मुंबई। मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने ठगी करने वाले तीन फर्जी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। ये तीनों आरोपी फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह में शामिल थे। आरोपियों ने मुंबई पुलिस की यूनिट का ऐसा आई कार्ड बनाया था, जो होता ही नहीं है। आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करते थे।
मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी राज तिलक रौशन ने बताया कि ये लोग बकायदा पुलिस स्टीकर लगी कार, नेम प्लेट लगी पुलिस की वर्दी और पुलिस का डंडा, नकली रिवॉल्वर लेकर घूमते थे। पूछताछ के लिए आरोपियों को पुलिस रिमांड में लिया गया है। मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के निर्देश पर मुंबई क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट सीपी अनिल कुंभारे एवं एडिशनल सीपी कृष्णकांत उपाध्याय और डीसीपी राजतिलक रौशन, सहायक पुलिस आयुक्त (डी दक्षिण) दिनकर शिलवटे के नेतृत्व में आरोपियों को अंधेरी (पूर्व) के 5-स्टार ‘द लीला होटल’ से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी सरकारी पहचान पत्र और पुलिस अधिकारी का रौब दिखाकर बैंक से लोन मंजूर कराने का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठते थे। आरोपियों के पास से नकली पुलिस अधिकारी के नाम पर बने फर्जी पहचान पत्र और अन्य नकली दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इस मामले में मुंबई के सहार पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं, जिनमें साल 2025 में कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन, साल 2018 में साकीनाका और खेतवाड़ी पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी के कई अलग-अलग मामले दर्ज है।
मुंबई क्राइम ब्रांच को मिली शिकायत के आधार पर मानव एवं तकनीकी जांच में पता चला कि आरोपी अंधेरी स्थित ‘द लीला होटल’ आने वाला है। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर को तीनों संदिग्धों को MH12 XH 9447 नंबर की पुलिस नेम प्लेट लगी ग्रे रंग की टाटा पंच कार सहित हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होने के फर्जी सरकारी पहचान पत्र और अन्य नकली दस्तावेज बरामद किए गए।
क्राइम ब्रांच की टीम ने मुख्य आरोपी मोहम्मद गौश इब्राहिम खतीब (Assistant Commissioner of Police), जो 10वीं तक पढ़ा है और सांगली का रहने वाला है, इसके अलावा कल्याण निवासी डॉ राज खतीब (Police Sub Inspector) और सांगली निवासी मशाब खतीब (Executive Member) फर्जी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-1 ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की है। इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर यह पता लगा लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने इस तरह कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
BNS की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज
इस मामले में मुंबई अपराध शाखा की प्रॉपर्टी सेल ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 204, 205, 318(4), 319, 336(3), 337, 340 और 3(5) के तहत आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया है।












