लखनऊ। डॉ0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के अंतर्गत स्थापित कलाम incubation सेंटर में बुधवार को 16 स्टार्टअप (इन्क्युबेटेड) जुड़े। कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय के निर्देशन में इनक्युबेटेड ये स्टार्टअप्स विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। कलाम incubation सेंटर की ओर से कई चक्रों के परीक्षण के बाद इन स्टार्टअप को इन्क्युबेटेड किया गया है।
कलाम इन्क्यबेशन सेंटर के निदेशक प्रो राजीव कुमार एवं डॉ अनुज कुमार शर्मा द्वारा स्टार्टअप को आगे की दिशा एवं शुभकामनाएँ प्रदान की गई। इनोवैशन हब के सी ई ओ महीप सिंह द्वारा स्टार्टअप्स को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किये जाने वाले अनुदान के बारे में विस्तरत जानकारी प्रदान की गई।
आगे बढ़ने में मिलेगी मदद
विश्वविद्यालय के इनोवेशन हब के नेतृत्व में काफी संख्या में स्टार्टअप सफलता की ओर बढ़ रहे हैं। स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए एक इको सिस्टम तैयार किया है। उन्हें न केवल वर्किंग स्पेश दिया जाएगा बल्कि एक्सपर्ट से मार्गदर्शन भी मिलेगा। साथ ही स्टार्टअप के लिए सरकार की ओर से चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं, फंड्स की भी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा इनोवेशन हब की ओर से समय समय पर इंटनेशनल ट्रेड शो में प्रतिभाग करने का अवसर भी दिया जाएगा।
डिवाइस बतायेगी ओरल कैंसर है या नहीं यदि समय रहते कैंसर का पता चल जाये तो काफी लोग इस गंभीर बीमारी से बच सकते हैं। लेकिन इसका पता चलने में काफी देर हो जाती है। साथ ही बीमारी की जांच और रिपार्ट आने में भी टाइम लगता है।
इस समस्या का हल निकाला है इनोवेशन हब में इन्क्युबेट हुई डॉ0 पवन कुमार राय एवं आमान आरिफ की कंपनी अनविद रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रा0 लिमिटेड ने। कंपनी ने ऐसी डिवाइस बनायी है जो ओरल कैंसर और टीबी, किडनी और लीवर की जांच मिनटों में करेगा। अभी यह प्रोडक्ट प्रोटोटाइप स्तर पर है। कंपनी ने ओरल कैंसर के लिए ऑनकोकॉन्टिस डिवाइस बनाया है। इस डिवाइस को मुंह में लगाना होगा। इसमें लगा हाई डिफिनेशन कैमरा मुंह की 360 डिग्री इमेज लेगा। जो स्क्रीन पर दिखेगी। साथ ही सांसों के जरिये कैंसर के लक्षणों का पता लगायेगा।
एआई आधारित यह डिवाइस कुछ ही मिनटों में प्राथमिक तौर पर जांच कर परिणाम दे देगी। हालांकि यह अभी प्रोटोटाइप स्तर पर है।इसी तरह कंपनी ने प्राणा एक्सपर्ट डिवाइस भी बनाया है। यह डिवाइस मुंह में लगानी पड़ी है। इसके जरिये टीबी, किडनी और लीवर की जांच की जा सकती है। यह डिवाइस सांसों में बैक्टिरिया की पहचान कर तुरंत जांच करेगा।
इसी तरह इन्क्युबेटेड हुए आयुष सिंह और शिवम पासवान की कंपनी ट्रेडवर्ष ट्रेडर्स की मदद के लिए एआई मेंटॉर ला रही है। यह सॉफ्टवेयर पैसा लगाने वालों की एक्सपर्ट के रूप में मदद करेगा। ताकि लोगों को बाजार की सही जानकारी मिले। जिससे कि उनका पैसा डूबने से बच सके। यह स्टार्टअप अभी पायलट टेस्टिंग के दौर में है।












