Home Blog Page 511

Patricia Urquiola Coats Transparent Glas Tables for Livings

We woke reasonably late following the feast and free flowing wine the night before. After gathering ourselves and our packs, we headed down to our homestay family’s small dining room for breakfast.

Refreshingly, what was expected of her was the same thing that was expected of Lara Stone: to take a beautiful picture.

We were making our way to the Rila Mountains, where we were visiting the Rila Monastery where we enjoyed scrambled eggs, toast, mekitsi, local jam and peppermint tea.

We wandered the site with other tourists

Yet strangely the place did not seem crowded. I’m not sure if it was the sheer size of the place, or whether the masses congregated in one area and didn’t venture far from the main church, but I didn’t feel overwhelmed by tourists in the monastery.

Headed over Lions Bridge and made our way to the Sofia Synagogue, then sheltered in the Central Market Hall until the recurrent (but short-lived) mid-afternoon rain passed.

Feeling refreshed after an espresso, we walked a short distance to the small but welcoming Banya Bashi Mosque, then descended into the ancient Serdica complex.

We were exhausted after a long day of travel, so we headed back to the hotel and crashed.

I had low expectations about Sofia as a city, but after the walking tour I absolutely loved the place. This was an easy city to navigate, and it was a beautiful city – despite its ugly, staunch and stolid communist-built surrounds. Sofia has a very average facade as you enter the city, but once you lose yourself in the old town area, everything changes.

Clothes can transform your mood and confidence. Fashion moves so quickly that, unless you have a strong point of view, you can lose integrity. I like to be real. I don’t like things to be staged or fussy. I think I’d go mad if I didn’t have a place to escape to. You have to stay true to your heritage, that’s what your brand is about.

Another Big Apartment Project Slated for Broad Ripple Company

We woke reasonably late following the feast and free flowing wine the night before. After gathering ourselves and our packs, we headed down to our homestay family’s small dining room for breakfast.

Refreshingly, what was expected of her was the same thing that was expected of Lara Stone: to take a beautiful picture.

We were making our way to the Rila Mountains, where we were visiting the Rila Monastery where we enjoyed scrambled eggs, toast, mekitsi, local jam and peppermint tea.

We wandered the site with other tourists

Yet strangely the place did not seem crowded. I’m not sure if it was the sheer size of the place, or whether the masses congregated in one area and didn’t venture far from the main church, but I didn’t feel overwhelmed by tourists in the monastery.

Headed over Lions Bridge and made our way to the Sofia Synagogue, then sheltered in the Central Market Hall until the recurrent (but short-lived) mid-afternoon rain passed.

Feeling refreshed after an espresso, we walked a short distance to the small but welcoming Banya Bashi Mosque, then descended into the ancient Serdica complex.

We were exhausted after a long day of travel, so we headed back to the hotel and crashed.

I had low expectations about Sofia as a city, but after the walking tour I absolutely loved the place. This was an easy city to navigate, and it was a beautiful city – despite its ugly, staunch and stolid communist-built surrounds. Sofia has a very average facade as you enter the city, but once you lose yourself in the old town area, everything changes.

Clothes can transform your mood and confidence. Fashion moves so quickly that, unless you have a strong point of view, you can lose integrity. I like to be real. I don’t like things to be staged or fussy. I think I’d go mad if I didn’t have a place to escape to. You have to stay true to your heritage, that’s what your brand is about.

बिना जिम जाए, घर पर 20 मिनट करें ये 4 एक्सरसाइज तोंद होगी कम

आजकल की भागदौड़ वाली लाइफस्टाइल में हम अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। किसी भी वक्त खाना खाते हैं जिसमें बाहर के जंक फूड की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। घंटों ऑफिस में एक ही जगह बैठकर काम करते हैं। इन सभी कारणों से वजन तेजी से बढ़ता है। बढ़े हुए वजन को कम करने के लिए लोग जिम जाते हैं और घंटों एक्सरसाइज करते हैं। 

 

हम आपको कुछ ऐसी एक्सरसराइज के बारे में बता रहे हैं जिसे करने के लिए आपको न जिम जाने की जरूरत है न घंटों समय देना होगा। आपको सही तरीके से रोजाना 20 मिनट एक्सरसाइज करना है। ये एक्सरसाइज आपकी मांसपेशियों को मजबूत करता है और फैट को बर्न करने में मदद करता है।

 

यह भी पढ़ें: खर्राटों को आम आदत समझने की गलती न करें, हो सकती है गंभीर बीमारी

 

पुश अप

 

पुश अप एक बहुत ही प्रभावी फुल बॉडी एक्सरसाइज है। इसे करने के लिए महंगे इक्विपमेंट की जरूरत नहीं होती है। आपको रोजाना 15 से 20 पुश अप करना है। इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसके अलावा यह एक्सरसाइज दिल और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है।

 

 

जब आप आसानी से सामान्य पुश अप करने लगते हैं तो डायमंड पुश अप, डिक्लाइन पुश अप करना शुरू करें। ये दोनों एक्सरसाइज बहुत ही प्रभावी है।

 

वॉल सीट

 

वॉल सीट एक बहुत ही आसान है लेकिन असरदार एक्सरसाइज है जो आपके जांघों, कूल्हों और पैरों की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है।

 

 

कैसे करें 

 

किसी दीवार के सहारे खड़े हो जाएं।
अपने पीठ को दीवार से सटाकर रखें।
धीरे-धीरे नीचे की और स्लाइड करें जैसे आप कुर्सी पर बैठे हों।
घुटनों को 90 डिग्री के कोण पर रखें।

 

बुल्गेरियन स्प्लिट स्क्वाट

 

बुल्गेरियन स्प्लिट स्क्वाट एक प्रभाव लेग एक्सरसाइज है जो आपके जांघ, ग्लूट्स और बैलेंस को मजबूत बनाती है। ये बैलेंस और स्टेबिलिटी को सुधारता है। यह एक्सरसाइज एथलीट्स के लिए बहुत फायदेमंद है।

 

यह भी पढ़ें: धुरंधर 2 ने ईद पर एक दिन में पार 100 करोड़ का आंकड़ा, तोड़ा Pushpa 2 का रिकॉर्ड

 

कैसे करें

 

एक बेंच, कुर्सी या किसी ऊंची जगह के सामने खड़े हो जाएं।
अपने पैर को पीछे ले जाकर उस बेंच पर रखें। उसके बाद दूसरे पैर को जमीन पर रखें।
धीरे-धीरे अपने पैर को नीचे झुकाएं जैसे स्क्वाट करते हैं।
नीचे जाने के वापस ऊपर जाएं।
इस प्रक्रिया को दूसरे पैर से दोहराएं।

 

साइड प्लैंक

 

साइड प्लैंक आपके कोर को मजबूत करने का काम करता है। यह खासतौर से पेट, कमर और साइड मसल्स को मजबूत करता है। यह एक्सरसाइज कमर दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है।

 

कैसे करें

 

आपको सबसे पहले मैट पर एक करवट लेना है।
इसके बाद अपनी कोहनी को कंधे के नीचे रखें।
पैरों को सीधा रखें और एक पैर दूसरे के ऊपर रखें।
अपने शरीर को जमीन से ऊपर उठाएं। 
बॉडी का पोजीशन एक दम सीधा होना चाहिए। इस पोजीशन में बॉडी को 10 से 15 सेकंड के लिए होल्ड करके रखें।

चैत्र अमावस्या के दिन कैसा रहेगा आपका भाग्य? पढ़ें राशिफल


18 मार्च 2026, बुधवार का दिन चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है और उत्तरभाद्रपद नक्षत्र के प्रभाव में रहेगा। आज का मूलांक 9 है, जो उत्साह, साहस और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो चंद्रमा आज कुंभ राशि की यात्रा समाप्त कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही राहु और बुध विराजमान हैं। सूर्य और शनि की युति भी मीन राशि में बनी हुई है, जिससे आज का दिन आध्यात्मिक चिंतन, पुराने कार्यों को समाप्त करने और भविष्य की नई योजनाएं बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि  है।

 

आज की ऊर्जा मिश्रित लेकिन सकारात्मक बदलाव की ओर संकेत कर रही है। ग्रहों का गोचर कुछ राशियों के लिए करियर में अचानक अवसर लेकर आएगा, तो कुछ को अपने खर्चों और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी। बुध और चंद्रमा का संयोग आज वाणी में सौम्यता और बुद्धि में प्रखरता देगा, जिससे व्यापारिक वार्ता सफल हो सकती है। हालांकि, राहु की उपस्थिति के कारण भ्रम से बचने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय दोपहर के बाद लेना सही रहेगा। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

 

यह भी पढ़ें: 20 या 21 मार्च, किस तारीख को मनाई जाएगी इस बार की ईद? जान लीजिए

 

मेष


आज आप नई ऊर्जा से भरे रहेंगे। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी, नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आय के नए स्रोत बनेंगे, निवेश के लिए दिन शुभ है। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा, घर में खुशी का माहौल होगा। स्वास्थ्य की बात करें तो सिरदर्द की हल्की समस्या हो सकती है।
क्या करें: भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें।
क्या न करें: जल्दबाजी में कोई वित्तीय निर्णय न लें।


वृषभ


धैर्य से काम लेने का दिन है। व्यापार में प्रतिद्वंद्वियों से सावधान रहें, साझेदारी के कामों में पारदर्शिता रखें। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलें। परिजनों के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। खान-पान का विशेष ध्यान रखें, पेट खराब हो सकता है।
क्या करें: सफेद वस्तुओं का दान करें।
क्या न करें: उधार लेन-देन से बचें।

 

यह भी पढ़ें: आज आपके भाग्य में क्या है? मीन राशि में आ रहा चंद्रमा, जानिए राशिफल


मिथुन


आज आपकी संवाद शैली कमाल करेगी। करियर में मार्केटिंग और मीडिया से जुड़े लोगों को बड़ा लाभ मिल सकता है। रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं। लव लाइफ में मधुरता आएगी, मित्रों के साथ समय बिताएंगे। आप ऊर्जावान महसूस करेंगे।
क्या करें: गाय को हरा चारा खिलाएं।
क्या न करें: अपनी गुप्त बातें किसी अजनबी से साझा न करें।


कर्क


भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी है। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य रहेगा, काम का बोझ बढ़ सकता है। घरेलू सुख-सुविधाओं पर खर्च होगा। माता के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है, संतान पक्ष से खुशी मिलेगी। पर्याप्त नींद लें, तनाव से बचें।
क्या करें: शिव चालीसा का पाठ करें।
क्या न करें: पुरानी नकारात्मक बातों को याद न करें।

 

यह भी पढ़ें: पापमोचनी एकादशी के दिन कौन-सी कथा पढ़नी चाहिए? जान लीजिए


सिंह


आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी, व्यापार विस्तार की योजना बनेगी। धन लाभ के योग हैं, संपत्ति से लाभ हो सकता है। पिता का सहयोग मिलेगा, दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। हड्डियों में दर्द की शिकायत हो सकती है।
क्या करें: सूर्य देव को जल अर्पित करें।
क्या न करें: अहंकार को रिश्तों पर हावी न होने दें।


कन्या


आज तार्किक शक्ति प्रबल रहेगी। अधूरे प्रोजेक्ट पूरे होंगे, सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। सोच-समझकर किया गया निवेश भविष्य में लाभ देगा। भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा, घर में मांगलिक चर्चा हो सकती है। आंखों में जलन की समस्या हो सकती है।
क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।
क्या न करें: कार्यस्थल पर किसी की बुराई न करें।

 

यह भी पढ़ें: भारत में कब और कहां होने वाला है चंद्र ग्रहण? जान लीजिए कैसे दिखेगा


तुला


कलात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को नई पहचान मिलेगी। आमदनी सामान्य रहेगी, बड़े निवेश अभी टाल दें। पार्टनर के साथ छोटी यात्रा पर जा सकते हैं। मौसम के कारण सर्दी-जुकाम हो सकता है।
क्या करें: किसी मंदिर में इत्र का दान करें।

क्या न करें: अपनी राय दूसरों पर थोपने की कोशिश न करें।

 


वृश्चिक


आज कठिन निर्णय लेने पड़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, धैर्य रखें। धन संचय में कठिनाई आ सकती है। प्रेमी के साथ गलतफहमी हो सकती है, संवाद बनाए रखें। योग और ध्यान का सहारा लें।
क्या करें: हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
क्या न करें: क्रोध में आकर अपशब्द न कहें।

 

यह भी पढ़ें: जिस माउंट आबू को पर्यटन के लिए जानते हैं लोग, उसका पौराणिक महत्व पता है?


धनु


भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। उच्च शिक्षा या विदेश से संबंधित कार्यों में सफलता मिलेगी। आकस्मिक धन लाभ के योग हैं। परिवार में उत्सव जैसा माहौल रहेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, मानसिक प्रसन्नता मिलेगी।
क्या करें: पीली वस्तुओं का सेवन करें।
क्या न करें: किसी का अपमान न करें।


मकर


मेहनत का मीठा फल मिलेगा। आपके काम की सराहना होगी। रियल एस्टेट में निवेश फायदेमंद हो सकता है। घर की मरम्मत या सजावट पर ध्यान देंगे। घुटनों के दर्द के प्रति सावधान रहें।
क्या करें: शनि देव के समक्ष तेल का दीपक जलाएं।
क्या न करें: आलस्य को हावी न होने दें।


कुंभ


नई शुरुआत के लिए दिन अच्छा है। तकनीक से जुड़े लोगों को लाभ होगा, नया ऑफर मिल सकता है। बैंक बैलेंस बढ़ेगा, पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। पुराने मित्रों से मुलाकात होगी। मानसिक रूप से हल्का महसूस करेंगे।
क्या करें: जरूरतमंदों को भोजन कराएं।
क्या न करें: नकारात्मक लोगों की संगति से बचें।


मीन


मानसिक शांति और भक्ति में मन लगेगा। काम में एकाग्रता की कमी रह सकती है, इसलिए महत्वपूर्ण काम टालना बेहतर रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें। बच्चों के साथ समय बिताना सुखद रहेगा। पैरों में सूजन या थकान हो सकती है।
क्या करें: ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
क्या न करें: किसी बड़े जोखिम वाले काम में हाथ न डालें।


नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और सकारात्मकता के साथ दिन का आनंद लें।

‘ट्रंप पीछे हट गए’, ट्रंप के हमला रोकने के बयान पर ईरान का जवाब


मिडिल-ईस्ट में चल रहे ईरान इजरायल युद्ध के बीच ईरान की राज्य मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका पीछे हट गया है। अमेरिका ने सोमवार को दावा किया था कि ईरान से सकारात्मक बातचीत हुई है और अगले अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी फेसिलिटी पर हमले नहीं किए जाएंगे।

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया था कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बहुत अच्छी और फायदेमंद बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि इन बातों के आधार पर उन्होंने अमेरिकी रक्षा विभाग को आदेश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी फेसिलिटी पर हमला पांच दिन के लिए टाल दिया जाए। ट्रंप ने दावा किया कि ये बातचीत मध्य-पूर्व में चल रहे संकट को पूरी तरह खत्म करने के लिए किया गया था।

 

यह भी पढ़ें: ‘जहां मिलेगा खरीदेंगे’, मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच क्या अब रूस से LPG खरीदेगा भारत?

ट्रंप ने बताया था प्रोडक्टिव

ट्रंप ने इसे ‘बहुत अच्छा और प्रोडक्टिव’ बताया लेकिन ज्यादा डिटेल में इस पर बात नहीं की। इससे पहले उन्होंने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह नहीं खोला गया तो ईरान के बड़े-बड़े पावर प्लांट्स को नष्ट कर दिया जाएगा। अब उन्होंने इस हमले को पांच दिन के लिए रोक दिया है।

 

हालांकि, ईरान की तरफ से इस बातचीत की पुष्टि नहीं की गई। ईरानी राज्य मीडिया और सरकारी सूत्रों ने साफ कहा कि अमेरिका के साथ कोई सीधी या अप्रत्यक्ष बातचीत नहीं हो रही है।


ईरान ने दिया जवाब

ईरान के अफगानिस्तान में स्थित दूतावास ने एक्स पर तीखा जवाब दिया। पोस्ट का टाइटल था – ‘ईरान की सख्त चेतावनी के बाद ट्रंप पीछे हटे’। इसमें लिखा कि ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ईरान की एनर्जी फेसिलिटी पर हमला करेगा तो पूरे इलाके की एनर्जी फेसिलिटी को निशाना बनाया जाएगा। इसके बाद ट्रंप ने हमला टाल दिया।

कहा- कोई बातचीत नहीं हुई

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स ने भी एक सूत्र के हवाले से कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं है और ट्रंप ईरान की चेतावनी के डर से पीछे हट गए हैं। ईरानी स्टेट टीवी ने कहा कि ‘ईरान की सख्त चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति पीछे हटे’।

 

ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा था कि ईरान में बात करने लायक कोई लीडर बचा नहीं है और वह बातचीत करना चाहते हैं लेकिन कोई सामने नहीं आ रहा। अब अचानक उन्होंने प्रोडक्टिव बातचीत होने का दावा किया है, जिससे दोनों तरफ की बातें अलग-अलग लग रही हैं।


यह भी पढ़ें: भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी चौकसी, मिडिल ईस्ट तनाव से क्यों जुड़ा है कनेक्शन?

 

यह घटना मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के बीच हुई है, जहां तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और इलाके में युद्ध का खतरा बना हुआ है। अभी साफ नहीं है कि ये बातचीत सच में हो रही है या नहीं और आगे क्या होगा।

 

कोर्ट के आदेश पर इच्छामृत्यु पाने वाले हरीश राणा की मौत, 13 साल से कोमा में थे


भारत में कोर्ट से पहली बार पैसिव यूथेनेशिया (निष्क्रिय इच्छामृत्यु) की अनुमति पाने वाले हरीश राणा का मंगलवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में निधन हो गया। इसी के साथ देश के कानूनी और मेडिकल हिस्ट्री में एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया।


हरीश राणा 31 साल के थे। साल 2013 में चौथी मंजिल की बालकनी से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट लग गई थी। उस वक्त वह पंजाब यूनिवर्सिटी में बीटेक के छात्र थे, तब उसके बाद से वह 13 साल से ज्यादा समय से वेजिटेटिव स्टेट (कोमा जैसी हालत) में थे।

 

यह भी पढ़ें: 13 साल पहले हरीश राणा के साथ क्या हुआ था कि इच्छामृत्यु मांगनी पड़ी?

ऑक्सीजन सपोर्ट पर जिंदा थे

वह सिर्फ आर्टिफिशियल न्यूट्रिशन (नली से दिया जाने वाला खाना) और कभी-कभी ऑक्सीजन सपोर्ट पर जिंदा थे।

11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा के मामले में पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दे दी थी। कोर्ट ने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि वह सम्मानजनक तरीके से लाइफ सपोर्ट हटाने की प्रक्रिया अपनाएं।

AIIMS में किया था शिफ्ट

14 मार्च को हरीश राणा को उनके गाजियाबाद के घर से AIIMS के डॉ. बी.आर. आंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल के पैलिएटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया।

 

यहां डॉ. सीमा मिश्रा (एनेस्थीसिया और पैलिएटिव मेडिसिन की हेड) की अगुवाई में एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम बनाई गई। टीम में न्यूरोसर्जरी, ऑन्को-एनेस्थीसिया, पैलिएटिव मेडिसिन और साइकियाट्री के विशेषज्ञ शामिल थे।

 

डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार धीरे-धीरे आर्टिफिशियल न्यूट्रिशन बंद करने की प्रक्रिया शुरू की। पूरी प्रक्रिया बहुत सावधानी और निगरानी में की गई। यह भारत में पहली बार था जब किसी कोर्ट के आदेश से पैसिव यूथेनेशिया को इस तरह लागू किया गया।

 

यह भी पढ़ें: भारत से पहले किन देशों में दी जा रही है इच्छामृत्यु? शर्तें भी जान लीजिए

क्यों है यह मामला खास?

हरीश राणा का केस अपने आप में काफी खास है क्योंकि इसे एंड-ऑफ-लाइफ केयर के तरीके को बदलने वाला माना जा रहा है। इस फैसले ने दिखाया कि मरीज की गरिमा, मेडिकल एथिक्स और कानूनी सुरक्षा के साथ जीवन को समाप्त करने का रास्ता भी बनाया जा सकता है।

दूध से मसाले तक में मिलावट, आपकी सेहत पर असर क्या?


आजकल बाजार में खाने-पीने की चीजों में मिलावट का धंधा बहुत बढ़ गया है और यह हम सबके लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। सरकारी संस्था एफएसएसएआई (FSSAI) की ‘एनुअल स्टेट सर्विलांस रिपोर्ट 2025-26’ के नए आंकड़ों से पता चला है कि पिछले दो सालों में मिलावट के मामले लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। जानकारों का कहना है कि जब उन्होंने बाजार से खाने के सैंपल लेकर जांच की, तो हर 4 में से 1 चीज खराब या नकली पाई गई। यह हालत न सिर्फ हमारी सेहत बिगाड़ रही है, बल्कि इससे देश के पैसे और व्यापार का भी भारी नुकसान हो रहा है।

 

मिलावट करने वालों ने बड़े महानगरों से लेकर छोटे गांवों तक अपना काला कारोबार फैला रखा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में हाल ही में पुलिस और प्रशासन ने मिलकर कई बड़ी छापेमारी की है। दिल्ली के नरेला और बवाना जैसे औद्योगिक इलाकों में नकली मसालों की ऐसी फैक्ट्रियां पकड़ी गई हैं जिन्हें देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। यहां मसालों का वजन बढ़ाने और उन्हें गहरा चटकीला रंग देने के लिए सड़े हुए चावल, लकड़ी का बुरादा, चॉक पाउडर और खतरनाक एसिड का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा रहा था।

 

यह भी पढ़ें: फार्मा सेक्टर में बढ़ती ही जा रही भारत की ताकत, वजह क्या है?

 

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों और राजस्थान के कुछ इलाकों में ‘सिंथेटिक दूध’ बनाने के बड़े अड्डे मिले हैं। यहां असली दूध की एक बूंद भी नहीं होती, बल्कि यूरिया, कपड़े धोने वाला सर्फ (डिटर्जेंट), रिफाइंड तेल और ग्लूकोज का इस्तेमाल करके दूध जैसा दिखने वाला सफेद घोल तैयार किया जा रहा था। वहीं महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे जैसे शहरों में पनीर और खोया में भारी मात्रा में मिलावट पाई गई है, जिसे त्योहारों और शादियों के सीजन में खपाने के लिए भारी मात्रा में स्टोर किया गया था।

इन रोजमर्रा की जरूरी चीजों में हो रही है सबसे ज्यादा मिलावट

सरकारी और निजी लैब की रिपोर्ट्स बताती हैं कि मिलावट का सबसे ज्यादा असर उन चीजों पर है जिन्हें हम रोज खाते हैं। दूध और डेयरी उत्पादों में सबसे ज्यादा यानी लगभग 35 प्रतिशत तक मिलावट पाई गई है, जिसमें पानी के अलावा ‘मल्टोडेक्सट्रिन’ और स्टार्च मिलाकर उसे गाढ़ा बनाया जाता है। मसालों की बात करें तो लाल मिर्च में ईंट का चूरा, हल्दी में कैंसर पैदा करने वाला ‘मेटानिल येलो’ रंग और धनिया पाउडर में घोड़े की लीद मिलाने के डरावने मामले सामने आए हैं। खाद्य तेलों में लगभग 15 से 20 प्रतिशत नमूनों में ‘आर्गेमोन तेल’ की मिलावट मिली है, जिससे आंखों की रोशनी जाने का खतरा रहता है। इसके अलावा, आजकल फल और सब्जियों को जल्दी पकाने और उन्हें एकदम ताजा दिखाने के लिए ‘कैल्शियम कार्बाइड’ और ‘मैलाकाइट ग्रीन’ जैसे खतरनाक एलिमेंट्स का स्प्रे किया जा रहा है। यह एलिमेंट्स  सीधे हमारे नर्वस सिस्टम और दिमाग पर हमला करते हैं, जिससे छोटी उम्र में ही लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

सेहत पर पड़ता जानलेवा असर और पैसों का भारी नुकसान

मिलावट सिर्फ एक व्यापारिक धोखा नहीं है, बल्कि एक ऐसा धीमा जहर है जो धीरे-धारे हमारे शरीर के अंगों को बेकार कर रहा है। स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों का मानना है कि ऐसा खराब खाना लगातार खाने से कैंसर, किडनी फेलियर, लिवर की बीमारियां और दिल से जुड़ी समस्याएं बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। इसका सबसे बुरा असर छोटे बच्चों के विकास और बुजुर्गों की सेहत पर पड़ रहा है।

 

अगर इसे आर्थिक नजरिए से देखें, तो यह दोहरा नुकसान है। एक तरफ आम आदमी की मेहनत की कमाई बीमारी के इलाज और अस्पतालों के चक्कर काटने में बर्बाद हो जाती है। दूसरी तरफ, जब पूरी दुनिया में यह पता चलता है कि भारतीय मसालों या खाने की चीजों में मिलावट है, तो दूसरे देश हमारा सामान खरीदना बंद कर देते हैं। इससे भारत के व्यापार को करोड़ों का घाटा होता है और दुनिया भर में हमारे देश का नाम भी खराब होता है।

 

यह भी पढ़ें: किचन के ये 5 मसाले बन सकते हैं साइलेंट किलर, आज ही संभल जाएं

बाजार का गिरता भरोसा और कानून की सख्त कार्रवाई

मिलावट के इस खेल ने बाजार से आम आदमी का भरोसा पूरी तरह हिला दिया है। लोग अब खुले और सस्ते सामान के बजाय मजबूरी में मंहगे ब्रांडेड उत्पादों की ओर भाग रहे हैं। इसका सीधा नुकसान उन छोटे और ईमानदारी दुकानदारों को हो रहा है जो शुद्ध सामान बेचना चाहते हैं लेकिन मिलावट के कम कीमत के आगे टिक नहीं पाते। कंज्यूमर रिपोर्ट के मुताबिक, मिलावट के डर से कई सेक्टर की ग्रोथ रेट पर भी बुरा असर पड़ा है।

 

इस गंभीर समस्या को देखते हुए सरकार ने अब ‘फूड सेफ्टी एक्ट’ के नियमों को और भी सख्त बना दिया है। नए नियमों के तहत अब मिलावट करने वालों  पर 10 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और अगर मिलावट से किसी की जान को खतरा हो, तो उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि, डॉक्टर्स का साफ कहना है कि सिर्फ कानून बनाने से यह धंधा बंद नहीं होगा। इसके लिए जमीनी स्तर पर हर महीने जांच होनी चाहिए और हम ग्राहकों को भी सामान खरीदते समय एफएसएसएआई (FSSAI) की मुहर और एक्सपायरी डेट को ध्यान से देखना चाहिए।

चैत्र नवरात्र में 9 दिनों तक होगी मां दुर्गा की पूजा, 9 दिन लगाएं ये भोग


हिंदू पंचांग में चैत्र महीने की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होती है। इस बार 19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्र शुरू होगा और 27 मार्च को समापन होगा। 27 मार्च को रामनवमी भी है। चैत्र नवरात्र के 9 दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। ये नौ दिन मां दुर्गा के भक्तों के लिए बहुत खास है।

 

इस बार मां दुर्गा पालकी में सवार होकर आने वाली हैं। मां दुर्गा की उपासना करने से घर में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है। चैत्र नवरात्र में कई लोग व्रत रखते हैं। इन नौ दिनों तक मां को अलग-अलग चीजों का भोग लगाया जाता है। आइए जानते हैं कि चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा को किन चीजों को भोग लगाना चाहिए।

 

यह भी पढ़ें: चैत्र अमावस्या के दिन कैसा रहेगा आपका भाग्य? पढ़ें राशिफल

नवरात्र में मां दुर्गा की इन 9 अवतार में पूजा होती हैं

19 मार्च- मां शैलपुत्री
20 मार्च- मां ब्रह्मचारिणी
21 मार्च- मां चंद्रघंटा
22 मार्च- मां कूष्मांडा
23 मार्च- मां स्कंदमाता
24 मार्च- मां कात्यानी
25 मार्च- मां कालरात्रि
26 मार्च- मां महागौरी
27 मार्च- मां सिद्दिदात्री

नवरात्र में किन नियमों का पालन करना चाहिए?

कई लोग 9 दिनों तक व्रत रखते हैं। कुछ लोग सिर्फ अष्टमी के दिन व्रत रखते हैं। भले ही आप व्रत न रखते हो लेकिन कुछ चीजों का पालन जरूर करना चाहिए।जैसे-

 

प्याज, लहसन वाला भोजन न करें।
मीट और शराब का सेवन न करें।
सात्विक भोजन करें।

 

यह भी पढ़ें: 20 या 21 मार्च, किस तारीख को मनाई जाएगी इस बार की ईद? जान लीजिए

नवरात्र में किस दिन कौन सा भोग लगाएं?

पहले दिन (शैलपुत्री)- दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं।
दूसरे दिन (ब्रह्मचारिणी)- चीनी या गुड़
तीसरे दिन (चंद्रघंटा)-दूध या खीर
चौथे दिन (कूष्मांडा)- मालपुआ
पांचवें दिन (स्कंदमाता)- केले
छठे दिन (कात्यानी)- शहद
सातवें दिन (कालरात्रि)- गुड़
आठवें दिन (महागौरी)- हलवा, पुरी
नौवें दिन (सिद्धिदात्री)- मूंगफली और हलवा

चैत्र नवरात्र की पूजा विधि

चैत्र नवरात्र के दिन घर के पूजा स्थल का अच्छे से साफ करें और गंगाजल से शुद्ध करें। इसके बाद चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की तस्वीर की स्थापना करें। इसके बाद कलश की स्थापना करें। एक बर्तन में मिट्टी के अंदर जौ बोकर उसमें जल डालें और कलश को उसके ऊपर रख दें। कलश पर आम के पत्ते और नारियल को स्थापित करें। इसके बाद नियमित रूप से व्रत और पूजा का संकल्प करें।  

‘धनखड़ पर दबाव डालने के लिए किया ED का प्रयोग’, संजय राउत की किताब में दावा


शिव सेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने अपनी जेल में लिखी किताब के नए संस्करण में बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को मोदी सरकार ने इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया था। ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके धमकी दी गई, क्योंकि सरकार उनके स्वतंत्र फैसलों से नाराज थी।

 

राउत ने अपनी किताब ‘अनलाइक्ली पैराडाइज’ के अंग्रेजी संस्करण में चार नए अध्याय जोड़े हैं। यह किताब पिछले साल आई थी। नए अध्यायों में उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाइयों पर लिखा है। उन्होंने लिखा कि ED को लोग अब BJP की ‘शाखा’ कहने लगे हैं। राउत लिखते हैं कि केंद्र सरकार ने ED का इस्तेमाल चुनाव आयोग (ECI) और उपराष्ट्रपति जैसे लोकतांत्रिक संस्थानों पर दबाव डालने के लिए किया।

 

यह भी पढ़ें: ‘बीमार होने की वजह से नहीं छोड़ा पद…’, जगदीप धनखड़ का बयान वायरल क्यों?

2 चैप्टर ईडी से जुड़े हैं

किताब के दो अध्याय ED से जुड़े हैं। एक ‘सुप्रीम कोर्ट बनाम ED’ और दूसरा ‘चुनाव आयोग के दरवाजे पर और उपराष्ट्रपति के घर’। सोमवार को दिल्ली में इस किताब का विमोचन हुआ। आम आदमी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और अन्य नेताओं ने किताब रिलीज की।

पैसे बाहर भेजने का आरोप

राउत ने किताब में लिखा है कि अफवाहें थीं कि धनखड़ और उनकी पत्नी ने जयपुर का घर बेच दिया और पैसे का कुछ हिस्सा विदेश भेज दिया। ED ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और उनके खिलाफ चार्जशीट बनाने का फाइल तैयार कर लिया। जब धनखड़ की स्वतंत्र राजनीतिक गतिविधियों की खबरें आईं, तो ED ने उन्हें यह फाइल दिखाकर इस्तीफा देने का दबाव डाला। पहले उन्होंने मना किया, तो जांच और तेज हो गई। इससे वे परेशान नजर आने लगे।

 

राउत ने यह भी आरोप लगाया कि ED जजों की नियुक्ति, कामकाज और यहां तक कि राष्ट्रपति पर भी नजर रखती है।

बीजेपी ने दिया जवाब

इन आरोपों पर बीजेपी की महाराष्ट्र इकाई के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बान ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘किसी किताब में लिख देने भर से बात सच नहीं हो जाती। इतने गंभीर आरोपों के लिए ठोस सबूत, सरकारी दस्तावेज या संबंधित लोगों के बयान चाहिए। संवैधानिक पदों पर रहे लोगों पर ऐसे आरोप लगाकर देश की संस्थाओं पर शक पैदा करने की कोशिश की जा रही है।’

 

धनखड़ ने इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ नहीं कहा। हाल ही में उन्होंने कहा कि उन्होंने इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों से नहीं दिया था। 26 फरवरी 2026 को राजस्थान के चुरू जिले के सादुलपुर में उन्होंने कहा, ‘मैंने सिर्फ इतना कहा था कि मैं अपनी सेहत को प्राथमिकता दे रहा हूं। हर किसी को ऐसा करना चाहिए।’

यशवंत राव का मुद्दा

उनके इस्तीफे के तुरंत बाद दिल्ली में चर्चा थी कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ विपक्ष के महाभियोग प्रस्ताव को शुरू करने की उनकी कोशिश सरकार को पसंद नहीं आई। धनखड़ ने विपक्षी नेताओं से कहा था कि राज्य सभा में नोटिस दें, जबकि सरकार चाहती थी कि यह नोटिस पहले लोकसभा में आए। न्यायमूर्ति वर्मा के घर से मार्च 2025 में बड़ी रकम बरामद हुई थी।

 

उस समय राज्य सभा में एनडीए के एक भी सांसद ने विपक्ष के नोटिस पर दस्तखत नहीं किए थे, क्योंकि उन्हें पता ही नहीं था कि ऐसा नोटिस तैयार हो रहा है। जब धनखड़ ने घोषणा की कि उन्हें प्रस्ताव मिल गया है, तो सरकार की योजना बिगड़ गई।

लोकसभा में लाना चाहती थी सरकार

एक लोकसभा अधिकारी ने उस समय बताया था कि सरकार चाहती थी कि महाभियोग प्रस्ताव पहले लोकसभा में पास हो, ताकि इसे सरकार की सफलता बताया जा सके और न्यायपालिका को संदेश दिया जा सके। लेकिन धनखड़ ने सब कुछ बिगाड़ दिया।


यह भी पढ़ें: जगदीप धनखड़ की तबीयत बिगड़ी, AIIMS में भर्ती, पिछले हफ्ते 2 बार हुए थे बेहोश


इसके बाद बीजेपी नाराज हो गई। बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू धनखड़ की अध्यक्षता वाली बिजनेस एडवाइजरी कमिटी की बैठक में नहीं गए। फिर धनखड़ ने फैसला लिया कि अब इस्तीफा देना ही ठीक रहेगा। उनके एक सहायक ने कहा था, ‘इस्तीफा देना भी बहुत ताकत का काम है।’

गाय के पित्त की पथरी से बन रही दवाई, आखिर इससे क्या फायदा होता है?


इंसान अपनी जरूरतों और फायदे के लिए सदियों से जानवरों का इस्तेमाल करता आया है। कभी उनकी खाल से कपड़े और फैशन इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलता है तो कभी उनके शरीर के अंग दवाइयों और पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग किए जाते हैं। हाल के वर्षों में कुछ ऐसी खबरें सामने आई हैं, जिनके मुताबिक गाय के पित्त से बनी पथरी की कीमत सोने से कम नहीं है। गाय के पित्त से बनी पथरी से चीन में पारंपरिक दवाइयां बनती हैं। इन दवाइयों का उपयोग कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है, इस वजह से गाय के पित्त की पथरी निकालने का व्यापार बढ़ता जा रहा है।

 

चीन और अमेरिका में ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी बढ़ती जा रही है। गाय के शरीर की पथरी से स्ट्रोक की दवाइयां बनाई जाती हैं। हालांकि, सभी गायों के शरीर में पित्त की पथरी नहीं बनती, इसलिए यह बेहद दुर्लभ होती है। इसी वजह से इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी कीमत लगभग 5,800 डॉलर तक पहुंच गई है, जो कई बार सोने से भी महंगी होती है। यह पथरी कई देशों में इतनी कीमती हो गई है कि इसकी अवैध तस्करी भी होने लगी है।

 

यह भी पढ़ें: नेपाल में 200 फीट गहरी खाई में गिरी बस, सात भारतीयों की मौत

 

गाय के पित्त की पथरी गोल पत्थर जैसी होती है। जब गाय चारा खाती है, तो उसके पेट में कई बारीक कण चले जाते हैं, जैसे पौधों के रेशे। समय के साथ ये छोटे कण पित्त में बदल जाते हैं, जिन पर खनिज की परतें जम जाती हैं। ये खनिज कैल्शियम फॉस्फेट और कैल्शियम कार्बोनेट होते हैं। इसमें कैल्शियम और कार्बोनेट की मात्रा होने के कारण इसे मानव शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है।अब सवाल उठता है कि चीन में किन-किन बीमारियों के लिए गाय के पित्त से दवाइयां बनाई जाती हैं और आज के दौर में इसकी मांग क्यों बढ़ रही है। इसके साथ ही यह सवाल भी उठता है कि किन-किन देशों में गाय के पित्त की पथरी की अवैध तस्करी हो रही है।

 

कौन सी दवाई बनती है?

गाय के शरीर की पथरी से चीन में एक पारंपरिक दवाई बनाई जाती है। इस दवाई का नाम अंगोंग निउहुआंग वान है। यह दवाई स्ट्रोक, बेहोशी, तेज बुखार और दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज में उपयोग की जाती है।


कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में स्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कुछ जानकारों का मानना है कि चीन में स्ट्रोक के मरीज अमेरिका से करीब तीन गुना ज्यादा हैं। इसी वजह से गाय के पित्त से बनी पथरी की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसकी कीमत भी लगातार बढ़ती जा रही है।

 

यह भी पढ़ें: क्यों इफ्तार पार्टी देकर सुर्खियों में हैं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अली दारविच?

 

गायों की पित्त की पथरी दुर्लभ क्यों है?

गाय के पित्त की पथरी बेहद कम पाई जाती है क्योंकि हर गाय के शरीर में यह नहीं बनती। आमतौर पर यह पथरी ज्यादा उम्र वाली गायों में पाई जाती है। कई देशों में गाय को मांस के लिए कम उम्र में ही मार दिया जाता है, जिससे बहुत कम गायें ऐसी होती हैं जो अधिक उम्र तक जीवित रहती हैं। इसी वजह से यह पथरी और भी दुर्लभ हो जाती है।

 

गाय की तस्करी

स्ट्रोक जैसी बीमारियों के बढ़ने के कारण गाय के पित्त की पथरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी वजह से इसकी तस्करी के मामले भी बढ़ रहे हैं। ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों में इसकी चोरी और तस्करी की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि इस पथरी के लिए कई देशों में होड़ मची हुई है। बढ़ती मांग को देखते हुए चीन के शोधकर्ताओं ने लैब में भी पित्त की पथरी बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।

 

यह भी पढ़ें: भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ा रहा चीन, कहा-विरोधी नहीं साझेदार हैं

 

इंसान और जानवरों का रिश्ता हमेशा से जरूरत पर आधारित रहा है, लेकिन जब फायदे के लिए जानवरों के हर हिस्से को एक संसाधन की तरह देखा जाने लगे, तो यह सवाल उठता है कि यह जरूरत है या शोषण।

चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर अपनों को भेजें ये 5 प्यारे मैसेज


चैत्र नवरात्रि का पावन उत्सव न केवल मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की श्रद्धापूर्वक पूजा करने का समय है, बल्कि यह अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर खुशियां बांटने का भी एक बहुत ही खास मौका है। इन नौ पवित्र दिनों में भक्तजन पूरी श्रद्धा के साथ मां की भक्ति में डूब जाते हैं और अपने जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और सुख-शांति के लिए माता रानी से दुआ करते हैं। 

 

नवरात्रि की बधाई देने का सबसे सुंदर तरीका हृदय से निकले हुए वे सरल शब्द होते हैं, जो अपनों तक माता रानी की असीम कृपा और प्यार का संदेश पहुंचाते हैं। इसी पावन अवसर को और भी यादगार बनाने के लिए हम आपके लिए लेकर आए हैं 10 आसान और बेहद प्यारे मैसेज, जिन्हें आप व्हाट्सएप, फेसबुक या इंस्टाग्राम पर स्टेटस और मैसेज के जरिए शेयर कर सकते हैं।

 

यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्र में 9 दिनों तक होगी मां दुर्गा की पूजा, 9 दिन लगाएं ये भोग

1.माता रानी का आशीर्वाद और खुशियों का संसार

मां दुर्गा का आशीर्वाद मिले हर बार, आपका जीवन बने खुशियों का संसार। हर कदम पर सफलता का साथ मिले, नवरात्रि में सजे आपके सपनों की बारात। सारा संसार है जिसकी शरण में, नमन है उस माता के चरण में। हम हैं उस माता के चरणों की धूल, आओ मिलकर चढ़ाएं श्रद्धा के फूल। माता रानी का आशीर्वाद आप पर हमेशा बना रहे। जय माता दी।

2.भक्ति की शक्ति और नई उम्मीदें

भक्ति की शक्ति से जीवन सजे रंगों से, हर दिन खुशियों के नए गीत गाए जाएं। मां दुर्गा करें हर मनोकामना पूरी, आपके और अपनों के बीच कभी न आए दूरी। सजा लो दरबार, मां दुर्गा आने वाली हैं, हमारे दुखों को वो मिटाने वाली हैं। नवरात्रि आपके लिए नई उमंग और उम्मीद लेकर आए जिससे आपका हर दिन खास बन जाए। जय अम्बे मां! हैप्पी नवरात्रि!

3.सुख समृद्धि और मंगल कामना

मां का आशीर्वाद सदा आपके साथ रहे और हर दुख-तकलीफ आपसे दूर भागे। नवरात्रि का यह त्योहार ढेर सारी खुशियां लेकर आए और आपका जीवन हमेशा सुख-समृद्धि से भरा रहे। लाल रंग की चुनरी से सजा मां का दरबार, हर्षित हुआ मन, पुलकित हुआ संसार। नन्हे-नन्हे कदमों से मां आएं आपके द्वार, मुबारक हो आपको नवरात्रि का ये त्योहार। शुभ नवरात्रि 2026!

4.आसान राहें और ममता की छांव

मां दुर्गा की कृपा से आपकी हर राह आसान हो जाए और आपको जीवन में खुशियां का महल बने। आपका हर सपना पूरा हो और नवरात्रि का हर पल एक बड़े त्योहार की तरह बीते। मां की ममता से आपका संसार हमेशा भरा रहे और हर दिल में प्यार का समंदर उमड़े। दीपक की रोशनी, चंदन की खुशबू, अपनों का प्यार और मां का आशीर्वाद। नवरात्रि में खुशियां झूमकर बरसें और आपका जीवन हर पल मुस्कुराता रहे। जय भवानी!

 

यह भी पढ़ें: 18 या 19, कब से शुरू हो रही है नवरात्रि? सही तारीख जान लीजिए

5.मन का सुकून और अनमोल उपहार

मां की भक्ति से मन को सुकून मिले और हर दिल में नया उत्साह जागे। नवरात्रि का यह पर्व खुशियों की नई लहर लेकर आए और आपका जीवन एक सुंदर उपहार बन जाए। चांद की चांदनी, अपनों का प्यार, मुबारक हो आपको नवरात्रि का त्योहार। मां दुर्गा की कृपा हर पल आपके ऊपर बरसती रहे और जीवन में हमेशा खुशियों का बहार रहे। माता रानी आपके सभी कष्ट दूर करें और आपका जीवन हमेशा महकता रहे। जय माता दी! हैप्पी चैत्र नवरात्रि!

कोलंबिया में बड़ा हादसा, सैनिकों को ले जा रहा विमान टेकऑफ के वक्त हुआ क्रैश


कोलंबिया के दक्षिणी हिस्से में पेरू की सीमा के पास एक बड़ा दुर्घटना हुई है। कोलंबियाई वायु सेना का एक हर्क्यूलिस विमान क्रैश हो गया। यह विमान सैनिकों को ले जा रहा था।

 

यह हादसा पुटुमायो प्रांत के प्यूर्टो लेगुइज़ामो शहर के पास हुआ। अधिकारी बताते हैं कि विमान टेकऑफ के दौरान ही यह ट्रैजिक एक्सीडेंट हुआ। रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा, ‘हमारा एक हर्क्यूलिस विमान प्यूर्टो लेगुइज़ामो से उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हमारे सुरक्षा बलों के सैनिकों को ले जा रहा था।’

 

यह भी पढ़ें: एयर इंडिया विमान हादसा: जांच रिपोर्ट लीक होने से SC क्यों नाराज?

करीब 100 लोग सवार थे

अभी तक यह साफ नहीं है कि विमान में कुल कितने लोग सवार थे लेकिन स्थानीय मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि विमान में 100 से ज्यादा लोग थे, जिनमें ज्यादातर सैनिक थे। कुछ जगहों पर 110 सैनिकों के होने की बात कही जा रही है।

 

 

घायलों की संख्या नहीं पता

रक्षा मंत्री ने इसे देश के लिए बहुत दुखद बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे देश के लिए गहरी उदासी की बात है। अभी तक मौतों या घायलों की सही संख्या नहीं बताई गई है लेकिन बचाव दल को तुरंत घटनास्थल पर भेज दिया गया है। सेना और अन्य टीमें वहां पहुंचकर मदद कर रही हैं।

 

यह इलाका सीमाई क्षेत्र है, जहां सुरक्षा बलों की तैनाती आम है। हादसे के कारणों की जांच शुरू हो गई है। 

 

यह भी पढ़ें: विमान हादसा: न साजिश, न बर्ड हिट, फिर कैसे हुआ हादसा? आ गई रिपोर्ट

 

ईरान-इजरायल युद्ध खिंचने पर पीएम मोदी किन चुनौतियों की बात कर रहे थे?


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी। अगर वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध लंबे समय तक खिंचते हैं, तो दुनिया के साथ-साथ भारत को भी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। यह बयान केवल एक सामान्य राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक व्यवस्था का संकेत है। 

 

आज के समय में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहते; वे ऊर्जा बाजार, खाद्य आपूर्ति, वैश्विक व्यापार, मुद्रा बाजार और सामाजिक स्थिरता तक गहरा प्रभाव डालते हैं। ईरान-इजरायल युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एक क्षेत्रीय संघर्ष भी पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को झकझोर सकता है। भारत, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और वैश्विक सप्लाई चेन से गहराई से जुड़ा है, ऐसे हालात में सबसे अधिक संवेदनशील देशों में से एक बन जाता है।


यह भी पढ़ें: क्या PM नरेंद्र मोदी की छवि को हो रहा नुकसान? ऑपरेशन सिंदूर से अमेरिकी डील तक


ऐसे में प्रधानमंत्री का यह बयान दरअसल एक चेतावनी है कि आने वाला समय केवल अवसरों का नहीं, बल्कि कठिन परीक्षाओं का भी हो सकता है। इस लेख में हम चर्चा करेंगे कि अगर यह संकट बना रहता है तो आने वाले समय में किन-किन संकटों या चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है?

1. ऊर्जा संकट

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। एलपीजी सिलिंडर और डीजल-पेट्रोल की कीमतें इसका उदाहरण हैं। अगर युद्ध के कारण तेल उत्पादक क्षेत्रों खासकर पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ती है, तो कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। इससे पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि बिजली उत्पादन और ट्रांसपोर्टेशन की लागत भी बढ़ेगी।

2. महंगाई बढ़ेगी

ऊर्जा या डीजल-पेट्रोल महंगा होता है तो हर चीज महंगी हो जाती है। ट्रांसपोर्ट महंगा होता है, उत्पादन महंगा और अंततः उपभोक्ता वस्तुएं महंगी। इससे ‘cost-push inflation’ पैदा होता है। गरीब और मध्यम वर्ग की खरीदने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे खपत कम होती है और आर्थिक विकास धीमा पड़ता है।

3. सप्लाई चेन का टूटना

आधुनिक अर्थव्यवस्था ‘ग्लोबल सप्लाई चेन’ पर टिकी है। COVID-19 महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध ने दिखाया कि कैसे एक क्षेत्रीय संकट पूरी दुनिया में उत्पादन और वितरण को प्रभावित कर सकता है। चिप्स, दवाइयां, उर्वरक सबकी उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।

4. खाद्य सुरक्षा का खतरा

मिडिल ईस्ट के देशों से बड़ी मात्रा में सल्फर का आयात किया जाता है जो कि उर्वरक बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में अगर यह संकट लंबा खिंचता है तो उर्वरकों की कमी होगी जिससे उत्पादन घटेगा और आने वाले समय में खाद्य संकट देखने को मिल सकता है।

5. निर्यात पर असर

वैश्विक अर्थव्यवस्था कमजोर होती है तो मांग घटती है। इसका सीधा असर भारत के निर्यात पर पड़ेगा। आईटी, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट्स जैसे सेक्टर इस वजह से प्रभावित होते हैं। इससे विदेशी मुद्रा कम आती है और व्यापार घाटा बढ़ सकता है।

6. रुपया कमजोर होगा

जब वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है, तो इन्वेस्टर सुरक्षित बाजारों की ओर भागते हैं। इससे भारत जैसे उभरते बाजारों से पूंजी निकलने लगती है और रुपया कमजोर होता है। कमजोर रुपया आयात को और महंगा बना देता है, जिससे महंगाई और बढ़ती है।

7. रक्षा खर्च में बढ़ोतरी

लंबे युद्ध का माहौल देशों को अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए मजबूर करता है। भारत को भी अपनी सीमाओं और सैन्य क्षमता पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है। इससे सरकारी बजट पर दबाव बढ़ेगा और विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन कम हो सकते हैं।

8. कूटनीतिक संतुलन की चुनौती

भारत की विदेश नीति ‘strategic autonomy’ पर आधारित रही है। लेकिन जब वैश्विक शक्तियां आमने-सामने होती हैं, जैसे NATO और रूस, तो संतुलन बनाए रखना कठिन हो जाता है। ऐसे में हर निर्णय का आर्थिक और राजनीतिक असर होता है। जाहिर है ईरान-इजरायल-अमेरिका के युद्ध में भी भारत के सामने इस तरह की चुनौतियां पेश आएंगी।

9. बेरोजगारी बढ़ने का डर

जब निवेश घटता है और व्यापार धीमा पड़ता है, तो रोजगार के अवसर भी कम होते हैं। स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर पर दबाव बढ़ता है। इससे बेरोजगारी और सामाजिक असंतोष बढ़ सकता है।

10. कानून-व्यवस्था की समस्या

महंगाई, बेरोजगारी और अनिश्चितता का माहौल बढ़ता है तो समाज में असंतोष की स्थिति पैदा होती है। ऐसे में  सरकार के लिए इकॉनमी को मजबूत बनाए रखने के साथ-साथ सामाजिक स्थिरता भी बनाए रखना एक चुनौती होती है।

 

यह भी पढ़ें: ‘आपदा नहीं सहेंगे, बदलकर रहेंगे,’ PM मोदी का केजरीवाल पर तंज


ऐसे में पीएम मोदी ने सांकेतिक तौर पर यह बताने की कोशिश की है कि अगर युद्ध नहीं रुकता है तो किन-किन तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है?

 

वैसलीन से पाएं चमकती ग्लोइंग स्किन, जानिए क्या स्लगिंग स्किन केयर रूटीन?


त्वचा को खूबसूरत और जवान के लिए हम तरह-तरह के स्किनकेयर रूटीन को फॉलो करते हैं। आज भी ज्यादातर लोग अपनी दादी और नानी के नुस्खों को फॉलो करते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया स्लगिंग का ट्रेंड चल रहा है। शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राज ने भी एक इंटरव्यू में बताया था कि त्वचा का ख्याल रखने के लिए वह स्लगिंग करती हैं।

 

स्लगिंग एक नेचुरल स्किन केयर रूटीन है जिसे लोगों ने अब फॉलो करना शुरू किया है। इस स्किन केयर रूटीन में व्यक्ति को अपनी त्वचा पर वैसलीन की पेट्रोलियम जेली लगानी होती है ताकि त्वचा निखरी और खूबसूरत नजर आए। पहले पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल फटी हुई त्वचा को मुलायम करने के लिए किया जाता था। अब इसका इस्तेमाल त्वचा को हाइड्रेट रखने के लिए भी किया जाता है। इसके इस्तेमाल से त्वचा बेहद ग्लोइंग और फ्रेश नजर आती है। 

 

यह भी पढ़ें: बदलते मौसम में पहने ये फुल स्लीव स्टाइलिश कुर्ते, दिखेंगी सबसे स्टाइलिश

स्लगिंग का तरीका क्या है?

त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक स्लगिंग एक पारंपरिक तरीका है लेकिन यह तभी फायदेमंद होता है जब सही तरीके से किया जाता है। यह प्रोडक्ट सभी के लिए फायदेमंद भी नहीं है। आपको पेट्रोलियम जेली सबसे आखिरी में लगाना है ताकि त्वचा हाइड्रेटेड रहे और रात को सोते समय रिपेयर हो सके। इससे नमी बनी रहती है और त्वचा मुलायम और चमकदार लगती है।

  • सबसे पहले आपको फेसवॉश से चेहरे को अच्छे से धो लेना है।
  • इसके बाद सीरम और मॉश्चराइजर लगाएं।
  • चेहरे पर पेट्रोलियम जेली (वैसलीन) की पतली से लेयर लगाएं।
  • 30 मिनट तक इंतजार करें ताकि सभी प्रोडक्ट अच्छे से सेटल होने दे और फिर सोने जाएं।

किन लोगों को इस्तेमाल नहीं करना चाहिए?

पेट्रोलियम जेली सभी के घर में आसानी से मिल जाने वाला प्रोडक्ट है। यह चीज उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनकी त्वचा ड्राई और बेजान है। जिन लोगों की ऑयली स्किन या एक्ने प्रोन स्किन है तो उन्हें वैसलीन लगाने से बचाना चाहिए। पेट्रोलियम जेली में ऑयल होता है जिसकी वजह से त्वचा के रूम छिद्रों में गंदगी जमने का खतरा ज्यादा रहता है जिसकी वजह से मुंहासे होने का खतरा बढ़ जाता है।

 

यह भी पढ़ें: गाय के पित्त की पथरी से बन रही दवाई, आखिर इससे क्या फायदा होता है?

 

फायदे

 

रातभर पेट्रोलियम जेली लगाने से त्वचा मुलायम और चमकदार लगती है।
हम जो भी सीरम या क्रीम लगाते हैं स्किन में अच्छे से एब्जॉर्ब होता है।
रूखी त्वचा के लिए फायदेमंद है।

 

नुकसान

 

मुंहासों का खतरा बढ़ सकता है।
ऑयली स्किन के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल करना मुश्किल होता है। उससे त्वचा चिपचिपी नजर आती है।

चैत्र नवरात्रि की द्वितीया तिथि, देवी ब्रह्मचारिणी की मिलेगी कृपा? पढ़ें राशिफल


आज 20 मार्च 2026, शुक्रवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। यह समय शक्ति की उपासना के महापर्व ‘चैत्र नवरात्रि’ का दूसरा दिन है। आज का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा, नई शुरुआत और संकल्प शक्ति का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज चंद्रमा मीन राशि में गोचर कर रहे हैं, जो गुरु की राशि है, और रेवती नक्षत्र का प्रभाव बना हुआ है।

आज ‘ब्रह्म योग’ और ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं, जो निवेश, नए कार्यों के शुभारंभ और व्यक्तिगत विकास के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। शुक्रवार का दिन होने के कारण आज मां लक्ष्मी और मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की असीम कृपा बरसेगी।

यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर अपनों को भेजें ये 5 प्यारे मैसेज

चैत्र शुक्ल द्वितीया का आध्यात्मिक महत्व क्या है?

चैत्र नवरात्रि की द्वितीया तिथि मां दुर्गा के ‘मां ब्रह्मचारिणी’ स्वरूप को समर्पित है। ‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली। यह तिथि हमें संदेश देती है कि कठिन संघर्षों के बावजूद अपने लक्ष्य और धर्म के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। 

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से व्यक्ति के भीतर संयम, तप, त्याग और वैराग्य जैसे गुणों की वृद्धि होती है। जो लोग अपने जीवन में अनुशासन की कमी महसूस करते हैं या किसी बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं, उनके लिए आज का दिन विशेष फलदाई है।

यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्र में 9 दिनों तक होगी मां दुर्गा की पूजा, 9 दिन लगाएं ये भोग

आज का दिन सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चंद्रमा की स्थिति और शुभ योगों का मिलन जातकों को मानसिक शांति और कार्यसिद्धि प्रदान करता है। आज के दिन किया गया दान और जप अक्षय पुण्य फल देता है। शुक्रवार का साथ होने से यह तिथि भौतिक सुख-सुविधाओं और वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने के लिए भी श्रेष्ठ मानी जाती है। आइए जानते हैं, इन शुभ संयोगों के बीच आपकी राशि के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

यह भी पढ़ें: कम पैसे में कैसे करें बद्रीनाथ धाम की यात्रा? तरीका जानिए

12 राशियों का राशिफल पढ़ें- 

  • मेष: आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहेगा। कार्यक्षेत्र में नए विचार सफलता दिलाएंगे, लेकिन जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। कानूनी मामलों में सावधानी बरतें।
    क्या करें: मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर का भोग लगाएं।
    क्या न करें: आज किसी से उधार लेने या देने से बचें।
  • वृषभ: भाग्य आपके साथ है। रुके हुए काम पूरे होंगे और निवेश से लाभ मिलने के प्रबल योग हैं। परिवार के साथ सुखद समय बीतेगा।
    क्या करें: छोटी कन्याओं को वस्त्र या फल दान करें।
    क्या न करें: अपनी योजनाओं का खुलासा दूसरों के सामने न करें।
  • मिथुन: पेशेवर मोर्चे पर आपकी सक्रियता रंग लाएगी। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और लक्ष्यों के प्रति आपका समर्पण आपको पहचान दिलाएगा।
    क्या करें: अपनी वाणी में मधुरता बनाए रखें।
    क्या न करें: कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार की राजनीति से दूर रहें।
  • कर्क: आज आप भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय कर्म पर ध्यान दें। सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट का ध्यान रखें।
    क्या करें: सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
    क्या न करें: नकारात्मक विचारों को मन पर हावी न होने दें।
  • सिंह: रशासनिक और सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। समाज में आपका प्रभाव बढ़ेगा।
    क्या करें: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
    क्या न करें: अहंकार के कारण बने बनाए काम न बिगाड़ें।
  • कन्या: आर्थिक रूप से आज का दिन शुभ है। करियर में कोई बड़ा सकारात्मक बदलाव आ सकता है। टीमवर्क से बड़ा लाभ होने की संभावना है।
    क्या करें: मंदिर में हरी इलायची अर्पित करें।
    क्या न करें: महत्वपूर्ण कागजों पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें।
  • तुला: आज आपको प्रतिक्रिया देने में संयम रखना चाहिए। पेशेवर जोखिम उठाने के लिए समय सही नहीं है। अपने दैनिक रूटीन पर ध्यान दें।
    क्या करें: माता-पिता का आशीर्वाद लेकर घर से निकलें।
    क्या न करें: किसी भी तरह के प्रलोभन या शॉर्टकट के चक्कर में न आएं।
  • वृश्चिक: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और पुराने विवाद सुलझेंगे। आत्मविश्वास चरम पर रहेगा।
  • क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
    क्या न करें: वाहन चलाते समय लापरवाही न बरतें।
  • धनु: पारिवारिक मेलजोल बढ़ेगा। घर में मेहमानों का आगमन हो सकता है। संबंधों में सहनशीलता बनाए रखना जरूरी है।
    क्या करें: पीले रंग के फल या मिठाई का दान करें।
    क्या न करें: अपनों के साथ बहस करने से बचें।
  • मकर: प्रबंधकीय कार्यों में सफलता मिलेगी। आप अपनी योजनाओं को लागू करने में सफल रहेंगे। सेहत में सुधार होगा।
    क्या करें: जरूरतमंदों को कंबल या काले तिल दान करें।
    क्या न करें: आलस्य को अपने काम के बीच न आने दें।
  • कुंभ: कलात्मक और रचनात्मक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वांछित परिणाम प्राप्त होंगे।
    क्या करें: कुलदेवी या मां दुर्गा की आरती करें।
    क्या न करें: दूसरों की निजी बातों में हस्तक्षेप न करें।
  • मीन: चंद्रमा आपकी ही राशि में है, जिससे मानसिक प्रसन्नता बनी रहेगी। कला और रचनात्मक क्षमता का लाभ मिलेगा। नए संपर्क बनेंगे।
    क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।
    क्या न करें: भावनात्मक होकर कोई बड़ा वित्तीय निर्णय न लें।