Home Blog Page 514

कोर्ट के आदेश पर इच्छामृत्यु पाने वाले हरीश राणा की मौत, 13 साल से कोमा में थे


भारत में कोर्ट से पहली बार पैसिव यूथेनेशिया (निष्क्रिय इच्छामृत्यु) की अनुमति पाने वाले हरीश राणा का मंगलवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में निधन हो गया। इसी के साथ देश के कानूनी और मेडिकल हिस्ट्री में एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया।


हरीश राणा 31 साल के थे। साल 2013 में चौथी मंजिल की बालकनी से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट लग गई थी। उस वक्त वह पंजाब यूनिवर्सिटी में बीटेक के छात्र थे, तब उसके बाद से वह 13 साल से ज्यादा समय से वेजिटेटिव स्टेट (कोमा जैसी हालत) में थे।

 

यह भी पढ़ें: 13 साल पहले हरीश राणा के साथ क्या हुआ था कि इच्छामृत्यु मांगनी पड़ी?

ऑक्सीजन सपोर्ट पर जिंदा थे

वह सिर्फ आर्टिफिशियल न्यूट्रिशन (नली से दिया जाने वाला खाना) और कभी-कभी ऑक्सीजन सपोर्ट पर जिंदा थे।

11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा के मामले में पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दे दी थी। कोर्ट ने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि वह सम्मानजनक तरीके से लाइफ सपोर्ट हटाने की प्रक्रिया अपनाएं।

AIIMS में किया था शिफ्ट

14 मार्च को हरीश राणा को उनके गाजियाबाद के घर से AIIMS के डॉ. बी.आर. आंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल के पैलिएटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया।

 

यहां डॉ. सीमा मिश्रा (एनेस्थीसिया और पैलिएटिव मेडिसिन की हेड) की अगुवाई में एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम बनाई गई। टीम में न्यूरोसर्जरी, ऑन्को-एनेस्थीसिया, पैलिएटिव मेडिसिन और साइकियाट्री के विशेषज्ञ शामिल थे।

 

डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार धीरे-धीरे आर्टिफिशियल न्यूट्रिशन बंद करने की प्रक्रिया शुरू की। पूरी प्रक्रिया बहुत सावधानी और निगरानी में की गई। यह भारत में पहली बार था जब किसी कोर्ट के आदेश से पैसिव यूथेनेशिया को इस तरह लागू किया गया।

 

यह भी पढ़ें: भारत से पहले किन देशों में दी जा रही है इच्छामृत्यु? शर्तें भी जान लीजिए

क्यों है यह मामला खास?

हरीश राणा का केस अपने आप में काफी खास है क्योंकि इसे एंड-ऑफ-लाइफ केयर के तरीके को बदलने वाला माना जा रहा है। इस फैसले ने दिखाया कि मरीज की गरिमा, मेडिकल एथिक्स और कानूनी सुरक्षा के साथ जीवन को समाप्त करने का रास्ता भी बनाया जा सकता है।

दूध से मसाले तक में मिलावट, आपकी सेहत पर असर क्या?


आजकल बाजार में खाने-पीने की चीजों में मिलावट का धंधा बहुत बढ़ गया है और यह हम सबके लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। सरकारी संस्था एफएसएसएआई (FSSAI) की ‘एनुअल स्टेट सर्विलांस रिपोर्ट 2025-26’ के नए आंकड़ों से पता चला है कि पिछले दो सालों में मिलावट के मामले लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। जानकारों का कहना है कि जब उन्होंने बाजार से खाने के सैंपल लेकर जांच की, तो हर 4 में से 1 चीज खराब या नकली पाई गई। यह हालत न सिर्फ हमारी सेहत बिगाड़ रही है, बल्कि इससे देश के पैसे और व्यापार का भी भारी नुकसान हो रहा है।

 

मिलावट करने वालों ने बड़े महानगरों से लेकर छोटे गांवों तक अपना काला कारोबार फैला रखा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में हाल ही में पुलिस और प्रशासन ने मिलकर कई बड़ी छापेमारी की है। दिल्ली के नरेला और बवाना जैसे औद्योगिक इलाकों में नकली मसालों की ऐसी फैक्ट्रियां पकड़ी गई हैं जिन्हें देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। यहां मसालों का वजन बढ़ाने और उन्हें गहरा चटकीला रंग देने के लिए सड़े हुए चावल, लकड़ी का बुरादा, चॉक पाउडर और खतरनाक एसिड का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा रहा था।

 

यह भी पढ़ें: फार्मा सेक्टर में बढ़ती ही जा रही भारत की ताकत, वजह क्या है?

 

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों और राजस्थान के कुछ इलाकों में ‘सिंथेटिक दूध’ बनाने के बड़े अड्डे मिले हैं। यहां असली दूध की एक बूंद भी नहीं होती, बल्कि यूरिया, कपड़े धोने वाला सर्फ (डिटर्जेंट), रिफाइंड तेल और ग्लूकोज का इस्तेमाल करके दूध जैसा दिखने वाला सफेद घोल तैयार किया जा रहा था। वहीं महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे जैसे शहरों में पनीर और खोया में भारी मात्रा में मिलावट पाई गई है, जिसे त्योहारों और शादियों के सीजन में खपाने के लिए भारी मात्रा में स्टोर किया गया था।

इन रोजमर्रा की जरूरी चीजों में हो रही है सबसे ज्यादा मिलावट

सरकारी और निजी लैब की रिपोर्ट्स बताती हैं कि मिलावट का सबसे ज्यादा असर उन चीजों पर है जिन्हें हम रोज खाते हैं। दूध और डेयरी उत्पादों में सबसे ज्यादा यानी लगभग 35 प्रतिशत तक मिलावट पाई गई है, जिसमें पानी के अलावा ‘मल्टोडेक्सट्रिन’ और स्टार्च मिलाकर उसे गाढ़ा बनाया जाता है। मसालों की बात करें तो लाल मिर्च में ईंट का चूरा, हल्दी में कैंसर पैदा करने वाला ‘मेटानिल येलो’ रंग और धनिया पाउडर में घोड़े की लीद मिलाने के डरावने मामले सामने आए हैं। खाद्य तेलों में लगभग 15 से 20 प्रतिशत नमूनों में ‘आर्गेमोन तेल’ की मिलावट मिली है, जिससे आंखों की रोशनी जाने का खतरा रहता है। इसके अलावा, आजकल फल और सब्जियों को जल्दी पकाने और उन्हें एकदम ताजा दिखाने के लिए ‘कैल्शियम कार्बाइड’ और ‘मैलाकाइट ग्रीन’ जैसे खतरनाक एलिमेंट्स का स्प्रे किया जा रहा है। यह एलिमेंट्स  सीधे हमारे नर्वस सिस्टम और दिमाग पर हमला करते हैं, जिससे छोटी उम्र में ही लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

सेहत पर पड़ता जानलेवा असर और पैसों का भारी नुकसान

मिलावट सिर्फ एक व्यापारिक धोखा नहीं है, बल्कि एक ऐसा धीमा जहर है जो धीरे-धारे हमारे शरीर के अंगों को बेकार कर रहा है। स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों का मानना है कि ऐसा खराब खाना लगातार खाने से कैंसर, किडनी फेलियर, लिवर की बीमारियां और दिल से जुड़ी समस्याएं बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। इसका सबसे बुरा असर छोटे बच्चों के विकास और बुजुर्गों की सेहत पर पड़ रहा है।

 

अगर इसे आर्थिक नजरिए से देखें, तो यह दोहरा नुकसान है। एक तरफ आम आदमी की मेहनत की कमाई बीमारी के इलाज और अस्पतालों के चक्कर काटने में बर्बाद हो जाती है। दूसरी तरफ, जब पूरी दुनिया में यह पता चलता है कि भारतीय मसालों या खाने की चीजों में मिलावट है, तो दूसरे देश हमारा सामान खरीदना बंद कर देते हैं। इससे भारत के व्यापार को करोड़ों का घाटा होता है और दुनिया भर में हमारे देश का नाम भी खराब होता है।

 

यह भी पढ़ें: किचन के ये 5 मसाले बन सकते हैं साइलेंट किलर, आज ही संभल जाएं

बाजार का गिरता भरोसा और कानून की सख्त कार्रवाई

मिलावट के इस खेल ने बाजार से आम आदमी का भरोसा पूरी तरह हिला दिया है। लोग अब खुले और सस्ते सामान के बजाय मजबूरी में मंहगे ब्रांडेड उत्पादों की ओर भाग रहे हैं। इसका सीधा नुकसान उन छोटे और ईमानदारी दुकानदारों को हो रहा है जो शुद्ध सामान बेचना चाहते हैं लेकिन मिलावट के कम कीमत के आगे टिक नहीं पाते। कंज्यूमर रिपोर्ट के मुताबिक, मिलावट के डर से कई सेक्टर की ग्रोथ रेट पर भी बुरा असर पड़ा है।

 

इस गंभीर समस्या को देखते हुए सरकार ने अब ‘फूड सेफ्टी एक्ट’ के नियमों को और भी सख्त बना दिया है। नए नियमों के तहत अब मिलावट करने वालों  पर 10 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और अगर मिलावट से किसी की जान को खतरा हो, तो उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि, डॉक्टर्स का साफ कहना है कि सिर्फ कानून बनाने से यह धंधा बंद नहीं होगा। इसके लिए जमीनी स्तर पर हर महीने जांच होनी चाहिए और हम ग्राहकों को भी सामान खरीदते समय एफएसएसएआई (FSSAI) की मुहर और एक्सपायरी डेट को ध्यान से देखना चाहिए।

चैत्र नवरात्र में 9 दिनों तक होगी मां दुर्गा की पूजा, 9 दिन लगाएं ये भोग


हिंदू पंचांग में चैत्र महीने की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होती है। इस बार 19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्र शुरू होगा और 27 मार्च को समापन होगा। 27 मार्च को रामनवमी भी है। चैत्र नवरात्र के 9 दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। ये नौ दिन मां दुर्गा के भक्तों के लिए बहुत खास है।

 

इस बार मां दुर्गा पालकी में सवार होकर आने वाली हैं। मां दुर्गा की उपासना करने से घर में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है। चैत्र नवरात्र में कई लोग व्रत रखते हैं। इन नौ दिनों तक मां को अलग-अलग चीजों का भोग लगाया जाता है। आइए जानते हैं कि चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा को किन चीजों को भोग लगाना चाहिए।

 

यह भी पढ़ें: चैत्र अमावस्या के दिन कैसा रहेगा आपका भाग्य? पढ़ें राशिफल

नवरात्र में मां दुर्गा की इन 9 अवतार में पूजा होती हैं

19 मार्च- मां शैलपुत्री
20 मार्च- मां ब्रह्मचारिणी
21 मार्च- मां चंद्रघंटा
22 मार्च- मां कूष्मांडा
23 मार्च- मां स्कंदमाता
24 मार्च- मां कात्यानी
25 मार्च- मां कालरात्रि
26 मार्च- मां महागौरी
27 मार्च- मां सिद्दिदात्री

नवरात्र में किन नियमों का पालन करना चाहिए?

कई लोग 9 दिनों तक व्रत रखते हैं। कुछ लोग सिर्फ अष्टमी के दिन व्रत रखते हैं। भले ही आप व्रत न रखते हो लेकिन कुछ चीजों का पालन जरूर करना चाहिए।जैसे-

 

प्याज, लहसन वाला भोजन न करें।
मीट और शराब का सेवन न करें।
सात्विक भोजन करें।

 

यह भी पढ़ें: 20 या 21 मार्च, किस तारीख को मनाई जाएगी इस बार की ईद? जान लीजिए

नवरात्र में किस दिन कौन सा भोग लगाएं?

पहले दिन (शैलपुत्री)- दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं।
दूसरे दिन (ब्रह्मचारिणी)- चीनी या गुड़
तीसरे दिन (चंद्रघंटा)-दूध या खीर
चौथे दिन (कूष्मांडा)- मालपुआ
पांचवें दिन (स्कंदमाता)- केले
छठे दिन (कात्यानी)- शहद
सातवें दिन (कालरात्रि)- गुड़
आठवें दिन (महागौरी)- हलवा, पुरी
नौवें दिन (सिद्धिदात्री)- मूंगफली और हलवा

चैत्र नवरात्र की पूजा विधि

चैत्र नवरात्र के दिन घर के पूजा स्थल का अच्छे से साफ करें और गंगाजल से शुद्ध करें। इसके बाद चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की तस्वीर की स्थापना करें। इसके बाद कलश की स्थापना करें। एक बर्तन में मिट्टी के अंदर जौ बोकर उसमें जल डालें और कलश को उसके ऊपर रख दें। कलश पर आम के पत्ते और नारियल को स्थापित करें। इसके बाद नियमित रूप से व्रत और पूजा का संकल्प करें।  

‘धनखड़ पर दबाव डालने के लिए किया ED का प्रयोग’, संजय राउत की किताब में दावा


शिव सेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने अपनी जेल में लिखी किताब के नए संस्करण में बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को मोदी सरकार ने इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया था। ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके धमकी दी गई, क्योंकि सरकार उनके स्वतंत्र फैसलों से नाराज थी।

 

राउत ने अपनी किताब ‘अनलाइक्ली पैराडाइज’ के अंग्रेजी संस्करण में चार नए अध्याय जोड़े हैं। यह किताब पिछले साल आई थी। नए अध्यायों में उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाइयों पर लिखा है। उन्होंने लिखा कि ED को लोग अब BJP की ‘शाखा’ कहने लगे हैं। राउत लिखते हैं कि केंद्र सरकार ने ED का इस्तेमाल चुनाव आयोग (ECI) और उपराष्ट्रपति जैसे लोकतांत्रिक संस्थानों पर दबाव डालने के लिए किया।

 

यह भी पढ़ें: ‘बीमार होने की वजह से नहीं छोड़ा पद…’, जगदीप धनखड़ का बयान वायरल क्यों?

2 चैप्टर ईडी से जुड़े हैं

किताब के दो अध्याय ED से जुड़े हैं। एक ‘सुप्रीम कोर्ट बनाम ED’ और दूसरा ‘चुनाव आयोग के दरवाजे पर और उपराष्ट्रपति के घर’। सोमवार को दिल्ली में इस किताब का विमोचन हुआ। आम आदमी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और अन्य नेताओं ने किताब रिलीज की।

पैसे बाहर भेजने का आरोप

राउत ने किताब में लिखा है कि अफवाहें थीं कि धनखड़ और उनकी पत्नी ने जयपुर का घर बेच दिया और पैसे का कुछ हिस्सा विदेश भेज दिया। ED ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और उनके खिलाफ चार्जशीट बनाने का फाइल तैयार कर लिया। जब धनखड़ की स्वतंत्र राजनीतिक गतिविधियों की खबरें आईं, तो ED ने उन्हें यह फाइल दिखाकर इस्तीफा देने का दबाव डाला। पहले उन्होंने मना किया, तो जांच और तेज हो गई। इससे वे परेशान नजर आने लगे।

 

राउत ने यह भी आरोप लगाया कि ED जजों की नियुक्ति, कामकाज और यहां तक कि राष्ट्रपति पर भी नजर रखती है।

बीजेपी ने दिया जवाब

इन आरोपों पर बीजेपी की महाराष्ट्र इकाई के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बान ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘किसी किताब में लिख देने भर से बात सच नहीं हो जाती। इतने गंभीर आरोपों के लिए ठोस सबूत, सरकारी दस्तावेज या संबंधित लोगों के बयान चाहिए। संवैधानिक पदों पर रहे लोगों पर ऐसे आरोप लगाकर देश की संस्थाओं पर शक पैदा करने की कोशिश की जा रही है।’

 

धनखड़ ने इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ नहीं कहा। हाल ही में उन्होंने कहा कि उन्होंने इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों से नहीं दिया था। 26 फरवरी 2026 को राजस्थान के चुरू जिले के सादुलपुर में उन्होंने कहा, ‘मैंने सिर्फ इतना कहा था कि मैं अपनी सेहत को प्राथमिकता दे रहा हूं। हर किसी को ऐसा करना चाहिए।’

यशवंत राव का मुद्दा

उनके इस्तीफे के तुरंत बाद दिल्ली में चर्चा थी कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ विपक्ष के महाभियोग प्रस्ताव को शुरू करने की उनकी कोशिश सरकार को पसंद नहीं आई। धनखड़ ने विपक्षी नेताओं से कहा था कि राज्य सभा में नोटिस दें, जबकि सरकार चाहती थी कि यह नोटिस पहले लोकसभा में आए। न्यायमूर्ति वर्मा के घर से मार्च 2025 में बड़ी रकम बरामद हुई थी।

 

उस समय राज्य सभा में एनडीए के एक भी सांसद ने विपक्ष के नोटिस पर दस्तखत नहीं किए थे, क्योंकि उन्हें पता ही नहीं था कि ऐसा नोटिस तैयार हो रहा है। जब धनखड़ ने घोषणा की कि उन्हें प्रस्ताव मिल गया है, तो सरकार की योजना बिगड़ गई।

लोकसभा में लाना चाहती थी सरकार

एक लोकसभा अधिकारी ने उस समय बताया था कि सरकार चाहती थी कि महाभियोग प्रस्ताव पहले लोकसभा में पास हो, ताकि इसे सरकार की सफलता बताया जा सके और न्यायपालिका को संदेश दिया जा सके। लेकिन धनखड़ ने सब कुछ बिगाड़ दिया।


यह भी पढ़ें: जगदीप धनखड़ की तबीयत बिगड़ी, AIIMS में भर्ती, पिछले हफ्ते 2 बार हुए थे बेहोश


इसके बाद बीजेपी नाराज हो गई। बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू धनखड़ की अध्यक्षता वाली बिजनेस एडवाइजरी कमिटी की बैठक में नहीं गए। फिर धनखड़ ने फैसला लिया कि अब इस्तीफा देना ही ठीक रहेगा। उनके एक सहायक ने कहा था, ‘इस्तीफा देना भी बहुत ताकत का काम है।’

गाय के पित्त की पथरी से बन रही दवाई, आखिर इससे क्या फायदा होता है?


इंसान अपनी जरूरतों और फायदे के लिए सदियों से जानवरों का इस्तेमाल करता आया है। कभी उनकी खाल से कपड़े और फैशन इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलता है तो कभी उनके शरीर के अंग दवाइयों और पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग किए जाते हैं। हाल के वर्षों में कुछ ऐसी खबरें सामने आई हैं, जिनके मुताबिक गाय के पित्त से बनी पथरी की कीमत सोने से कम नहीं है। गाय के पित्त से बनी पथरी से चीन में पारंपरिक दवाइयां बनती हैं। इन दवाइयों का उपयोग कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है, इस वजह से गाय के पित्त की पथरी निकालने का व्यापार बढ़ता जा रहा है।

 

चीन और अमेरिका में ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी बढ़ती जा रही है। गाय के शरीर की पथरी से स्ट्रोक की दवाइयां बनाई जाती हैं। हालांकि, सभी गायों के शरीर में पित्त की पथरी नहीं बनती, इसलिए यह बेहद दुर्लभ होती है। इसी वजह से इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी कीमत लगभग 5,800 डॉलर तक पहुंच गई है, जो कई बार सोने से भी महंगी होती है। यह पथरी कई देशों में इतनी कीमती हो गई है कि इसकी अवैध तस्करी भी होने लगी है।

 

यह भी पढ़ें: नेपाल में 200 फीट गहरी खाई में गिरी बस, सात भारतीयों की मौत

 

गाय के पित्त की पथरी गोल पत्थर जैसी होती है। जब गाय चारा खाती है, तो उसके पेट में कई बारीक कण चले जाते हैं, जैसे पौधों के रेशे। समय के साथ ये छोटे कण पित्त में बदल जाते हैं, जिन पर खनिज की परतें जम जाती हैं। ये खनिज कैल्शियम फॉस्फेट और कैल्शियम कार्बोनेट होते हैं। इसमें कैल्शियम और कार्बोनेट की मात्रा होने के कारण इसे मानव शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है।अब सवाल उठता है कि चीन में किन-किन बीमारियों के लिए गाय के पित्त से दवाइयां बनाई जाती हैं और आज के दौर में इसकी मांग क्यों बढ़ रही है। इसके साथ ही यह सवाल भी उठता है कि किन-किन देशों में गाय के पित्त की पथरी की अवैध तस्करी हो रही है।

 

कौन सी दवाई बनती है?

गाय के शरीर की पथरी से चीन में एक पारंपरिक दवाई बनाई जाती है। इस दवाई का नाम अंगोंग निउहुआंग वान है। यह दवाई स्ट्रोक, बेहोशी, तेज बुखार और दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज में उपयोग की जाती है।


कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में स्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कुछ जानकारों का मानना है कि चीन में स्ट्रोक के मरीज अमेरिका से करीब तीन गुना ज्यादा हैं। इसी वजह से गाय के पित्त से बनी पथरी की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसकी कीमत भी लगातार बढ़ती जा रही है।

 

यह भी पढ़ें: क्यों इफ्तार पार्टी देकर सुर्खियों में हैं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अली दारविच?

 

गायों की पित्त की पथरी दुर्लभ क्यों है?

गाय के पित्त की पथरी बेहद कम पाई जाती है क्योंकि हर गाय के शरीर में यह नहीं बनती। आमतौर पर यह पथरी ज्यादा उम्र वाली गायों में पाई जाती है। कई देशों में गाय को मांस के लिए कम उम्र में ही मार दिया जाता है, जिससे बहुत कम गायें ऐसी होती हैं जो अधिक उम्र तक जीवित रहती हैं। इसी वजह से यह पथरी और भी दुर्लभ हो जाती है।

 

गाय की तस्करी

स्ट्रोक जैसी बीमारियों के बढ़ने के कारण गाय के पित्त की पथरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी वजह से इसकी तस्करी के मामले भी बढ़ रहे हैं। ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों में इसकी चोरी और तस्करी की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि इस पथरी के लिए कई देशों में होड़ मची हुई है। बढ़ती मांग को देखते हुए चीन के शोधकर्ताओं ने लैब में भी पित्त की पथरी बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।

 

यह भी पढ़ें: भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ा रहा चीन, कहा-विरोधी नहीं साझेदार हैं

 

इंसान और जानवरों का रिश्ता हमेशा से जरूरत पर आधारित रहा है, लेकिन जब फायदे के लिए जानवरों के हर हिस्से को एक संसाधन की तरह देखा जाने लगे, तो यह सवाल उठता है कि यह जरूरत है या शोषण।

चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर अपनों को भेजें ये 5 प्यारे मैसेज


चैत्र नवरात्रि का पावन उत्सव न केवल मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की श्रद्धापूर्वक पूजा करने का समय है, बल्कि यह अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर खुशियां बांटने का भी एक बहुत ही खास मौका है। इन नौ पवित्र दिनों में भक्तजन पूरी श्रद्धा के साथ मां की भक्ति में डूब जाते हैं और अपने जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और सुख-शांति के लिए माता रानी से दुआ करते हैं। 

 

नवरात्रि की बधाई देने का सबसे सुंदर तरीका हृदय से निकले हुए वे सरल शब्द होते हैं, जो अपनों तक माता रानी की असीम कृपा और प्यार का संदेश पहुंचाते हैं। इसी पावन अवसर को और भी यादगार बनाने के लिए हम आपके लिए लेकर आए हैं 10 आसान और बेहद प्यारे मैसेज, जिन्हें आप व्हाट्सएप, फेसबुक या इंस्टाग्राम पर स्टेटस और मैसेज के जरिए शेयर कर सकते हैं।

 

यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्र में 9 दिनों तक होगी मां दुर्गा की पूजा, 9 दिन लगाएं ये भोग

1.माता रानी का आशीर्वाद और खुशियों का संसार

मां दुर्गा का आशीर्वाद मिले हर बार, आपका जीवन बने खुशियों का संसार। हर कदम पर सफलता का साथ मिले, नवरात्रि में सजे आपके सपनों की बारात। सारा संसार है जिसकी शरण में, नमन है उस माता के चरण में। हम हैं उस माता के चरणों की धूल, आओ मिलकर चढ़ाएं श्रद्धा के फूल। माता रानी का आशीर्वाद आप पर हमेशा बना रहे। जय माता दी।

2.भक्ति की शक्ति और नई उम्मीदें

भक्ति की शक्ति से जीवन सजे रंगों से, हर दिन खुशियों के नए गीत गाए जाएं। मां दुर्गा करें हर मनोकामना पूरी, आपके और अपनों के बीच कभी न आए दूरी। सजा लो दरबार, मां दुर्गा आने वाली हैं, हमारे दुखों को वो मिटाने वाली हैं। नवरात्रि आपके लिए नई उमंग और उम्मीद लेकर आए जिससे आपका हर दिन खास बन जाए। जय अम्बे मां! हैप्पी नवरात्रि!

3.सुख समृद्धि और मंगल कामना

मां का आशीर्वाद सदा आपके साथ रहे और हर दुख-तकलीफ आपसे दूर भागे। नवरात्रि का यह त्योहार ढेर सारी खुशियां लेकर आए और आपका जीवन हमेशा सुख-समृद्धि से भरा रहे। लाल रंग की चुनरी से सजा मां का दरबार, हर्षित हुआ मन, पुलकित हुआ संसार। नन्हे-नन्हे कदमों से मां आएं आपके द्वार, मुबारक हो आपको नवरात्रि का ये त्योहार। शुभ नवरात्रि 2026!

4.आसान राहें और ममता की छांव

मां दुर्गा की कृपा से आपकी हर राह आसान हो जाए और आपको जीवन में खुशियां का महल बने। आपका हर सपना पूरा हो और नवरात्रि का हर पल एक बड़े त्योहार की तरह बीते। मां की ममता से आपका संसार हमेशा भरा रहे और हर दिल में प्यार का समंदर उमड़े। दीपक की रोशनी, चंदन की खुशबू, अपनों का प्यार और मां का आशीर्वाद। नवरात्रि में खुशियां झूमकर बरसें और आपका जीवन हर पल मुस्कुराता रहे। जय भवानी!

 

यह भी पढ़ें: 18 या 19, कब से शुरू हो रही है नवरात्रि? सही तारीख जान लीजिए

5.मन का सुकून और अनमोल उपहार

मां की भक्ति से मन को सुकून मिले और हर दिल में नया उत्साह जागे। नवरात्रि का यह पर्व खुशियों की नई लहर लेकर आए और आपका जीवन एक सुंदर उपहार बन जाए। चांद की चांदनी, अपनों का प्यार, मुबारक हो आपको नवरात्रि का त्योहार। मां दुर्गा की कृपा हर पल आपके ऊपर बरसती रहे और जीवन में हमेशा खुशियों का बहार रहे। माता रानी आपके सभी कष्ट दूर करें और आपका जीवन हमेशा महकता रहे। जय माता दी! हैप्पी चैत्र नवरात्रि!

कोलंबिया में बड़ा हादसा, सैनिकों को ले जा रहा विमान टेकऑफ के वक्त हुआ क्रैश


कोलंबिया के दक्षिणी हिस्से में पेरू की सीमा के पास एक बड़ा दुर्घटना हुई है। कोलंबियाई वायु सेना का एक हर्क्यूलिस विमान क्रैश हो गया। यह विमान सैनिकों को ले जा रहा था।

 

यह हादसा पुटुमायो प्रांत के प्यूर्टो लेगुइज़ामो शहर के पास हुआ। अधिकारी बताते हैं कि विमान टेकऑफ के दौरान ही यह ट्रैजिक एक्सीडेंट हुआ। रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा, ‘हमारा एक हर्क्यूलिस विमान प्यूर्टो लेगुइज़ामो से उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हमारे सुरक्षा बलों के सैनिकों को ले जा रहा था।’

 

यह भी पढ़ें: एयर इंडिया विमान हादसा: जांच रिपोर्ट लीक होने से SC क्यों नाराज?

करीब 100 लोग सवार थे

अभी तक यह साफ नहीं है कि विमान में कुल कितने लोग सवार थे लेकिन स्थानीय मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि विमान में 100 से ज्यादा लोग थे, जिनमें ज्यादातर सैनिक थे। कुछ जगहों पर 110 सैनिकों के होने की बात कही जा रही है।

 

 

घायलों की संख्या नहीं पता

रक्षा मंत्री ने इसे देश के लिए बहुत दुखद बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे देश के लिए गहरी उदासी की बात है। अभी तक मौतों या घायलों की सही संख्या नहीं बताई गई है लेकिन बचाव दल को तुरंत घटनास्थल पर भेज दिया गया है। सेना और अन्य टीमें वहां पहुंचकर मदद कर रही हैं।

 

यह इलाका सीमाई क्षेत्र है, जहां सुरक्षा बलों की तैनाती आम है। हादसे के कारणों की जांच शुरू हो गई है। 

 

यह भी पढ़ें: विमान हादसा: न साजिश, न बर्ड हिट, फिर कैसे हुआ हादसा? आ गई रिपोर्ट

 

ईरान-इजरायल युद्ध खिंचने पर पीएम मोदी किन चुनौतियों की बात कर रहे थे?


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी। अगर वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध लंबे समय तक खिंचते हैं, तो दुनिया के साथ-साथ भारत को भी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। यह बयान केवल एक सामान्य राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक व्यवस्था का संकेत है। 

 

आज के समय में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहते; वे ऊर्जा बाजार, खाद्य आपूर्ति, वैश्विक व्यापार, मुद्रा बाजार और सामाजिक स्थिरता तक गहरा प्रभाव डालते हैं। ईरान-इजरायल युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एक क्षेत्रीय संघर्ष भी पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को झकझोर सकता है। भारत, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और वैश्विक सप्लाई चेन से गहराई से जुड़ा है, ऐसे हालात में सबसे अधिक संवेदनशील देशों में से एक बन जाता है।


यह भी पढ़ें: क्या PM नरेंद्र मोदी की छवि को हो रहा नुकसान? ऑपरेशन सिंदूर से अमेरिकी डील तक


ऐसे में प्रधानमंत्री का यह बयान दरअसल एक चेतावनी है कि आने वाला समय केवल अवसरों का नहीं, बल्कि कठिन परीक्षाओं का भी हो सकता है। इस लेख में हम चर्चा करेंगे कि अगर यह संकट बना रहता है तो आने वाले समय में किन-किन संकटों या चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है?

1. ऊर्जा संकट

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। एलपीजी सिलिंडर और डीजल-पेट्रोल की कीमतें इसका उदाहरण हैं। अगर युद्ध के कारण तेल उत्पादक क्षेत्रों खासकर पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ती है, तो कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। इससे पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि बिजली उत्पादन और ट्रांसपोर्टेशन की लागत भी बढ़ेगी।

2. महंगाई बढ़ेगी

ऊर्जा या डीजल-पेट्रोल महंगा होता है तो हर चीज महंगी हो जाती है। ट्रांसपोर्ट महंगा होता है, उत्पादन महंगा और अंततः उपभोक्ता वस्तुएं महंगी। इससे ‘cost-push inflation’ पैदा होता है। गरीब और मध्यम वर्ग की खरीदने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे खपत कम होती है और आर्थिक विकास धीमा पड़ता है।

3. सप्लाई चेन का टूटना

आधुनिक अर्थव्यवस्था ‘ग्लोबल सप्लाई चेन’ पर टिकी है। COVID-19 महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध ने दिखाया कि कैसे एक क्षेत्रीय संकट पूरी दुनिया में उत्पादन और वितरण को प्रभावित कर सकता है। चिप्स, दवाइयां, उर्वरक सबकी उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।

4. खाद्य सुरक्षा का खतरा

मिडिल ईस्ट के देशों से बड़ी मात्रा में सल्फर का आयात किया जाता है जो कि उर्वरक बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में अगर यह संकट लंबा खिंचता है तो उर्वरकों की कमी होगी जिससे उत्पादन घटेगा और आने वाले समय में खाद्य संकट देखने को मिल सकता है।

5. निर्यात पर असर

वैश्विक अर्थव्यवस्था कमजोर होती है तो मांग घटती है। इसका सीधा असर भारत के निर्यात पर पड़ेगा। आईटी, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट्स जैसे सेक्टर इस वजह से प्रभावित होते हैं। इससे विदेशी मुद्रा कम आती है और व्यापार घाटा बढ़ सकता है।

6. रुपया कमजोर होगा

जब वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है, तो इन्वेस्टर सुरक्षित बाजारों की ओर भागते हैं। इससे भारत जैसे उभरते बाजारों से पूंजी निकलने लगती है और रुपया कमजोर होता है। कमजोर रुपया आयात को और महंगा बना देता है, जिससे महंगाई और बढ़ती है।

7. रक्षा खर्च में बढ़ोतरी

लंबे युद्ध का माहौल देशों को अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए मजबूर करता है। भारत को भी अपनी सीमाओं और सैन्य क्षमता पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है। इससे सरकारी बजट पर दबाव बढ़ेगा और विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन कम हो सकते हैं।

8. कूटनीतिक संतुलन की चुनौती

भारत की विदेश नीति ‘strategic autonomy’ पर आधारित रही है। लेकिन जब वैश्विक शक्तियां आमने-सामने होती हैं, जैसे NATO और रूस, तो संतुलन बनाए रखना कठिन हो जाता है। ऐसे में हर निर्णय का आर्थिक और राजनीतिक असर होता है। जाहिर है ईरान-इजरायल-अमेरिका के युद्ध में भी भारत के सामने इस तरह की चुनौतियां पेश आएंगी।

9. बेरोजगारी बढ़ने का डर

जब निवेश घटता है और व्यापार धीमा पड़ता है, तो रोजगार के अवसर भी कम होते हैं। स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर पर दबाव बढ़ता है। इससे बेरोजगारी और सामाजिक असंतोष बढ़ सकता है।

10. कानून-व्यवस्था की समस्या

महंगाई, बेरोजगारी और अनिश्चितता का माहौल बढ़ता है तो समाज में असंतोष की स्थिति पैदा होती है। ऐसे में  सरकार के लिए इकॉनमी को मजबूत बनाए रखने के साथ-साथ सामाजिक स्थिरता भी बनाए रखना एक चुनौती होती है।

 

यह भी पढ़ें: ‘आपदा नहीं सहेंगे, बदलकर रहेंगे,’ PM मोदी का केजरीवाल पर तंज


ऐसे में पीएम मोदी ने सांकेतिक तौर पर यह बताने की कोशिश की है कि अगर युद्ध नहीं रुकता है तो किन-किन तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है?

 

वैसलीन से पाएं चमकती ग्लोइंग स्किन, जानिए क्या स्लगिंग स्किन केयर रूटीन?


त्वचा को खूबसूरत और जवान के लिए हम तरह-तरह के स्किनकेयर रूटीन को फॉलो करते हैं। आज भी ज्यादातर लोग अपनी दादी और नानी के नुस्खों को फॉलो करते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया स्लगिंग का ट्रेंड चल रहा है। शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राज ने भी एक इंटरव्यू में बताया था कि त्वचा का ख्याल रखने के लिए वह स्लगिंग करती हैं।

 

स्लगिंग एक नेचुरल स्किन केयर रूटीन है जिसे लोगों ने अब फॉलो करना शुरू किया है। इस स्किन केयर रूटीन में व्यक्ति को अपनी त्वचा पर वैसलीन की पेट्रोलियम जेली लगानी होती है ताकि त्वचा निखरी और खूबसूरत नजर आए। पहले पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल फटी हुई त्वचा को मुलायम करने के लिए किया जाता था। अब इसका इस्तेमाल त्वचा को हाइड्रेट रखने के लिए भी किया जाता है। इसके इस्तेमाल से त्वचा बेहद ग्लोइंग और फ्रेश नजर आती है। 

 

यह भी पढ़ें: बदलते मौसम में पहने ये फुल स्लीव स्टाइलिश कुर्ते, दिखेंगी सबसे स्टाइलिश

स्लगिंग का तरीका क्या है?

त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक स्लगिंग एक पारंपरिक तरीका है लेकिन यह तभी फायदेमंद होता है जब सही तरीके से किया जाता है। यह प्रोडक्ट सभी के लिए फायदेमंद भी नहीं है। आपको पेट्रोलियम जेली सबसे आखिरी में लगाना है ताकि त्वचा हाइड्रेटेड रहे और रात को सोते समय रिपेयर हो सके। इससे नमी बनी रहती है और त्वचा मुलायम और चमकदार लगती है।

  • सबसे पहले आपको फेसवॉश से चेहरे को अच्छे से धो लेना है।
  • इसके बाद सीरम और मॉश्चराइजर लगाएं।
  • चेहरे पर पेट्रोलियम जेली (वैसलीन) की पतली से लेयर लगाएं।
  • 30 मिनट तक इंतजार करें ताकि सभी प्रोडक्ट अच्छे से सेटल होने दे और फिर सोने जाएं।

किन लोगों को इस्तेमाल नहीं करना चाहिए?

पेट्रोलियम जेली सभी के घर में आसानी से मिल जाने वाला प्रोडक्ट है। यह चीज उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनकी त्वचा ड्राई और बेजान है। जिन लोगों की ऑयली स्किन या एक्ने प्रोन स्किन है तो उन्हें वैसलीन लगाने से बचाना चाहिए। पेट्रोलियम जेली में ऑयल होता है जिसकी वजह से त्वचा के रूम छिद्रों में गंदगी जमने का खतरा ज्यादा रहता है जिसकी वजह से मुंहासे होने का खतरा बढ़ जाता है।

 

यह भी पढ़ें: गाय के पित्त की पथरी से बन रही दवाई, आखिर इससे क्या फायदा होता है?

 

फायदे

 

रातभर पेट्रोलियम जेली लगाने से त्वचा मुलायम और चमकदार लगती है।
हम जो भी सीरम या क्रीम लगाते हैं स्किन में अच्छे से एब्जॉर्ब होता है।
रूखी त्वचा के लिए फायदेमंद है।

 

नुकसान

 

मुंहासों का खतरा बढ़ सकता है।
ऑयली स्किन के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल करना मुश्किल होता है। उससे त्वचा चिपचिपी नजर आती है।

चैत्र नवरात्रि की द्वितीया तिथि, देवी ब्रह्मचारिणी की मिलेगी कृपा? पढ़ें राशिफल


आज 20 मार्च 2026, शुक्रवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। यह समय शक्ति की उपासना के महापर्व ‘चैत्र नवरात्रि’ का दूसरा दिन है। आज का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा, नई शुरुआत और संकल्प शक्ति का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज चंद्रमा मीन राशि में गोचर कर रहे हैं, जो गुरु की राशि है, और रेवती नक्षत्र का प्रभाव बना हुआ है।

आज ‘ब्रह्म योग’ और ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं, जो निवेश, नए कार्यों के शुभारंभ और व्यक्तिगत विकास के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। शुक्रवार का दिन होने के कारण आज मां लक्ष्मी और मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की असीम कृपा बरसेगी।

यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर अपनों को भेजें ये 5 प्यारे मैसेज

चैत्र शुक्ल द्वितीया का आध्यात्मिक महत्व क्या है?

चैत्र नवरात्रि की द्वितीया तिथि मां दुर्गा के ‘मां ब्रह्मचारिणी’ स्वरूप को समर्पित है। ‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली। यह तिथि हमें संदेश देती है कि कठिन संघर्षों के बावजूद अपने लक्ष्य और धर्म के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। 

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से व्यक्ति के भीतर संयम, तप, त्याग और वैराग्य जैसे गुणों की वृद्धि होती है। जो लोग अपने जीवन में अनुशासन की कमी महसूस करते हैं या किसी बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं, उनके लिए आज का दिन विशेष फलदाई है।

यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्र में 9 दिनों तक होगी मां दुर्गा की पूजा, 9 दिन लगाएं ये भोग

आज का दिन सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चंद्रमा की स्थिति और शुभ योगों का मिलन जातकों को मानसिक शांति और कार्यसिद्धि प्रदान करता है। आज के दिन किया गया दान और जप अक्षय पुण्य फल देता है। शुक्रवार का साथ होने से यह तिथि भौतिक सुख-सुविधाओं और वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने के लिए भी श्रेष्ठ मानी जाती है। आइए जानते हैं, इन शुभ संयोगों के बीच आपकी राशि के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

यह भी पढ़ें: कम पैसे में कैसे करें बद्रीनाथ धाम की यात्रा? तरीका जानिए

12 राशियों का राशिफल पढ़ें- 

  • मेष: आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहेगा। कार्यक्षेत्र में नए विचार सफलता दिलाएंगे, लेकिन जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। कानूनी मामलों में सावधानी बरतें।
    क्या करें: मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर का भोग लगाएं।
    क्या न करें: आज किसी से उधार लेने या देने से बचें।
  • वृषभ: भाग्य आपके साथ है। रुके हुए काम पूरे होंगे और निवेश से लाभ मिलने के प्रबल योग हैं। परिवार के साथ सुखद समय बीतेगा।
    क्या करें: छोटी कन्याओं को वस्त्र या फल दान करें।
    क्या न करें: अपनी योजनाओं का खुलासा दूसरों के सामने न करें।
  • मिथुन: पेशेवर मोर्चे पर आपकी सक्रियता रंग लाएगी। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और लक्ष्यों के प्रति आपका समर्पण आपको पहचान दिलाएगा।
    क्या करें: अपनी वाणी में मधुरता बनाए रखें।
    क्या न करें: कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार की राजनीति से दूर रहें।
  • कर्क: आज आप भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय कर्म पर ध्यान दें। सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट का ध्यान रखें।
    क्या करें: सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
    क्या न करें: नकारात्मक विचारों को मन पर हावी न होने दें।
  • सिंह: रशासनिक और सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। समाज में आपका प्रभाव बढ़ेगा।
    क्या करें: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
    क्या न करें: अहंकार के कारण बने बनाए काम न बिगाड़ें।
  • कन्या: आर्थिक रूप से आज का दिन शुभ है। करियर में कोई बड़ा सकारात्मक बदलाव आ सकता है। टीमवर्क से बड़ा लाभ होने की संभावना है।
    क्या करें: मंदिर में हरी इलायची अर्पित करें।
    क्या न करें: महत्वपूर्ण कागजों पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें।
  • तुला: आज आपको प्रतिक्रिया देने में संयम रखना चाहिए। पेशेवर जोखिम उठाने के लिए समय सही नहीं है। अपने दैनिक रूटीन पर ध्यान दें।
    क्या करें: माता-पिता का आशीर्वाद लेकर घर से निकलें।
    क्या न करें: किसी भी तरह के प्रलोभन या शॉर्टकट के चक्कर में न आएं।
  • वृश्चिक: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और पुराने विवाद सुलझेंगे। आत्मविश्वास चरम पर रहेगा।
  • क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
    क्या न करें: वाहन चलाते समय लापरवाही न बरतें।
  • धनु: पारिवारिक मेलजोल बढ़ेगा। घर में मेहमानों का आगमन हो सकता है। संबंधों में सहनशीलता बनाए रखना जरूरी है।
    क्या करें: पीले रंग के फल या मिठाई का दान करें।
    क्या न करें: अपनों के साथ बहस करने से बचें।
  • मकर: प्रबंधकीय कार्यों में सफलता मिलेगी। आप अपनी योजनाओं को लागू करने में सफल रहेंगे। सेहत में सुधार होगा।
    क्या करें: जरूरतमंदों को कंबल या काले तिल दान करें।
    क्या न करें: आलस्य को अपने काम के बीच न आने दें।
  • कुंभ: कलात्मक और रचनात्मक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वांछित परिणाम प्राप्त होंगे।
    क्या करें: कुलदेवी या मां दुर्गा की आरती करें।
    क्या न करें: दूसरों की निजी बातों में हस्तक्षेप न करें।
  • मीन: चंद्रमा आपकी ही राशि में है, जिससे मानसिक प्रसन्नता बनी रहेगी। कला और रचनात्मक क्षमता का लाभ मिलेगा। नए संपर्क बनेंगे।
    क्या करें: पक्षियों को दाना डालें।
    क्या न करें: भावनात्मक होकर कोई बड़ा वित्तीय निर्णय न लें।

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कई देशों ने लागू की राशनिंग, क्या होती है यह व्यवस्था?


मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के दौरान खासकर ईरान और इजरायल के बीच टकराव के चलते वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति पर असर पड़ना शुरू हो गया। तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के बीच कई देशों ने एहतियातन कदम उठाते हुए राशनिंग जैसी व्यवस्थाएं लागू करनी शुरू कर दी हैं।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो यह संकट और गहरा सकता है। इसी वजह से कई सरकारें अभी से तैयारी में जुट गई हैं। कुछ देशों ने सीधे राशनिंग लागू की है, जबकि कई अन्य देशों ने स्टॉक बढ़ाने, खपत कम करने और जमाखोरी रोकने जैसे कदम उठाए हैं। इसका सीधा असर आम जनता की दैनिक जिंदगी और खर्च पर पड़ रहा है।

 

यह भी पढ़ें: ‘ट्रंप पीछे हट गए’, ट्रंप के हमला रोकने के बयान पर ईरान का जवाब

क्या है राशनिंग व्यवस्था और क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

राशनिंग एक आपातकालीन आर्थिक व्यवस्था है। जिसमें सरकारें हर व्यक्ति या हर घर के हिसाब से कम मिलने वाली चीजों (जैसे फ्यूल, बिजली, या अनाज) की मात्रा को लिमिट करती हैं। आम समय में, मार्केट सप्लाई और डिमांड के आधार पर चलते हैं लेकिन युद्ध जैसे संकट के समय जब सप्लाई कम होती है तो सरकारें दखल देती हैं। इसका मुख्य मकसद पैनिक बाइंग को रोकना और यह पक्का करना है कि अमीर लोग सारा स्टॉक न खरीद लें।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा

आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, राशनिंग का लागू होना इस बात का संकेत है कि वैश्विक मुक्त बाजार दबाव में है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से परिवहन लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों पर पड़ रहा है। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बाधित होता है तो दुनिया की 20% ऊर्जा आपूर्ति रुक जाएगी। जिससे विकसित देशों को भी ऊर्जा राशनिंग जैसे कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।

 

यह भी पढ़ें: ‘अगले पांच दिन तक कोई हमला नहीं…’, डोनाल्ड ट्रंप ने कर दिया सीजफायर का एलान?

हालात अब भी तनावपूर्ण

डोनाल्ड ट्रंप के कूटनीतिक संकेतों के बावजूद इजरायल और ईरान के बीच तनाव कम नहीं हुआ है। ट्रंप के ट्रुथ सोशल पोस्ट के बाद भी इजरायल ने सोमवार को तेहरान के अंदरूनी इलाकों में हमले जारी रखने की बात कही। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल ने हाल के दिनों में हमले तेज कर दिए हैं।

 

वहीं, जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में मिसाइलें दागीं। इजरायली अधिकारियों का दावा है कि अब तक 400 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से ज्यादातर को एयर डिफेंस ने रोक लिया। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, 81,000 से ज्यादा इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, जबकि इजरायल में 2,700 लोग बेघर हुए।

ईरान को लेकर क्या है अगली रणनीति? डोनाल्ड ट्रंप ने की पीएम मोदी से बात


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे संघर्ष पर चर्चा की। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने, सुरक्षित और ऐक्सेस लायक बनाने पर जोर दिया गया।

 

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार तेहरान के साथ ‘प्रोडक्टिव’ बातचीत कर रही है। उन्होंने ईरान के पावर प्लांट्स पर हमले की अपनी डेडलाइन को 5 दिन बढ़ा दिया। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखा था, जिससे दुनिया के तेल निर्यात पर असर पड़ रहा है।

 

यह भी पढ़ें: ‘मैं या आयतुल्लाह कंट्रोल करेंगे होर्मुज…’, ईरान पर यह कैसा दावा कर रहे ट्रंप?

पीएम बोले- शांति का समर्थन

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा कि दोनों नेताओं की बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की अहमियत पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने भी एक्स पर पोस्ट किया, ‘राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बात हुई। पश्चिम एशिया की स्थिति पर उपयोगी चर्चा हुई। भारत जल्द से जल्द तनाव कम करने और शांति बहाल करने का समर्थन करता है। होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने, सुरक्षित और सभी के लिए पहुंच योग्य रखना पूरे विश्व के लिए जरूरी है। हम शांति और स्थिरता के प्रयासों पर संपर्क में रहेंगे।’

 

ईरानी अधिकारी कह रहे हैं कि ट्रंप पीछे हट गए क्योंकि ईरान ने सख्त चेतावनी दी थी। हालांकि, तेहरान से बातचीत को लेकर मिले-जुले संकेत आ रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान अमेरिका से मध्यस्थों के जरिए कुछ प्रस्ताव प्राप्त कर रहा है और उन्हें जांच रहा है।

मध्यस्थता का प्रस्ताव

पीएम मोदी ने पिछले दिनों ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से भी बात की थी। हालांकि मध्यस्थता के किसी प्रस्ताव की डिटेल्स नहीं बताई गईं। भारत के पड़ोसी पाकिस्तान समेत सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र जैसे चार देशों को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता करने वाला बताया जा रहा है।

 

मंगलवार को संसद में पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से उन्होंने पश्चिम एशिया के ज्यादातर देशों के नेताओं से दो बार फोन पर बात की है। वह गल्फ देशों, ईरान, इजराइल और अमेरिका से लगातार संपर्क में हैं।

कूटनीति पर जोर

मोदी ने कहा ‘कूटनीति के जरिए भारत अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है। हम इस मुद्दे को बातचीत से सुलझाने के पक्ष में हैं।’ उन्होंने गल्फ में रह रहे बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता बताया।

 

शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश सिन्हा ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य है। वहां जाने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है। पहले भी नहीं थी और आज भी नहीं है। सुरक्षा का आकलन जरूर किया जाता है लेकिन अनुमति किसी से नहीं मांगी जाती।

 

यह भी पढ़ें: ईरान को तबाह करने चले थे, सीज फायर कर बैठे, पल-पल क्यों बदलती है ट्रंप की चाल?

मौजूदा स्थिति

फरवरी 28 को अमेरिका और इजरायल के तेहरान पर हवाई हमलों से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक ईरान में 1500 से ज्यादा, लेबनान में 1000 से ज्यादा, इजरायल में 15 और अमेरिकी सैनिकों में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। गल्फ क्षेत्र में भी कई नागरिक मारे गए हैं। लेबनान में लाखों लोग बेघर हो गए हैं क्योंकि इजरायल ने ईरान समर्थित हिजबुल्लाह मिलिशिया पर हमले बढ़ा दिए हैं।

बदलते मौसम में पहने ये फुल स्लीव स्टाइलिश कुर्ते, दिखेंगी सबसे स्टाइलिश


मार्च के शुरुआती हफ्ते में गर्मी बढ़ गई थी लेकिन आखिरी हफ्ते में बारिश की वजह से ठंडी हवाएं चल रही है। खासतौर से सुबह और शाम के समय में ठंडी हवा का एहसास ज्यादा होता है। ऐसे मौसम में सर्द- गर्म होने का खतरा ज्यादा रहता है इसलिए जरूरी है कि आप मौसम के हिसाब से कपड़ पहनें।

 

इस मौसम में सबसे ज्यादा इस बात को लेकर कंफ्यूजन रहता है कि पहनकर क्या निकलें? हम आपको कुछ ऐसे स्टाइलिश कुर्ता सेट के बारे में बात रहे हैं जिसे आप आसानी से पहन सकती हैं। इन कपड़ों में आपको ठंड भी महसूस नहीं होगी। ये आउटफिट दिखने में भी स्टाइलिश लगता है। आप इन कुर्तियों के सेट को कॉलेज या ऑफिस किसी भी जगह पर आसानी से पहन सकती हैं।

 

यह भी पढ़ें- गर्मियों में पहने ये स्टाइलिश शॉर्ट कुर्तियां, कलेक्शन देख लोग हो जाएंगे हैरान

मार्च महीने में पहने ये कुर्ता सेट

स्ट्रेट कट कुर्ता

 

यह कुर्ता आप ऑफिस या कॉलेजी कही भी पहन सकती है। यह दिखने में स्टाइलिश लगता है। आपको स्ट्रेट कट कुर्ता विभिन्न प्रकार के रंग और पैटर्न में मिल जाएंगे। आप स्ट्रेट कुर्ते को पयजामे और दुपट्टा के साथ पहने सकते हैं। आप इस कुर्ते को जींस के साथ भी पेयर कर सकते हैं।

 

प्रिटेंड कुर्ता और पैंट

 

आज कल ऑफिस जाने वाले महिलाएं प्रिटेंड कुर्ता और पैंट पहनना पसंद करती हैं। यह कैजुअल वियर के लिए बहुत ही अच्छा ऑप्शन है। आप इसे आउटफिट को इंडो वेस्टर्न लुक में भी स्टाइल कर सकती है।  

 

पोल्का डॉट कुर्ती और प्लाजो

 

पोल्का डॉट कुर्ती और प्लाजो सेट दिखने में स्टाइलिश लगता है। यह पहनने में बेहद आरामदायक होता है। गर्मियों में इससे बेहतरीन क्या हो सकता है? आप कुर्ती और प्लाजो को अलग-अलग चीजों के साथ भी स्टाइल कर सकती हैं।

 

यह भी पढ़ें: दूध से मसाले तक में मिलावट, आपकी सेहत पर असर क्या?

मार्च में फॉलो करें ये स्टाइल टिप्स

  • फुल स्लीव वाले कपड़े पहनें।
  • आप कुर्ती के साथ लाइट दुपट्टा या स्कार्फ भी ले सकते हैं।
  • दिन भर कंफर्टेबल कपड़े पहनें।
  • जूती और मोजरी पहनें। ये दोनों चीजें पैरों को गर्म रखेंगी।

नवरात्रि में मां कुष्मांडा की बरसेगी कृपा, कैसा रहेगा दिन? पढ़ें राशिफल


21 मार्च 2026 शनिवार का दिन है।आज के दिन चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के प्रभाव में रहेगा। आज का मूलांक 3 है, जो ज्ञान, विस्तार और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो चंद्रमा आज मेष राशि में गोचर करेंगे, जहां उनकी युति राहु के साथ होने से ‘ग्रहण दोष’ जैसी स्थिति बन रही है, हालांकि गुरु की शुभ दृष्टि इस नकारात्मकता को कम करेगी। सूर्य और बुध मीन राशि में स्थित हैं, जो आध्यात्मिक और बौद्धिक कार्यों के लिए आज के दिन को विशेष बनाते हैं। आज की ऊर्जा क्रियाशील होने के साथ-साथ थोड़ी अस्थिर भी हो सकती है, इसलिए महत्वपूर्ण निर्णयों में जल्दबाजी से बचना होगा।

 

पंचांग के अनुसार आज का दिन नई योजनाओं को गति देने और पुराने विवादों को सुलझाने के लिए उपयुक्त है। मूलांक 3 और शनिवार का संयोग यह बताता है कि आज कर्म प्रधान रहना ही सफलता की कुंजी होगी। आज की ऊर्जा हमें अपनी सीमाओं से बाहर निकलकर कुछ नया करने के लिए प्रेरित करेगी, लेकिन भावनाओं के अतिरेक में आकर कोई वादा करने से बचना चाहिए। विशेष रूप से व्यापारिक वर्ग के लिए आज का दिन रणनीतिक बदलावों का संकेत दे रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

 

यह भी पढ़ें: चैत्र अमावस्या के दिन कैसा रहेगा आपका भाग्य? पढ़ें राशिफल

 

12 राशिफल का हाल

मेष 


चंद्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे आप मानसिक रूप से काफी सक्रिय रहेंगे। कार्यस्थल पर आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी, लेकिन सहकर्मियों से बहस करने से बचें। आय के नए मार्ग खुलेंगे, अचानक धन लाभ संभव है। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा, जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। क्रोध और तनाव के कारण रक्तचाप बढ़ सकता है। 
क्या करें: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
 क्या न करें: आज किसी पर भी अंधा विश्वास न करें।

 

वृषभ

 
आज खर्चों की अधिकता आपको थोड़ा परेशान कर सकती है। विदेशी व्यापार से जुड़े लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है, नौकरीपेशा जातक काम में सावधानी बरतें। बचत पर ध्यान दें, निवेश के लिए दिन मध्यम है।  रिश्तों में थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है, संवाद बनाए रखें। पैरों में दर्द या अनिद्रा की समस्या हो सकती है।
 क्या करें: शनि देव को तिल का तेल अर्पित करें।
 क्या न करें: व्यर्थ की गपशप में समय नष्ट न करें।

 

यह भी पढ़ें: 20 या 21 मार्च, किस तारीख को मनाई जाएगी इस बार की ईद? जान लीजिए

 

मिथुन 


आज का दिन उपलब्धियों से भरा रहने वाला है। व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है, प्रमोशन के योग बन रहे हैं। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा, पुराने निवेश से लाभ मिलेगा। बड़े भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा, सामाजिक दायरा बढ़ेगा। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, ताजगी महसूस करेंगे।
 क्या करें: किसी गरीब को काली वस्तु का दान करें। 
क्या न करें: महत्वपूर्ण कार्यों को कल पर न टालें।

 

कर्क

 
कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का फल मिलने का समय आ गया है। उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। सुख-सुविधाओं पर खर्च होगा, लेकिन बजट संतुलित रहेगा।घर में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है।  खान-पान का ध्यान रखें, एसिडिटी की समस्या हो सकती है। 
क्या करें: शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाएं। 
क्या न करें: आज किसी से विवाद न मोल लें।

 

यह भी पढ़ें: आज आपके भाग्य में क्या है? मीन राशि में आ रहा चंद्रमा, जानिए राशिफल

 

सिंह 


भाग्य आज आपका पूरा साथ देने के लिए तैयार है। लंबी दूरी की व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। भाग्य के सहयोग से रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है।  पिता के साथ संबंधों में सुधार होगा, बच्चों की शिक्षा से राहत मिलेगी। पेट के विकारों के प्रति सचेत रहें।
 क्या करें: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
 क्या न करें: आज आलस्य को अपने पास न आने दें।

 

कन्या


आज आपको सावधानी और सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। कार्यक्षेत्र में कुछ छिपे हुए शत्रु सक्रिय हो सकते हैं, दस्तावेजों पर सोच-समझकर हस्ताक्षर करें। धन हानि के योग हैं, जोखिम भरे निवेश से बचें। ससुराल पक्ष से कोई विवाद हो सकता है, धैर्य रखें। स्वास्थ्य: वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें।
 क्या करें: पक्षियों को सात प्रकार का अनाज खिलाएं। 
क्या न करें: आज किसी नए काम की शुरुआत न करें।

 

तुला 


दांपत्य जीवन और साझेदारी के लिए आज का दिन शुभ है। साझेदारी के व्यापार में मुनाफा होगा, नए कॉन्ट्रैक्ट मिल सकते हैं। दैनिक आय में वृद्धि होगी, विलासिता की वस्तुओं पर खर्च संभव है। जीवनसाथी के साथ मधुर पल बिताएंगे, विवाह की चर्चा चल सकती है। त्वचा से संबंधित छोटी समस्या हो सकती है।
 क्या करें: माता लक्ष्मी को मिश्री का भोग लगाएं। 
क्या न करें: दूसरों की निजी बातों में दखल न दें।

 

वृश्चिक


आज आप अपनी सूझबूझ से शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलेगी, नौकरी में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। उधार लिया हुआ पैसा चुकाने में सफल रहेंगे। ननिहाल पक्ष से सहयोग मिल सकता है, संतान की ओर से शुभ समाचार मिलेगा। पुराने रोगों में सुधार होगा, योग का अभ्यास करें।
 क्या करें: चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
 क्या न करें: नकारात्मक विचारों को मन में जगह न दें।

 

धनु 


शिक्षा और प्रेम संबंधों के लिए आज का दिन उत्साहजनक है। रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को मान-सम्मान मिलेगा, शेयर बाजार से लाभ हो सकता है। आय सामान्य से बेहतर रहेगी, मनोरंजन पर खर्च करेंगे। प्रेमी के साथ रिश्तों में प्रगाढ़ता आएगी, पुराने मित्रों से मुलाकात होगी।  मानसिक रूप से प्रसन्न और ऊर्जावान रहेंगे।
 क्या करें: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 
क्या न करें: जुआ और सट्टेबाजी से दूर रहें।

 

मकर


आज सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी, लेकिन मानसिक शांति का अभाव रह सकता है। प्रॉपर्टी से संबंधित बिजनेस में लाभ होगा, सरकारी नौकरी वाले सावधान रहें।  वाहन या भूमि खरीदने के योग बन रहे हैं। घर की शांति बनाए रखने के लिए समझौता करना पड़ सकता है। माता के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है। 
क्या करें: पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 
क्या न करें: आज भावुक होकर कोई फैसला न लें।

 

कुंभ 


पराक्रम और पुरुषार्थ में वृद्धि का दिन है।  छोटी दूरी की व्यावसायिक यात्राएं लाभदायक रहेंगी, मार्केटिंग के काम सफल होंगे।  मेहनत के अनुसार फल मिलेगा, आय स्थिर रहेगी।  भाई-बहनों के साथ संबंधों में सुधार होगा, पड़ोसी के साथ विवाद सुलझ सकता है। कान या गले में तकलीफ हो सकती है। 
क्या करें: शनि चालीसा का पाठ करें।
 क्या न करें: किसी भी काम में शॉर्टकट अपनाने से बचें।

 

मीन


वाणी पर नियंत्रण रखें, आपकी बात किसी को चुभ सकती है।  पारिवारिक व्यवसाय में विस्तार होगा, कार्यस्थल पर संयम बनाए रखें। धन संचय करने में सफल रहेंगे, जेवर खरीदने की योजना बन सकती है। घर में किसी मेहमान का आगमन हो सकता है, माहौल खुशनुमा रहेगा।दांतों या मुख से संबंधित समस्या हो सकती है। 
क्या करें: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
 क्या न करें: आज किसी को उधार पैसा न दें।

 

 

नोट: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और सकारात्मकता के साथ दिन का आनंद लें।

 

 

ईरान को तबाह करने चले थे, सीज फायर कर बैठे, पल-पल क्यों बदलती है ट्रंप की चाल?


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए ईरान पर रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने धमकी दी थी कि अगर अगले 48 घंटे के भीतर ईरान ने होर्मुज से होने वाली आवाजाही में दखल खत्म नहीं की तो विनाशकारी परिणाम होंगे। अब ईरान पर अचानक ट्रंप का रुख बदल गया है। 

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान ने हार्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल नहीं दिया तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट पर हमले करेगा। अमेरिका ऊर्जा सेक्टर पर हमला करेगा। डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतें अचानक बढ़ गईं थीं। अब वह अपनी धमकी से ही मुकर गए हैं। 

यह भी पढ़ें: ‘ट्रंप पीछे हट गए’, ट्रंप के हमला रोकने के बयान पर ईरान का जवाब

ईरान से डर या या नई चाल, सीज फायर क्यों?

सोमवार सुबह डोनाल्ड ट्रंप ने अपना फैसला बदल दिया। उन्होंने कहा कि अब ईरान को पांच दिन का और समय दिया जा रहा है क्योंकि बातचीत में प्रगति हो रही है। ईरान ने साफ कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। डोनाल्ड ट्रंप का फैसला बदलने पर अब कई सवाल उठ रहे हैं। 

क्यों चौंका रहा है डोनाल्ड ट्रंप का फैसला?

डोनाल्ड ट्रंप के आलोचक कह रहे हैं कि यह उनकी कोई नई चाल है। वह युद्ध में किसी भी नीति का पालन नहीं करते हैं, ईरान को वक्ती मोहलत देकर अचानक 28 फरवरी की हमला करेंगे और भीषण तबाही मचाएंगे। आलोचकों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप, हर बात से पीछे हटते हैं, पलटी मारते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप को डर था कि हमला करने से युद्ध और बढ़ सकता है। दुनियाभर की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

यह भी पढ़ें: अमेरिका से जंग मुनाफे का सौदा? होर्मुज से तगड़ी कमाई कर रहा ईरान

आर्थिक नजरिए से कैसा है यह फैसला?

डोनाल्ड ट्रंप ने 5 दिन का समय देने का एलान, अमेरिकी समय के हिसाब से सोमवार सुबह बाजार खुलने से ठीक पहले किया था। अगर उनका एलान सामने न आता तो अमेरिकी शेयर मार्केट का डूबना तय था। एलान के बाद शेयर बाजार मजबूत हो गए और तेल की कीमतें गिर गईं।

मार्केट देखकर एलान करते हैं डोनाल्ड ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी अर्थव्यवस्था को गिराने-उठाने वाले माहिर खिलाड़ी हो गए हैं। वह अपने हम रणनीतिक एलानों को अक्सर, बाजार के खुले या बंद होने के समय पर ही करते हैं। CNN की एक रिपोर्ट बताती है कि अप्रैल 2024 में ‘लिबरेशन डे’ का एलान, उन्होंने शेयर मार्केट बंद होने पर किया था। टैरिफ लागू भी शनिवार आधी रात के बाद किए गए जब बाजार बंद थे।  डोनाल्ड ट्रंप ने एलान के बाद कहा, ‘शांत रहिए। सब कुछ अच्छा से काम करेगा। यह खरीदने का सही वक्त है।’ उन्होंने चीन पर 130 प्रतिशत टैरिफ का एलान, शुक्रवार को बाजार बंद होने के 20 मिनट बाद किया था।

यह भी पढ़ें: अमेरिका को सिर पर बिठाया, ईरान से पंगा, खाड़ी के देशों की मजबूरी क्या है ?

ईरान युद्ध के एलान भी रणनीति थी?

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर पहले हमलों का एलान भी शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद किया था। वीडियो मैसेज शनिवार सुबह 2:30 बजे जारी हुआ। जून में ईरान पर हमला और जनवरी में वेनेजुएला के राष्ट्रपति को हटाने का ऑपरेशन भी वीकेंड पर हुआ। ट्रंप, बाजार को अपने हिसाब से नियंत्रित करना चाहते है।

कैसे पलटते हैं डोनाल्ड ट्रंप, समझिए

दो सप्ताह पहले, 9 मार्च को डोनाल्ड ट्रंप ने एक रिपोर्ट से कहा था कि जंग के 10 दिन हो गए हैं। यह युद्ध, बहुत हद तक पूरा हो गया है। उनके बयान के बाद अचानक फाइनेंशियल मार्केट के सारे इंडेक्स, ऊपर उठ गए थे। बाजार बंद होने के बाद एक रैली में उन्होंने कहा था, ‘हमने कई तरीकों से जीत हासिल की है लेकिन अभी काफी कुछ बाकी है।’

नया एलान भी ट्रंप की रणनीति है?

सोमवार को ट्रंप का पांच दिन का समय देने वाला एलान बाजार खुलने से पहले किया गया। बाजार को उन्होंने बड़ा नुकसान होने से बचाया है। अब नई समयसीमा वीकेंड के बाद खत्म होगी जब बाजार बंद रहेंगे।

यह भी पढ़ें: 24 दिनों की जंग, सिर्फ तबाही, ईरान से जंग हारे ट्रंप-नेतन्याहू? इनसाइड स्टोरी

डोनाल्ड ट्रंप अचानक क्यों पलटे हैं?

डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि बातचीत अच्छी चल रही है इसलिए समय बढ़ाया गया। ईरान इनकार कर रहा है। आलोचक मानते हैं कि ट्रंप बाजार को स्थिर रखने और आर्थिक दबाव कम करने के लिए ऐसे समय पर ऐलान करते हैं। चाहे युद्ध का फैसला हो या टैरिफ का, ट्रंप की घोषणाएं अक्सर वॉल स्ट्रीट के शेड्यूल से मैच करती दिखती हैं। अब देखना होगा कि 5 दिन बाद क्या होता है। क्या ट्रंप, हमले बढ़ाते हैं या पलट जाते हैं।