लखनऊ। शनिवार नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया (एनएसयूआई) ने अंडर ग्रेजुएट एंट्रेंस एप्लीकेशन फीस में बढ़ोतरी और सेल्फ-फाइनेंस कोर्स की फीस में भारी बढ़ोतरी के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन किया।
फीस वृद्धि एक तुगलकी कदम है विश्वविद्यालय का जिससे छात्रों और उनके परिवारों पर बढ़ते पैसे का बोझ बेहद चिंताजनक है। एनएसयूआई ने इस “गलत और अलग-थलग करने वाली” फीस बढ़ोतरी के खिलाफ अपनी आवाज उठाई, जिससे हायर एजुकेशन तक सभी वर्गों के छात्रों की बराबर पहुँच को खतरा है।
एनएसयूआई के प्रतिनिधियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बढ़ती एप्लीकेशन और कोर्स फीस आर्थिक रूप से कमजोर तबके के छात्रों पर बहुत ज्यादा असर डालती है, जिससे काबिल उम्मीदवारों को पढ़ाई के मौकों से दूर रहना पड़ सकता है। संगठन ने 48 घंटे का चेतावनी दिया है प्रशासन को की अगर फीस वृद्धि वापस नहीं हुई तो सोमवार को अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा। एनएसयूआई ने प्रमुख मांग की हैं।
जिसमे यूजी एंट्रेंस एप्लीकेशन फीस बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए और सेल्फ-फाइनेंस कोर्स की फीस तत्काल प्रभाव से कम की जाए शामिल हैं। इस मौके पर बोलते हुए, एनएसयूआई नेता प्रिंस प्रकाश ने कहा कि अगर मांगों पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया तो यह प्रोटेस्ट एक बड़े आंदोलन की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा की हमको पता था पहले से ही की कुलपति अनुपस्थित होंगे इसलिए हम लोग ने 48 घंटे का अल्टीमेटम प्रशासन को दिया है इस विषय में।












