ही बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला है। विद्यालय परिवार ने बताया कि ‘स्कूल चलो अभियान’ के माध्यम से क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

रीचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग क्यों बंद? राघव चड्ढा ने टेलीकॉम कंपनियों को घेरा

आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में मोबाइल उपभोक्ताओं के हक में एक बहुत बड़ा मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि जब किसी का प्रीपेड रिचार्ज खत्म हो जाता है तो कंपनियां न केवल आउटगोइंग बल्कि इनकमिंग कॉल और एसएमएस भी बंद कर देती हैं। राघव चड्ढा ने इसे कंपनियों की सरासर मनमानी बताया और सरकार से इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।

राघव चड्ढा ने सरकारी आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि भारत में करीब 125 करोड़ मोबाइल यूजर हैं और इनमें से 90 प्रतिशत लोग प्रीपेड सिम का इस्तेमाल करते हैं। इन सभी लोगों को रिचार्ज खत्म होते ही इनकमिंग सेवाएं बंद होने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब फोन और सिम कार्ड ग्राहक का है और नंबर भी उसी का है, तो कोई दूसरा व्यक्ति उसे कॉल करे तो उसे रोकना पूरी तरह से गलत है।

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डिजिटल पहचान और ओटीपी कि समस्या

राघव चड्डा ने सदन को समझाया कि आज के दौर में मोबाइल नंबर सिर्फ बात करने का साधन नहीं रहा है बल्कि यह हमारी एक डिजिटल पहचान बन चुका है। इनकमिंग कॉल और एसएमएस बंद होने से लोगों के कई जरूरी काम बीच में लटक जाते हैं। बैकिंग के लिए आने वाले ओटीपी नहीं मिलते और रेल टिकट से लेकर अस्पताल की जरूरी कॉल भी समय पर नहीं आ पाती है जिससे आम आदमी को मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

सरकार और TRAI से तीन मुख्य मांगें

इस समस्या के समाधान के लिए राघव चड्ढा ने सरकार और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के सामने तीन बड़ी मांगें रखी हैं। ट्राई (TRAI) भारत सरकार की वह संस्था है जो मोबाइल और टेलीकॉम कंपनियों के लिए नियम बनाती है ताकि ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी न हो। राघव चड्डा की पहली मांग यह है कि रिचार्ज खत्म होने के बाद भी कम से कम एक साल तक इनकमिंग कॉल की सुविधा चालू रहनी चाहिए।

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दूसरी मांग में उन्होंने कहा कि किसी भी मोबाइल नंबर को तीन साल से पहले बंद नहीं किया जाना चाहिए ताकि वह किसी और को न मिल जाए। तीसरी मांग यह है कि कंपनियों को सिर्फ इनकमिंग चालू रखने के लिए बहुत ही सस्ते रिचार्ज प्लान लाने चाहिए जिससे गरीब तबके पर बोझ न पड़े।

अपनी बात खत्म करते हुए राघन चड्डा ने साफ कहा कि वह मुफ्त आउटगोइंग की मांग नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि आज के डिजिटल युग में इनकमिंग कॉल एक जरूरी सेवा है और इसे सिर्फ इसलिए नहीं बंद करना चाहिए क्योंकि कोई इंसान एक रिचार्ज कराना भूल गया है। उन्होंने इसे आम जनता के अधिकारों की रक्षा से जुड़ा हुआ मुद्दा बताया है।

गौतम अडाणी ने परिवार संग किया रामलला का दर्शन, बोले- राम मंदिर भारत की एकता का प्रतीक है

UP: अडाणी ग्रुप (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अडाणी (Gautam Adani) गुरुवार को अपने परिवार के साथ अयोध्या (Ayodhya) पहुंचे। सुबह 8:30 बजे अहमदाबाद से चार्टर्ड फ्लाइट के जरिए महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड करने के बाद, वे सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर गए। और बड़े काफिले के साथ दर्शन के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश किया।

रामलला के दर्शन और विधिपूर्वक पूजा

मंदिर में प्रवेश करने के बाद गौतम अडाणी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती में हिस्सा लिया। पुजारी से तिलक करवाया और प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर में भ्रमण के दौरान उन्होंने राम मंदिर निर्माण के संबंध में ट्रस्ट के सदस्यों से जानकारी ली। इस दौरान उनके परिवार ने भी साथ में दर्शन किए।

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भावनात्मक अनुभव और संदेश

मंदिर दर्शन के बाद गौतम अडाणी ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम के दर्शन उनके लिए और उनके परिवार के लिए अत्यंत सौभाग्यपूर्ण पल था। उन्होंने कहा, यह मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, एकता और आत्मविश्वास का प्रतीक भी है। भगवान राम के आदर्श हमें सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।

गुरुकुल महाविद्यालय में छात्रों से मुलाकात

दर्शन के बाद गौतम अडाणी ने अयोध्या स्थित निशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय का दौरा किया। उन्होंने छात्रों से मिलकर उन्हें सम्मानित किया और गुरुकुल की पुरानी व आधुनिक परंपराओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आज के युग में गुरुकुल संस्कृति हमारे संस्कार और संस्कृति को जागृत रखने का कार्य कर रही है और अडाणी फाउंडेशन इस दिशा में हर संभव सहयोग देगा।

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रिचार्ज से रिकॉल तक, सियासत के बिना कैसे जनहित के मुद्दे उठा रहे राघव चड्ढा?

पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का पिछले कुछ समय से अंदाज बदला बदला दिख रहा है। वह सियासत से इतर जनहित के मुद्दों को खूब उठा रहे हैं। कुछ समय पहले गीग वर्कस की सामाजिक सुरक्षा और 10 मिनट में डिलीवरी के खिलाफ आवाज उठाई। हालांकि बाद में सरकार ने 10 मिनट डिलीवरी वाले विज्ञापन पर रोक लगा दी।

हाल ही में राघव चड्ढा ने रिचार्ज के नाम पर टेलीकॉम कंपनियों की लूट को संसद में उठाया है। उन्होंने सैनिटरी पैड को अखबार में लपेटकर देने और शराब व सिगरेट को खुलेआम बेचने पर भी आपत्ति जताई। आइये जानते हैं कि राघव चड्ढा कैसे सियासत के इतर जनता से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं।

इनकमिंग कॉल: 11 मार्च 2023 को राघव चड्ढा ने रिचार्ज के नाम पर मची लूट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रीपेड रिचार्ज के खत्म होने पर आउटगोइंग कॉल बंद करना समझ में आता है। मगर इनकमिंग कॉल को बंद करना सरासर मनमानी है। एक रिचार्ज के कारण इनकमिंग कॉल नहीं बंद की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की इनकमिंग कॉल की सुविधा होनी चाहिए। रिचार्ज खत्म होने के बाद कोई संपर्क नहीं कर सकता है। ओटीपी जैसे अहम मैसेज भी नहीं आ पाते हैं। आपातकाल में इंसान बेसहारा हो जाता है।

राघव चड्ढा की मांग

  • आखिरी रिचार्ज के बाद एक साल तक इनकमिंग कॉल्स और मैसेज बंद न हो।
  • आखिरी रिचार्ज के बाद कम से कम तीन साल तक मोबाइल नबंर एक्टिव रहे।
  • टेलीकॉम ऑपरेटर्स को सत्ता ‘ओनली इनकमिंग’ प्लान लाना चाहिए।

28 दिन का रिचार्ज: इनकॉमिंग कॉल के अलावा राघव चड्ढा ने 28 दिन के रिचार्ज का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि 28 दिन का रिचार्ज स्कैम है। साल में 12 महीने होते हैं। मगर लोगों को 13 महीने का रिचार्ज करवाना पड़ता है।रिचार्ज की वैधता को कलेंडर महीने से तय किया जाना चाहिए।

सैनिटरी पैड का मुद्दा: संसद में राघव चड्ढा ने कहा कि पीरियड्स नैचुरल हैं। स्टिग्मा नहीं है।अगर कोई लड़की स्कूल इसलिए मिस करती है, क्योंकि सैनिटरी पैड नहीं हैं, पानी नहीं है और प्राइवेसी नहीं है, तो यह उसकी पर्सनल प्रॉब्लम नहीं है। यह हमारा कलेक्टिव फेलियर है।

आगे कहा कि हम एक ऐसे देश में रहते हैं, जहां शराब और सिगरेट खुलेआम बिकती हैं, लेकिन सैनिटरी पैड अब भी अखबार में लिपटे होते हैं। कहीं न कहीं, समाज ने एक बायोलॉजिकल फैक्ट को सोशल टैबू में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि यह हेल्थ, एजुकेशन और इक्वालिटी का मामला है। सबसे बढ़कर यह डिग्निटी का मामला है। यह मुद्दा देश की 35 करोड़ से अधिक महिलाओं और लड़कियों को प्रभावित करता है।

पंचायतों को ताकत देने की बात: राघव चड्ढा ने हाल ही में पंचायतों को अधिक शक्ति देने की वकालत भी की। उनका तर्क है कि गांव में क्या जरूरत है, यह गांव के लोग तय करें। न कि हजारों किलोमीटर बैठा कोई बाबू। राघव चड्ढा का ने संसद में कहा कि 73वें और 74वें कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट का मकसद ‘पावर को डीसेंट्रलाइज’ करना था, ताकि गांव के बारे में फैसले गांव ही ले, दिल्ली या किसी राज्य की राजधानी में न हो। उनका कहना है कि आज डीसेंट्रलाइज़ेशन रुका हुआ है। उन्होंने पूछा कि क्या पंचायतें सच में सेल्फ गवर्निंग इंस्टीट्यूशन हैं, या वे सिर्फ कहीं और बनाई गई स्कीमों को लागू करने वाली एजेंसी बनकर रह गई हैं?

एयरपोर्ट पर महंगा खाना और लेट फ्लाइट का मुद्दा: कुछ समय पहले राघव चड्ढा ने एयरपोर्ट पर मिलने वाले महंगे खाने-पीने के सामान का मुद्दा उठाया था। हालांकि सरकार अब उड़ान यात्री कैफे के तहत सस्ती दर में खाने पीने का सामान उपलब्ध करा रही है। राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि अधिक सामान ले जाने पर एयरलाइंस हजारों रुपये की वसूली करती हैं। मगर फ्लाइट घंटों लेट होने पर यात्रियों को कोई मुआवजा नहीं मिलता है। राघव चड्ढा ने सरकार से फ्लाइट लेट होने पर यात्रियों को मुआवजे देने की मांग उठाई।

एआई का मुफ्त सब्सक्रिप्शन

25 मार्च 2025 को राघव चड्ढा ने सांसद में एआई के क्षेत्र में भारत के पिछड़ने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने देश के हर नागरिक के लिए एडवांस जेनरेटिव एआई का मुफ्त सब्सक्रिप्शन देने की मांग उठाई थी। राघव चड्ढा का तर्क था कि एआई आज सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि आगे बढ़ने, सपने देखने और उन्हें पूरा करने का अवसर है। उन्होंने बताया कि चीन, सिंगापुर और यूएई जैसे देश अपने हर नागरिक को एडवांस एआई की सेवा मुफ्त में दे रहे हैं। मगर भारत में लोग इन टूल्स से वचिंत हैं, क्योंकि यह टूल्स महंगे हैं।

राघव चड्ढा ने सवाल किया कि अमेरिका के पास जेमिनी, चैटजीपीटी, ग्रोक और एंथ्रोपिक जैसे स्वदेशी एआई मॉडल्स हैं। चीन ने सबसे कम लागत और सबसे अधिक क्षमता वाला एआई मॉडल तैयार कर लिया है। उन्होंने पूछा कि इस एआई के युग में भारत कहां? क्या भारत इस रेस में पिछड़ता जा रहा है और भारत क्या अपना जेनरेटिव एआई मॉडल नहीं बना पाएगा।

प्राइवेट सेक्टर में वेतन वृद्धि का मुद्दा

9 फरवरी 2026 को राघव चड्ढा ने देश में ‘इन्फ्लेशन लिंक्ड सैलरी रिविजन एक्ट’ की मांग उठाई। उन्होंने यह भी बताया कि इसकी जरूरत क्यों हैं। उन्होंने लोगों की सैलरी को महंगाई से इंडेक्स करने की बात कही और बताया कि वित्तीय वर्ष 2018 से 2026 तक सैलरी पाने वाले भारतीयों की असली सैलरी में 16 फीसद की कमी आई है। इसका मतलब यह है कि महंगाई की तुलना में वेतन में इजाफा नहीं हुआ। उनका कहना है कि आज वेज इंडेक्सेशन फॉर्मूला आज की जरूरत है।

राघव चड्ढा का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों को हर साल डियरनेस अलाउंस और कुछ वर्षों में पे कमीशन के माध्यम से यह मिलता है। अमेरिका, जर्मनी और जापान में मंहगाई के हिसाब से सैलरी बढ़ाई जाती है। बेल्जियम में हर तीन महीने में इजाफा होता है। भारत बड़ी अर्थव्यवस्था में इकलौता देश हैं, जहां हमारे 85% फॉर्मल वर्कफोर्स के पास जीरो स्टैच्युटरी इन्फ्लेलेशन प्रोटेक्शन है। उन्होंने अपने वेतन में इजाफा की खातिर नियोक्ता की दया और अपनी मोल-भाव की ताकत पर निर्भर रहना पड़ता है। भारत में मिनिमम सैलरी बढ़ोतरी का होना जरूरी है।

राघव चड्ढा ने बताया-

  • अमेरिका में ऑटोमैटिक रिविजन के साथ COLA सिस्टम लागू।
  • जर्मनी हर 18 से 24 महीने में सैलरी में बढ़ोतरी की जाती है।
  • जापान में सालाना शंटो सिस्टम के माध्यम से इजाफा होता है।
  • बेल्जियम में हर तीन महीने में ऑटोमैटिक इंडेक्सेशन जरूरी है।

वन नेशन, वन मेडिकल

9 फरवरी 2026 को राघव चड्ढा ने वन नेशन, वन मेडिकल ट्रीटमेंट की तरफ बढ़ने की वकालत की। जहां बिना किसी टेंशन के सभी को अच्छी मेडिकल केयर मिल सके। उन्होंने बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को कम धन आवंटन का विरोध जताया। हेल्थ पर काम खर्च का असर है कि अस्पतालों में स्टाफ की कमी है। लंबी लाइन, मशीनों और दवाइयों की कमी के कारण लोगों को प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ता है। हेल्थ इमरजेंसी के बाद कर्ज की इमरजेंसी बन जाती है।

खाद्य पदार्थ में मिलावट का मुद्दा

4 फरवरी को राघव चड्ढा ने संसद में खाने में मिलावट का मुद्दा उठाया है। उनका दावा है कि बाजार में शुद्धता का लेबल लगाकर खुलेआम जहर बेचा जा रहा है। दूध, मशाले, खाने वाले तेल और पेय पदार्थ में खतरनाक केमिकल्स की मिलावट हो रही है। आज दूध में यूरिया, सब्जियों में ऑक्सीटोसिन, पनीर में कास्टिक सोडा, मसालों में ईंट का पाउडर, पोल्ट्ररी में ‘स्टेरॉयड और आइसक्रीम में डिटर्जेंट मिल रहा है। राघव चड्ढा ने एफएसएसएआई को अधिक मजबूत करने की मांग की। मिलावट खोरों पर जुर्माना बढ़ाने की मांग की। फर्जी विज्ञापनों पर भी रोक लगाने का सुझाव दिया।

‘राइट टू रिकॉल’ की मांग

11 फरवरी 2026 को राघव चड्ढा ने ‘राइट टू रिकॉल’ का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि अगर वोटर नेता को हायर कर सकते हैं, तो उन्हें नेता को फायर करने का भी अधिकार होना चाहिए। अगर चुना हुआ विधायक और सांसद सही से काम नहीं करता है तो जनता के पास उसे हटाने का अधिकार होना चाहिए। इसके लिए उसे पांच साल का इंतजार क्यों करना? आप सांसद ने बताया कि दुनियाभर में 24 से अधिक लोकतंत्र में किसी न किसी रूप में राइट टू रिकॉल सिस्टम लागू है। उन्होंने भारत में भी ऐसा ही सिस्टम बनाने की मांग उठाई। गलत इस्तेमाल रोकने की खातिर सुरक्षा उपाय भी बताए।

मछली निर्यात में महाराष्ट्र देश में दूसरे स्थान पर

फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में, महाराष्ट्र ने 7,343.40 करोड़ रुपये का सीफूड एक्सपोर्ट किया।पिछले पांच सालों में इस सेक्टर में काफी ग्रोथ हुई है, 2020-21 में एक्सपोर्ट 3,684 करोड़ रुपये से लगभग दोगुना हो गया है।एक्सपोर्ट का वॉल्यूम भी बढ़कर सालाना 2.27 लाख मीट्रिक टन हो गया है। खास तौर पर झींगा और फ्रोजन मछली एक्सपोर्ट का एक बड़ा हिस्सा हैं।(Maharashtra Ranks Second in the Country in Fish Exports)

कोंकण के झींगे की US और चीन जैसे बड़े मार्केट में बहुत डिमांड

कोंकण के झींगे की US और चीन जैसे बड़े मार्केट में बहुत डिमांड है। इसकी क्वालिटी और स्वाद इसे विदेशी कंज्यूमर्स के बीच खास तौर पर पॉपुलर बना रहे हैं।फिशरीज डेवलपमेंट मिनिस्टर नितेश राणे ने मॉडर्न टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सपोर्ट कैपेसिटी के साथ फिशरीज सेक्टर को बढ़ाने के लिए लगातार कोशिशें की हैं। उनकी कोशिशों से कोंकण के मछुआरों को सीधे ग्लोबल मार्केट से जोड़ने में मदद मिली है।

भारत के कुल मछली एक्सपोर्ट के लिए US सबसे बड़ा मार्केट बनकर उभरा है। 2024-25 में, 22,723 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट किया गया। भारत की मछली की चीन (10,668 करोड़ रुपये), यूरोपियन यूनियन, साउथ-ईस्ट एशिया और जापान में भी बहुत ज़्यादा डिमांड है।

महाराष्ट्र ने इंटरनेशनल मार्केट में उतार-चढ़ाव और बढ़ती प्रोडक्शन कॉस्ट जैसी चुनौतियों को पार करके गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के बराबर अपनी जगह बनाए रखी है।

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सिद्धार्थनगर जेल में दिव्यांग बंदियों को मिले सहायक उपकरण:दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत वितरण


सिद्धार्थनगर जिला कारागार में 2 अप्रैल को दिव्यांग बंदियों के लिए एक मानवीय पहल की गई। इस दौरान कारागार में निरुद्ध दिव्यांग बंदियों को उनकी आवश्यकतानुसार सहायक उपकरणों का वितरण किया गया, जिससे उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। यह कार्यक्रम जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी संदीप मौर्या के सहयोग से आयोजित किया गया। इसमें दृष्टिबाधित बंदियों को ब्लाइंड केन (सफेद छड़ी) और चलने-फिरने में असमर्थ बंदियों को ट्राईसाइकिल (दिव्यांग साइकिल) प्रदान की गईं। इन उपकरणों से बंदियों को आत्मनिर्भर बनने और उनकी गतिशीलता में सुधार लाने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर कारागार अधीक्षक सचिन वर्मा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप कारागार में निरुद्ध प्रत्येक बंदी के पुनर्वास, सशक्तिकरण और मानवीय गरिमा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बंदियों के लिए ऐसी पहल उनके आत्मविश्वास को मजबूत करेगी और उन्हें सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करेगी। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी संदीप मौर्या ने जानकारी दी कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में कारागार में यह वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि वहां निरुद्ध दिव्यांग बंदियों को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। कार्यक्रम के दौरान कारागार प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल दिव्यांग बंदियों के जीवन को सरल बनाने में सहायक होगी, बल्कि उनके पुनर्वास और आत्मसम्मान को भी नई दिशा प्रदान करेगी।

नानपारा में बालाजी जन्मोत्सव, नगर में निकली शोभायात्रा:जगदीश्वरी मंदिर के निकट सुंदरकांड पाठ, झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र


नानपारा में श्री बालाजी जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर जगदीश्वरी मंदिर के निकट सुबह सुंदरकांड पाठ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सुंदरकांड पाठ के बाद नगर में शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा जगदीश्वरी मंदिर, काली कुंडा मंदिर, संकट मोचन मंदिर और विश्वनाथ मंदिर से होकर गुजरी। शोभायात्रा में बालाजी के बाल स्वरूप की झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। आयोजकों के अनुसार, शोभायात्रा के बाद सुबह 11 बजे हवन-पूजन का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है। शाम 7 बजे बालाजी का श्रृंगार होगा। रात 9 बजे से जागरण का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हेमू तिवारी (आस्था टीवी), नैना किंकर, रुद्र पंडित (दिल्ली) और मुस्कान (कानपुर) अपनी प्रस्तुतियां देंगे। रामकिशन झांकी आर्ट ग्रुप, कानपुर द्वारा विशेष झांकियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में राहुल सिंह, अमित रूपानी, आलोक तिवारी, धीरेंद्र सिंह, पंकज जायसवाल, मनीष जायसवाल, सौरभ सिंह, दुर्गेश सिंह, आदर्श जायसवाल और नितेश रूपानी का विशेष योगदान रहा। इसी क्रम में, मंदिर समिति की सचिव डॉ. वीरांगना कांत ने बताया कि आज शाम 5 बजे से सतरूपा अष्टभुजा दुर्गा मंदिर प्रांगण में प्राण प्रतिष्ठित पंचमुखी हनुमानजी के मंदिर में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा।

शॉर्ट सर्किट से 10 एकड़ गेहूं की फसल राख:महराजगंज में दर्जनों किसानों को नुकसान, प्रशासन ने मुआवजे का आश्वासन दिया


महराजगंज जनपद के नौतनवा तहसील क्षेत्र के सोनौली कोतवाली अंतर्गत ग्राम पंचायत जगन्नाथपुर टोला पंडितपुर सिवान में बृहस्पतिवार को आग लग गई। इस घटना में दर्जनों किसानों की 10 एकड़ से अधिक गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग बिजली के तार में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली और करीब 10 एकड़ से अधिक क्षेत्र में खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने तत्काल स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग को आग लगने की सूचना दी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बावजूद अधिकारी और दमकल वाहन समय पर मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे नुकसान और बढ़ गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण स्वयं आग बुझाने में जुट गए। उन्होंने झाड़-डंडे, बाल्टी और अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। कई घंटों की मेहनत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका। घटना के बाद प्रभावित किसानों ने नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि यदि दमकल विभाग समय पर पहुंच जाता तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। घटना की सूचना मिलने पर तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। नायब तहसीलदार सौरभ कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लगभग 10 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल जलने का अनुमान है। राजस्व विभाग द्वारा प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रशासन ने पीड़ित किसानों को हर संभव सहायता और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। वहीं, ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए जर्जर बिजली तारों की मरम्मत और समय पर राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

राघव चड्ढा को AAP ने राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाया

आम आदमी पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को सदन में ‘उपनेता’ के पद से हटा दिया है। राघव चड्ढा, सदन में जनहित के मुद्दे उठाकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। कभी वह मोबाइल फोन रिचार्ज का मुद्दा उठाते हैं, कभी ऑन लाइन फूड डिलीवरी वर्कर्स के मदद की चर्चा करते हैं। अब पार्टी ने अचानक उन्हें उपनेता के पद से हटा दिया है।

राघव चड्ढा, दुनियाभर के मुद्दों पर बोलते हैं लेकिन आम आदमी पार्टी से जुड़े मुद्दों पर चुप रहे हैं। आम आदमी पार्टी के एक धड़े का कहना है कि राघव चड्ढा की चुप्पी की वजह से अब पार्टी में उन्हें हाशिए पर किया जा रहा है। कार्यकर्ता आरोप लगाते रहे हैं कि वह मुश्किल वक्त में भी अपने नेताओं के साथ नहीं खड़े रहे।

ट्रंप का बड़ा बयान: ‘2-3 हफ्तों में ईरान को तबाह कर देंगे, होर्मुज पर कब्जा करने वालों को तेल मिलेगा’

News Desk

Donald trump Statement: इजरायल-ईरान और अमेरिका के बीच शुरू जंग को 34 दिन बीच चुके हैं. इस दौरान ट्रंप ने कई बार युद्ध खत्म करने की बात कही. लेकिन फिर किसी बात का हवाला देते हुए टाल दिया. आज गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने देश में राष्ट्र के नाम संबोधन किया है. जिसमें लोगों को उम्मीद थी कि ट्रंप इस दौरान सीजफायर की घोषणा कर सकते हैं. लेकिन उन्होंने इस दौरान कहा कि अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर ज़ोरदार हमला करेंगे. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को रोक रखा था. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ट्रंप ने कहा कि हम हम होर्मुज स्ट्रेट में जाएंगे और इसकी सुरक्षा भी करेंगे. फिलहाल, मिडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति बनी हुई है.

ट्रम्प ने कहा, “मेरी पहली प्राथमिकता हमेशा कूटनीति का रास्ता ही रहा है, फिर भी उस शासन ने परमाणु हथियारों की अपनी लगातार खोज जारी रखी और किसी भी समझौते के हर प्रयास को ठुकरा दिया. इसी कारण से, जून में मैंने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत ईरान की प्रमुख परमाणु सुविधाओं पर हमला करने का आदेश दिया. इसके बाद भी परमाणु हथियारों की अपनी खोज को छोड़ने का कोई इरादा नहीं बनाया. उन्होंने कहा कि ईरान के पास कुछ ऐसे हथियार थे जिनके बारे में किसी को यकीन ही नहीं था कि वे उनके पास हैं. हमें अभी-अभी इस बारे में पता चला और हमने उन्हें खत्म कर दिया.

कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दूंगा

राष्ट्र को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने कहा, “मैं जानकारी देना चाहता हूं कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अमेरिका की सुरक्षा और आजाद दुनिया की हिफाजत के लिए क्यों जरूरी है. जिस पहले दिन, 2015 में मैंने राष्ट्रपति पद के लिए अपने चुनाव अभियान की घोषणा की थी, उसी दिन मैंने यह कसम खाई थी कि मैं ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दूंगा. यह शासन पिछले 47 सालों से ‘अमेरिका का नाश हो, इजरायल का नाश हो’ के नारे लगाता आ रहा है. ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ अनगिनत जघन्य अपराध किए.”

ट्रंप ने सैनिकों को दिया धन्यवाद

ट्रम्प ने कहा, “मौजूदा हालात पर चर्चा के दौरान सबसे पहले मैं अपने सैनिकों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने वेनेज़ुएला देश को कुछ ही मिनटों में अपने कब्जे में लेने का शानदार काम किया. वह हमला तेज, जानलेवा, ज़ोरदार था और पूरी दुनिया में हर किसी ने उसकी तारीफ की. अब हमारे पास दुनिया में कहीं भी सबसे मज़बूत सेना है. हम भारी मात्रा में तेल और गैस के उत्पादन और बिक्री में बहुत अच्छा तालमेल बिठा रहे हैं.”

Dead Body Finder: नहरों से 10 हजार लाशें निकालने वाले की कहानी

पंजाब की नहरें खेतों को सिर्फ पानी ही नहीं देती बल्कि यह नहरें लाशों को ठिकाने लगाने का एक तरीका बन चुकी हैं। हाल ही में ‘खबरगांव’ न्यूज पोर्टल के यूट्यूब चैनल पर डॉक्यूमेंट्री ‘Dead Body Finder’ में दिखाया गया है कि किस तरह से आशू मलिक नाक के एक गोताखोर ने दिल्ली से लेकर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक की नहरों से हजारों लाशें बाहर निकालीं हैं। आशू मलिक हरियाणा के पानीपत के रहने वाले हैं और वह पिछले 32 सालों से गोताखोर का काम कर रहे हैं। खबरगांव की डॉक्यूमेंट्री में आशू मलिक ने बताया है कि वह यह खतरनाक काम कैसे करते हैं और उन्हें किन हालातों का करना पड़ता है।

आशू मलिक अब तक नहरों से 10 हजार लाशें निकाल चुके हैं। खबरगांव की डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने कई हैरान कर देने वाली चीजें बताई हैं। उन्होंने कहा, ‘भाखड़ा नहर में पानी का फ्लो बहुत ज्यादा है। ऐसे में कूदकर लाश निकालना काफी मुश्किल है। ऐसे में करीब 5 दिन बाद लाश अपने आप पानी पर तैरने लगती है और फिर उसे निकाला जाता है।’ उन्होंने बताया कि भाखड़ा नहर में उन्हें एक लाश करीब ढाई साल बाद मिली।

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लाशें निकालने से लगता है डर?

लाश को देखकर आमतौर पर लोग डर जाते हैं। हर रोज लाश को निकालना और अब तक 10 हजार लाशें निकालना आसान काम नहीं है। आशू मलिक से जब पूछा गया कि क्या उन्हें लाशें निकालने के बाद कभी डरावने सपने आते हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें हर रोज ऐसे सपने आते हैं। उन्होंने कहा, ‘हर रोज ऐसे सपने आते हैं। मरने के सपने आते हैं। कई बार ऐसा लगता है कि कोई मुझे मार रहा है। ऐसे लगता है कि मेरे घर के कोने में कोई बैठा है। मुझे ऐसे लगता है कि मेरे घर के अंदर वह आत्माएं बैठी हैं जिनकी लाश मैंने निकाल दी।’

यहां देखें पूरी डॉक्यूमेंट्री- Dead Body Finder

उन्होंने बताया कि उनके साथ इस तरह की चींजें हर रोज होती हैं। उन्होंने कहा कि वह इस तरह की चीजों को नजरअंदाज करके अपना काम करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि कई ऐसे प्वाइंट्स हैं जहां पर आमतौर पर लाशें मिलती हैं। उन्होंने बताया कि नहर में अगर कोई सबके सामने भी नहर में कूद जाए तो भी उसकी लाश निकालना आसान नहीं होता।

पुलिस प्रशासन पर सवाल

आशू ने अपने हल किए गए मामलों के बारे में बताते हैं कि उन्हें हर रोज अलग-अलग तरह के केस देखने पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि कई लावारिश लाशें भी उन्हें मिली है। कई बार लाशों के टूकड़े मिलते हैं। एक केस के बारे में बताते हुए आशू ने कहा कि एक 10 साल की बच्ची की लाश उन्होंने नहर से निकाली जिसका रेप करके उसे नहर में फेंक दिया था।

आशू ने पुलिस प्रशासन की लापरवाही को भी दिखाया। उन्होंने डॉक्यूमेंट्री में एक वीडियो दिखाई है जिसमें एक कुत्ता नहर के किनारे एक लाश को खा रहा है और पुलिस के कुछ अधिकारी किनारे पर खड़े होकर देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ लाशें ही नहीं कई बार उन्हें जिंदा बम भी देखने को मिले हैं।

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राजस्थान तक चली जाती हैं लाशें

आशू ने बताया कि कई बार लाशें पंजाब से होकर राजस्थान तक चली जाती हैं। राजस्थान के गांव के स्थानीय लोग इन लाशों को निकालते हैं और इनको जला देते हैं। आशू कहते हैं कि इस तरह कई लोगों की कहानी खत्म हो जाती है जो ना रिकॉर्ड में आती है और ना ही उनके परिजनों को कभी उनकी लाश मिल पाती है। आशू नगर के अंदर फंसी हुई लाशों को नजह में कूदकर निकालते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार लोगों की लाशों को निकाला है जिसनें कई लावारिश लाशें भी शामिल हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने दिव्यांग छात्रों के लिए स्कॉलरशिप बढ़ाई

राज्य कैबिनेट ने राज्य में दिव्यांग स्टूडेंट्स के लिए पढ़ाई को और आसान बनाने के लिए स्कॉलरशिप बढ़ाने का एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में इस फैसले को मंजूरी दी गई।

इस फैसले के मुताबिक, स्टूडेंट्स को मिलने वाली हर महीने की स्कॉलरशिप 500 से बढ़ाकर 1000 कर दी गई है। इसके लिए कुल 23.11 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई है। पहले यह मदद सिर्फ़ 100 से 200 थी।

रिवाइज़्ड स्कॉलरशिप अमाउंट

क्लास 9 और 10 (रेजिडेंशियल स्टूडेंट्स): 800

क्लास 9 और 10 (नॉन-रेजिडेंट स्टूडेंट्स): 600

क्लास 11 और 12 (रेजिडेंशियल स्टूडेंट्स): 1000

क्लास 11 और 12 (नॉन-रेजिडेंट स्टूडेंट्स): 800

एडिशनल बेनिफिट्स

ब्लाइंड स्टूडेंट्स के लिए एडिशनल अलाउंस: 150

एजुकेशनल ट्रिप के लिए (क्लास 11-12): हर साल 1500 तक की मददइस फैसले से राज्य में दिव्यांग स्टूडेंट्स को पढ़ाई के लिए ज़्यादा फाइनेंशियल मदद मिलेगी और उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।

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बस्ती में ट्रेन से गिरा बैग जीआरपी ने खोजा:दवाइयों समेत यात्री को सुरक्षित लौटाया, ईमानदारी से यात्रियों के चेहरे खिलें


बस्ती रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर पर मंगलवार को एक यात्री का बैग ट्रेन से गिर गया। सूचना मिलने पर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने तत्परता दिखाते हुए बैग को ढूंढ निकाला और यात्री को वापस सौंप दिया। बैग में यात्री की मां की दवाएं और अन्य कीमती सामान था। फूलपुर, थाना कलवारी, जनपद बस्ती निवासी सर्वेश यादव पुत्र गंगा प्रसाद मंगलवार को ट्रेन नंबर 20103 आजमगढ़ सुपरफास्ट एक्सप्रेस से मुंबई से बस्ती की यात्रा कर रहे थे। बस्ती स्टेशन के पश्चिमी आउटर पर ट्रेन के झटके से उनका काले रंग का बैग दरवाजे से नीचे गिर गया। इस बैग में उनकी माता जी की दवाएं थीं, जिन्हें मुंबई में इलाज के बाद लाया जा रहा था। दवाओं की अनुमानित कीमत लगभग 15,000 रुपये बताई गई है। बैग में पुराने कपड़े और अन्य कीमती सामान भी था। यात्री सर्वेश यादव ने तत्काल कंट्रोल रूम में इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए बैग की तलाश शुरू कर दी। प्लेटफार्म ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल सुजीत सोनकर ने बैग को ढूंढकर थाना कार्यालय में जमा कराया। पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग गोरखपुर और पुलिस उपाधीक्षक रेलवे अनुभाग गोरखपुर के कुशल निर्देशन में, यात्री सर्वेश यादव से पहचान कराने के बाद बैग उन्हें सुपुर्द कर दिया गया। इस कार्य के लिए आवेदक ने जीआरपी बस्ती की प्रशंसा की।
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