सिद्धार्थनगर में नेपाल कृष्णानगर पुलिस ने बढ़नी-कृष्णानगर सीमा पर 22 अप्रैल बुधवार को 14 किलोग्राम चरस के साथ चार नेपाली तस्करों को गिरफ्तार किया। ये तस्कर सिद्धार्थनगर के रास्ते भारत में प्रवेश कर मादक पदार्थ को देश के विभिन्न हिस्सों में पहुँचाने की तैयारी में थे। इस घटना ने सीमा पर निगरानी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया है। नेपाल के कपिलवस्तु जिले की कृष्णानगर पुलिस को चरस तस्करी की पुख्ता जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर, पुलिस ने सादे कपड़ों में जवानों को तैनात कर सीमा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी। बुधवार को चार संदिग्ध व्यक्तियों को भारत की ओर बढ़ते हुए देखा गया, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास से 14 किलोग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, तस्करों ने चरस को अपनी कमर पर बेल्ट के रूप में छिपा रखा था। यह दर्शाता है कि मादक पदार्थों की तस्करी के तरीके अधिक संगठित और शातिर होते जा रहे हैं। यदि समय रहते कार्रवाई न होती, तो यह बड़ी खेप आसानी से सिद्धार्थनगर के रास्ते भारत में प्रवेश कर जाती। मादक पदार्थों की ढुलाई करते हैं गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नकुल घर्ती मगर, दिल कुमारी घर्ती मगर, मनीषा घर्ती मगर और दिलकुमारी घर्ती के रूप में हुई है, ये सभी नेपाल के नागरिक हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि सभी आरोपी कैरियर के तौर पर काम कर रहे थे, जो एक बड़े तस्करी नेटवर्क के लिए मादक पदार्थों की ढुलाई करते हैं। नेपाल पुलिस के उपाधीक्षक रिपेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि यह चरस की खेप सिद्धार्थनगर सीमा से भारत में प्रवेश कर विभिन्न राज्यों में सप्लाई की जानी थी। इस खुलासे ने सीमा सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से संकेत मिलता है कि बढ़नी-कृष्णानगर सीमा तस्करों के लिए एक आसान मार्ग बन गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय नेटवर्क के कारण मादक पदार्थों की आवाजाही पर प्रभावी ढंग से रोक नहीं लग पा रही है, जिससे स्थानीय प्रशासन की सतर्कता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नेपाल पुलिस ने बढ़नी-कृष्णानगर बॉर्डर पर 14 किलो चरस पकड़ा:सिद्धार्थनगर के रास्ते देशभर में होनी थी सप्लाई
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